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guru ka pushya nakshatra me gochar: ज्योतिष शास्त्र में गुरु का शनि के पुष्य नक्षत्र में गोचर अत्यंत दुर्लभ और अत्यंत शुभ माना जाता है। वर्तमान में गुरु चंद्र की राशि कर्क राशि में हैं और इसी राशि में रहते हुए वे 18 जून को शनि के नक्षत्र पुष्‍य में प्रवेश कर जाएंगे जहां वे 18 अगस्त तक रहेंगे। पुष्य को 'नक्षत्रों का राजा' माना जाता है, जिसके देवता स्वयं बृहस्पति हैं और स्वामी शनि देव हैं। चूंकि गुरु इस समय अपनी सबसे शक्तिशाली (उच्च) स्थिति में हैं, इसलिए यह नक्षत्र परिवर्तन अधिकांश राशियों के लिए सकारात्मक रहेगा। आइए जानते हैं कि यह गोचर किस राशि के लिए विशेष शुभ (भाग्यशाली) रहेगा और किन्हें थोड़ी सावधानी बरतने की जरूरत होगी।

 

इन राशियों के लिए रहेगा “बेहद शुभ” (Lucky Signs)

1. कर्क राशि (Cancer)

गुरु आपकी ही राशि के लग्न भाव में उच्च के होकर पुष्य नक्षत्र में गोचर कर रहे हैं।


प्रभाव: यह समय आपके लिए किसी वरदान से कम नहीं है। आपके मान-सम्मान में भारी वृद्धि होगी, मानसिक तनाव दूर होगा और निर्णय लेने की क्षमता मजबूत होगी। वैवाहिक जीवन की परेशानियां खत्म होंगी और अविवाहितों के विवाह के योग बनेंगे।


 

2. धनु राशि (Sagittarius)

धनु राशि के स्वामी स्वयं बृहस्पति हैं। इस गोचर से आपको आर्थिक रूप से बड़ा फायदा हो सकता है।


प्रभाव: अचानक धन लाभ के योग बनेंगे। अगर आपका पैसा कहीं फंसा हुआ था, तो वह वापस मिल सकता है। करियर और व्यापार में नए अवसर मिलेंगे। सुख-सुविधाओं और संपत्ति में निवेश के लिए यह बेहतरीन समय है।


 

3. कन्या राशि (Virgo)

आपके ग्यारहवें भाव (आय भाव) में यह गोचर होने जा रहा है, जो आर्थिक समृद्धि का संकेत है।


प्रभाव: आमदनी के नए स्रोत खुलेंगे और लंबे समय से अटकी हुई इच्छाएं पूरी होंगी। कार्यक्षेत्र में आपके काम की तारीफ होगी और पदोन्नति (Promotion) की संभावनाएं बनेंगी। बड़े भाई-बहनों और मित्रों का पूरा सहयोग मिलेगा।


 

4. वृश्चिक राशि (Scorpio)

यह गोचर आपके भाग्य स्थान (नौवें भाव) को प्रभावित करेगा।


<strong>प्रभाव: </strong>किस्मत का पूरा साथ मिलेगा। जो काम पिछले कई महीनों से रुके हुए थे, वे अचानक गति पकड़ेंगे। धार्मिक यात्राओं के योग बनेंगे। उच्च शिक्षा या विदेश जाने की इच्छा रखने वाले छात्रों को सफलता मिलेगी।


 

5. मकर राशि (Capricorn)

यह गोचर आपके सातवें भाव (साझेदारी और विवाह) में हो रहा है।


<strong>प्रभाव: </strong>व्यापार में बड़ी साझेदारी (Partnerships) लाभदायक साबित होगी। जीवनसाथी के साथ रिश्ते मजबूत होंगे और यदि व्यापार में कोई मंदी चल रही थी, तो वह दूर होगी। समाज में आपकी प्रतिष्ठा बढ़ेगी।


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इन राशियों को बरतनी होगी “विशेष सावधानी” (Signs need to be cautious)

गुरु का यह गोचर किसी भी राशि के लिए पूरी तरह &#039;अशुभ&#039; नहीं है क्योंकि गुरु उच्च के हैं, लेकिन कुछ राशियों को अपनी स्थिति (Houses) के कारण थोड़ा संभलकर रहना होगा।


 

सिंह राशि (Leo): 

गुरु आपकी राशि से 12वें भाव में गोचर करेंगे। इसके कारण आपके खर्चों में अचानक बढ़ोतरी हो सकती है। हालांकि यह खर्च धार्मिक या शुभ कार्यों पर हो सकता है, फिर भी बजट बनाकर चलें और निवेश सोच-समझकर करें।


 

कुंभ राशि (Aquarius):

छठे भाव में गोचर होने के कारण आपको अपने स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखना होगा। पेट से जुड़ी समस्याएं या मोटापा परेशान कर सकता है। कोर्ट-कचहरी के मामलों में सफलता मिलेगी, लेकिन विरोधियों से सावधान रहें। किसी को बड़ा कर्ज देने से बचें।


 

तुला राशि (Libra):

आपके दसवें भाव में गोचर होने से कार्यक्षेत्र में जिम्मेदारियां बहुत बढ़ जाएंगी। काम का दबाव (Workload) मानसिक तनाव दे सकता है। सीनियर्स के साथ बातचीत करते समय अहंकार (Ego) से बचें, अन्यथा विवाद हो सकता है।


 

बाकी बची राशियों के लिए प्रभाव (Aries, Taurus, Gemini, Pisces)

<span style="color:#800000">इन राशियों के लिए यह गोचर सामान्य से बेहतर (Average to Good) रहेगा। </span>
  1. मेष राशि वालों को भूमि-भवन का लाभ होगा।
  2. वृषभ राशि वालों के साहस और भाई-बहनों से संबंधों में सुधार होगा। 
  3. मिथुन राशि वालों की वाणी का प्रभाव और बैंक बैलेंस बढ़ेगा।
  4. मीन राशि वालों को संतान सुख व शिक्षा में प्रगति मिलेगी।
 

नक्षत्र गोचर का अचूक उपाय: 

गुरु के शुभ प्रभावों को बढ़ाने और नकारात्मकता को दूर करने के लिए प्रतिदिन “ॐ बृं बृहस्पतये नमः” मंत्र का जाप करें या गुरुवार के दिन केले के वृक्ष में जल अर्पित करें। माथे पर प्रतिदिन केसर का तिलक लगाएं। गुरुवार के दिन मंदिर में पीली वस्तुओं का करें दान।

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