दिल्ली की दमघोंटू हवा और बढ़ते प्रदूषण से जूझ रहे नागरिकों के लिए करीब 23 लाख देशी प्रजाति के पौधे फेफड़ों को ताजी ऑक्सीजन देंगे, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक रहने योग्य शहर की नींव भी रखेंगे। दिल्ली विकास प्राधिकरण एक व्यापक शहरी वनीकरण कार्यक्रम शुरू करने जा रहा है, जिसके तहत पूरी दिल्ली में पौधे लगाए जाएंगे। ये मेगा पौधारोपण अभियान न केवल शहर की हवा की गुणवत्ता में सुधार करेगा, बल्कि इसे जलवायु परिवर्तन के खतरों के खिलाफ एक मजबूत और स्वस्थ ढाल के रूप में भी विकसित करेगा।
डीडीए का ये मेगा अभियान करीब 1,000 एकड़ (करीब 4 वर्ग किलोमीटर) भूमि पर फैला होगा, जो दिल्ली के कुल भौगोलिक क्षेत्र का लगभग 2.9 फीसदी हिस्सा कवर करेगा। जुलाई के पहले सप्ताह से शुरू होकर सितंबर मध्य तक चलने वाले इस अभियान का मुख्य उद्देश्य दिल्लीवासियों की जीवन गुणवत्ता और स्वास्थ्य में सुधार करना है। अधिकारियों ने कहा है कि ये महज एक सरकारी कार्यक्रम नहीं है, बल्कि दिल्ली के पारिस्थितिक ढांचे को मजबूत करने की एक वैज्ञानिक कोशिश है। सघन पौधारोपण से न केवल कार्बन सोखने की क्षमता बढ़ेगी, बल्कि यह शहरी तापमान को नियंत्रित कर स्थानीय सूक्ष्म जलवायु को भी बेहतर बनाएगा, जिससे भीषण गर्मी से राहत मिलेगी।
भविष्य की तैयारी और निरंतर होगी निगरानी
ये अभियान दिल्ली के दीर्घकालिक अस्तित्व को सुरक्षित रखने के लिए शुरू हो रहा है, जिसके पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। तैयारी के लिए गड्ढे खोदने, मिट्टी तैयार करने और नर्सरी स्टॉक को मजबूत करने जैसे काम पहले ही शुरू कर दिए गए हैं। उपराज्यपाल खुद और उनका कार्यालय इस पूरे अभियान की प्रगति की व्यक्तिगत रूप से निगरानी करेंगे। ये पेड़ न केवल हवा को शुद्ध करेंगे, बल्कि भूजल रीचार्ज में भी सहायक होंगे।
देशी प्रजातियों और रिज क्षेत्र पर विशेष ध्यान
इस अभियान की सबसे बड़ी विशेषता देशी प्रजातियों का चयन है। डीडीए के वानिकी विभाग के मुताबिक, देशी पेड़, झाड़ियां और लताएं दिल्ली की मिट्टी के लिए सबसे उपयुक्त हैं और उनके जीवित रहने की दर अधिक होती है। यह अभियान दिल्ली के 675 पार्कों के साथ-साथ शहर के फेफड़ों यानी दक्षिण मध्य, नानकपुरा, मध्य और उत्तरी रिज क्षेत्रों में सघन रूप से चलाया जाएगा। अरावली परिदृश्य और यमुना के मैदानी इलाकों में पारिस्थितिक बहाली के माध्यम से लुप्त होती जैव विविधता को वापस लाने की तैयारी है, जिससे शहर में पक्षियों और छोटे जीवों का बसेरा फिर से लौट सकेगा।
ये अभियान इसलिए है बेहद खास
- 2.5 करोड़ से अधिक आबादी वाले दिल्ली महानगर के लिए हरियाली बढ़ाना ही विकल्प
- बढ़ते प्रदूषण और हीटवेव से निपटेंगे ये पेड़
- पेड़ एयर फिल्टर की तरह काम करते हैं, कार्बन डाइऑक्साइड अवशोषित करते हैं, पीएम-2.5 और पीएम-10 कणों को कम करते हैं
- ऑक्सीजन स्तर और पर्यावरणीय गुणवत्ता में सुधार करते हैं
- जलवायु परिवर्तन के प्रभाव कम होंगे, ग्रीनहाउस गैसों का प्रभाव घटेगा
- छाया और वाष्पोत्सर्जन से तापमान 3-5 डिग्री सेल्सियस तक कम हो सकता है
- कंक्रीट और डामर से पैदा होने वाली अतिरिक्त गर्मी में कमी आएगी
- पेड़ वर्षा जल को जमीन में पहुंचाने में मदद करते हैं
- यमुना और अन्य जल निकायों के आसपास पारिस्थितिकी तंत्र मजबूत होगा
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