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India Bangladesh Border News: भारत और बांग्लादेश ने 4000 किलोमीटर लंबी सीमा पर अवैध घुसपैठ रोकने के लिए बड़ा फैसला लिया है. अब सीमा पर ड्रोन निगरानी, रीयल-टाइम इंटेलिजेंस शेयरिंग और संयुक्त पेट्रोलिंग को और मजबूत किया जाएगा. बीएसएफ और बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश की बैठक के बाद दोनों देशों ने सीमा सुरक्षा को हाईटेक बनाने पर सहमति जताई है. इस कदम को घुसपैठ और तस्करी रोकने की दिशा में बड़ा बदलाव माना जा रहा है.
भारत और बांग्लादेश ने 4000KM सीमा पर ड्रोन सर्विलांस, इंटेलिजेंस शेयरिंग और संयुक्त पेट्रोलिंग बढ़ाने का फैसला लिया. (सांकेतिक फोटो PTI)
नई दिल्ली: भारत और बांग्लादेश के बीच फैली 4000 किलोमीटर लंबी सीमा अब सिर्फ तारबंदी और जवानों के भरोसे नहीं रहने वाली. सीमा पर बदलते हालात और लगातार बढ़ती अवैध घुसपैठ की घटनाओं के बीच अब टेक्नोलॉजी को सबसे बड़ा हथियार बनाया जा रहा है. ड्रोन, रीयल-टाइम इंटेलिजेंस और कोऑर्डिनेटेड पेट्रोलिंग के जरिए सीमा की निगरानी पहले से कहीं ज्यादा सख्त होने जा रही है. भारत सरकार ने साफ संकेत दे दिया है कि अब बिना दस्तावेज सीमा पार करने वालों के लिए हालात आसान नहीं रहने वाले. खासकर पश्चिम बंगाल, असम और त्रिपुरा जैसे सीमावर्ती राज्यों में सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं. बीएसएफ और बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश के बीच हुई अहम बैठक के बाद जो फैसला सामने आया है, उसे सीमा सुरक्षा के लिहाज से बड़ा बदलाव माना जा रहा है. माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में बॉर्डर पर ड्रोन निगरानी और इंटेलिजेंस ऑपरेशन का दायरा और तेज होगा.
न्यूज एजेंसी रॉटर्स की रिपोर्ट के अनुसार भारत और बांग्लादेश के रिश्तों में हाल के महीनों में अवैध प्रवासियों का मुद्दा सबसे संवेदनशील बनकर उभरा है. बांग्लादेश ने भारत पर आरोप लगाया है कि बिना पूरी कानूनी प्रक्रिया के लोगों को सीमा पार भेजने की कोशिश की जा रही है. दूसरी तरफ भारत का कहना है कि बिना दस्तावेज वाले लोगों की पहचान कर उन्हें वापस भेजना जरूरी है. इसी तनाव के बीच नई दिल्ली में बीएसएफ और बीजीबी के शीर्ष अधिकारियों की चार दिवसीय बैठक हुई. बैठक के बाद जारी संयुक्त बयान में दोनों देशों ने सीमा पर बेहतर तालमेल, रीयल-टाइम खुफिया जानकारी साझा करने और समन्वित गश्त बढ़ाने पर सहमति जताई. यह फैसला ऐसे समय आया है जब सीमा पार गतिविधियों को लेकर दोनों देशों की चिंता लगातार बढ़ रही है.
सीमा पर हाईटेक निगरानी का नया प्लान
- संयुक्त बयान के मुताबिक भारत और बांग्लादेश अब सीमा पर अवैध और जबरन होने वाली क्रॉसिंग रोकने के लिए नई रणनीति पर काम करेंगे. इसमें ड्रोन निगरानी सबसे अहम हिस्सा होगी. बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश ने भी माना कि हाल के हफ्तों में उसने कई अवैध घुसपैठ की कोशिशों को रोका है. इसके लिए उसने सीमाई इलाकों में अतिरिक्त तैनाती, इंटेलिजेंस ऑपरेशन और ड्रोन सर्विलांस बढ़ाई है. भारत की तरफ से भी बीएसएफ को टेक्नोलॉजी आधारित निगरानी मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं. माना जा रहा है कि आने वाले समय में सीमा पर एआई आधारित मॉनिटरिंग सिस्टम भी इस्तेमाल किए जा सकते हैं.
- भारत और बांग्लादेश की सीमा दुनिया की सबसे लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमाओं में गिनी जाती है. लगभग 4000 किलोमीटर लंबी इस सीमा का बड़ा हिस्सा नदी, जंगल और गांवों से होकर गुजरता है. यही वजह है कि घुसपैठ, तस्करी और मानव तस्करी जैसी गतिविधियों को रोकना सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती बन जाता है. भारत की सत्ताधारी बीजेपी लंबे समय से बिना दस्तावेज वाले प्रवासियों के मुद्दे को राष्ट्रीय सुरक्षा और जनसंख्या संतुलन से जोड़कर उठाती रही है. खासकर असम और पश्चिम बंगाल में यह मुद्दा राजनीतिक रूप से बेहद संवेदनशील माना जाता है.
- बांग्लादेश ने इस पूरे मामले पर नाराजगी भी जताई है. बांग्लादेश की विदेश राज्य मंत्री शमा ओबेद इस्लाम ने साफ कहा कि बिना सही प्रक्रिया के लोगों को जबरन सीमा पार भेजना स्वीकार नहीं किया जाएगा. उन्होंने चेतावनी दी कि इससे दोनों देशों के रिश्तों पर असर पड़ सकता है. जानकारी के मुताबिक ढाका ने इस मुद्दे पर भारत को एक दर्जन से ज्यादा पत्र भी भेजे हैं. हालांकि दोनों देशों ने आधिकारिक बयान में सीमा पर शांति और सहयोग बनाए रखने की प्रतिबद्धता दोहराई है.
नवंबर में फिर होगी बड़ी बैठक
संयुक्त बयान में यह भी कहा गया कि मानव तस्करी, सीमा पर होने वाली मौतों, तस्करी और बॉर्डर इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे मुद्दों पर भी विस्तार से चर्चा हुई. दोनों देशों ने ‘कोऑर्डिनेटेड बॉर्डर मैनेजमेंट प्लान’ को और मजबूत करने पर जोर दिया. अधिकारियों के मुताबिक अगली उच्चस्तरीय बैठक नवंबर में ढाका में होगी. तब तक सीमा पर संयुक्त ऑपरेशन और इंटेलिजेंस शेयरिंग को और तेज किया जाएगा.
ड्रोन निगरानी से क्या बदलेगा?
ड्रोन निगरानी का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि सीमा के संवेदनशील इलाकों पर 24 घंटे नजर रखी जा सकेगी. नदी और जंगल वाले हिस्सों में जहां जवानों की लगातार मौजूदगी मुश्किल होती है, वहां ड्रोन तेजी से संदिग्ध गतिविधियों को पकड़ सकेंगे. सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि इससे घुसपैठ और तस्करी पर काफी हद तक रोक लगाई जा सकेगी. साथ ही दोनों देशों के बीच रीयल-टाइम इंटेलिजेंस शेयरिंग से कार्रवाई और तेज होगी.
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सुमित कुमार News18 हिंदी में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं. वे पिछले 4 साल से यहां सेंट्रल डेस्क टीम से जुड़े हुए हैं. उनके पास जर्नलिज्म में मास्टर डिग्री है. News18 हिंदी में काम करने से पहले, उन्ह…और पढ़ें
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