Kanpur News: कानपुर में एक अलग ही रईस निकला. 13 कंपनियां और 323 करोड़ का मालिक फिलहाल जेल की सलाखों के पीछे है. वजह है महाठगी. महाठग संजीव दीक्षित को पुलिस ने फर्जी कंपनी बनाने और लेनदेन के मामले में गिरफ्तार किया है.
कानपुर में महाठग गिरफ्तार.
कानपुर पुलिस ने 323 करोड़ रुपये के फर्जी कंपनी और जीएसटी घोटाले का खुलासा करते हुए मुख्य आरोपी संजीव दीक्षित को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस के मुताबिक आरोपी बेरोजगार और आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के दस्तावेजों का दुरुपयोग कर फर्जी कंपनियां बनाता था और उन्हीं के जरिए करोड़ों रुपये का संदिग्ध लेन-देन किया जाता था. मामले में अब तक 10 आरोपियों को जेल भेजा जा चुका है जबकि कई अन्य लोगों की भूमिका की जांच जारी है.
कमिश्नरेट कानपुर नगर में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत चकेरी पुलिस ने राजीव नगर, ज्वाला मार्केट निवासी शातिर आरोपी संजीव दीक्षित उर्फ संजीव कुमार को गिरफ्तार किया है. पुलिस के अनुसार आरोपी अपने साथियों के साथ मिलकर बेरोजगार और जरूरतमंद लोगों को मुद्रा लोन, बेरोजगारी भत्ता और सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने का झांसा देता था. इसके बाद उनके आधार कार्ड, पैन कार्ड और अन्य दस्तावेज लेकर फर्जी फर्म और जीएसटी पंजीकरण कराता था.
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, संजीव दीक्षित पहले भी राजस्व चोरी के एक मामले में वर्ष 2024 में जेल जा चुका है. करीब छह महीने जेल में रहने के बाद उसने फिर से अवैध कारोबार शुरू कर दिया. इस बार उसने स्क्रैप, चमड़ा और अन्य कारोबारों के नाम पर 13 बोगस कंपनियां खड़ी कीं और इनके जरिए करोड़ों रुपये का संदिग्ध लेनदेन किया.
पप्पू छूरी के नेटवर्क से संबंध
जांच के दौरान 12 बैंकों की 30 से अधिक शाखाओं में खाते होने की जानकारी सामने आई है. पुलिस को आशंका है कि इन खातों का इस्तेमाल फर्जी बिलिंग, टैक्स चोरी और हवाला जैसे अवैध वित्तीय लेनदेन के लिए किया गया है. दस्तावेजों और बैंक रिकॉर्ड की जांच में 323 करोड़ रुपये के ट्रांजैक्शन की पुष्टि हुई है. पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि संजीव दीक्षित का संबंध 3200 करोड़ रुपये के अवैध लेनदेन मामले में गिरफ्तार किए जा चुके महफूज आलम उर्फ पप्पू छूरी के नेटवर्क से था.
3 माह में 5 करोड़ का लेन देन
अधिकारियों के अनुसार, दोनों के बीच तीन महीने के भीतर करीब पांच करोड़ रुपये का लेनदेन हुआ था. इसी कड़ी को जोड़ते हुए पुलिस ने आरोपी तक पहुंच बनाई. कानपुर पुलिस अब तक इस बड़े अवैध लेनदेन नेटवर्क से जुड़े 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है. वहीं, संजीव दीक्षित की गिरफ्तारी के बाद जांच का दायरा और बढ़ा दिया गया है.
पुलिस के रडार पर उससे जुड़े चार्टर्ड अकाउंटेंट, कंपनी सेक्रेट्री, जीएसटी वकील, जीएसटी विभाग के कुछ कर्मचारी और बैंक कर्मी भी हैं. अधिकारियों का कहना है कि पूरे नेटवर्क की गहन जांच की जा रही है और जल्द ही इस मामले में कई और बड़े खुलासे हो सकते हैं.
About the Author
Kavya Mishra is working with News18 Hindi as a Senior Sub Editor in the regional section (Uttar Pradesh, Uttarakhand, Haryana and Himachal Pradesh). Active in Journalism for more than 7 years. She started her j…और पढ़ें
- व्हाट्स एप के माध्यम से हमारी खबरें प्राप्त करने के लिए यहाँ क्लिक करें।
- टेलीग्राम के माध्यम से हमारी खबरें प्राप्त करने के लिए यहाँ क्लिक करें।
- हमें फ़ेसबुक पर फॉलो करें।
- हमें ट्विटर पर फॉलो करें।
———-
🔸 स्थानीय सूचनाओं के लिए यहाँ क्लिक कर हमारा यह व्हाट्सएप चैनल जॉइन करें।
Disclaimer: This story is auto-aggregated by a computer program and has not been created or edited by Ghaziabad365 || मूल प्रकाशक ||



