Last Updated:
भारत ने पिछले 15 सालों से 50 ओवर का वर्ल्ड कप नहीं जीता है, और ऐसे में अब टीम के सामने कई सवाल खड़े हैं जिसमें सबसे बड़ा मुद्दा है फिटनेस. रोहित शर्मा इस सीरीज़ के लिए उपलब्ध हैं, लेकिन विराट कोहली और हार्दिक पांड्या जैसे अहम खिलाड़ी बाहर हैं. कोहली की जगह यशस्वी जायसवाल ले सकते हैं, लेकिन हार्दिक की कमी कौन पूरी करेगा? क्या नितीश कुमार रेड्डी उस भूमिका में फिट बैठते हैं, या टीम को कोई और विकल्प तलाशना होगा?
अफगानिस्तान के खिलाफ वनडे सीरीज के साथ ही वर्ल्ड कप 2027 के ब्लूप्रिंट पर काम होगा शुरु
भारत ने पिछले 15 सालों से 50 ओवर का वर्ल्ड कप नहीं जीता है, और ऐसे में अब टीम के सामने कई सवाल खड़े हैं जिसमें सबसे बड़ा मुद्दा है फिटनेस. रोहित शर्मा इस सीरीज़ के लिए उपलब्ध हैं, लेकिन विराट कोहली और हार्दिक पांड्या जैसे अहम खिलाड़ी बाहर हैं. कोहली की जगह यशस्वी जायसवाल ले सकते हैं, लेकिन हार्दिक की कमी कौन पूरी करेगा? क्या नितीश कुमार रेड्डी उस भूमिका में फिट बैठते हैं, या टीम को कोई और विकल्प तलाशना होगा?
2027 वर्ल्ड कप का रोडमैप
वनडे टीम का संतुलन अभी पूरी तरह से तय नहीं दिखता. सवाल ये भी है कि क्या हर पोज़िशन के लिए बैकअप तैयार होना चाहिए? शुभमन गिल की कप्तानी और गौतम गंभीर की कोचिंग में अगले 14 महीनों में टीम का ढांचा किस दिशा में जाएगा, ये देखना दिलचस्प होगा. टी20 क्रिकेट में भारत ने पिछले एक साल में एक स्पष्ट रणनीति अपनाई थी हाई-रिस्क, हाई-रिवॉर्ड और उसमें सफलता भी मिली लेकिन क्या यही फॉर्मूला वनडे में भी काम करेगा? 2023 वर्ल्ड कप में रोहित शर्मा ने आक्रामक शुरुआत का जो टेम्पलेट दिया था, उसने टीम को फाइनल तक पहुंचाया अब सवाल है क्या वही तरीका आगे भी अपनाया जाएगा? क्या 280 का स्कोर अब 325 में बदल चुका है?
गिल-गंभीर का टेस्ट
गौतम गंभीर को एक शानदार टी20 रणनीतिकार माना जाता है, लेकिन 50 ओवर के खेल में उन्हें खुद को साबित करना बाकी है. वहीं कप्तान शुभमन गिल के लिए भी ये एक बड़ा टेस्ट है उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में कप्तानी का दम दिखाया है, लेकिन वनडे टीम पर पकड़ मजबूत करने के लिए उन्हें और काम करना होगा. अफगानिस्तान के खिलाफ ये तीन मुकाबले सिर्फ एक सीरीज़ नहीं, बल्कि एक प्रयोगशाला की तरह होंगे. यहां टीम को अपनी कमजोरियों को पहचानने और उन्हें सुधारने का मौका मिलेगा. इंग्लैंड दौरे से पहले सही कॉम्बिनेशन तलाशना बेहद जरूरी है.
हॉकी का फॉर्मूला
हॉकी टीम का उदाहरण सामने है, जहां कोच क्रेग फुल्टन के नेतृत्व में भारत ने ऑस्ट्रेलिया में खराब प्रदर्शन किया, लेकिन उसी अनुभव से सीखकर पेरिस ओलंपिक में शानदार खेल दिखाते हुए ब्रॉन्ज मेडल जीता. यही अप्रोच क्रिकेट में भी अपनानी होगी. आने वाले छह महीने भारत के लिए बेहद अहम हैं टीम को बल्लेबाजी क्रम, गेंदबाजी संयोजन और बैकअप खिलाड़ियों पर काम करना होगा. अगर भारत को 2027 वर्ल्ड कप जीतना है, तो हर दिन, हर मैच और हर फैसले में सुधार लाना होगा और इस सफर की शुरुआत अब हो चुकी है.
About the Author
मैं, राजीव मिश्रा, वर्तमान में नेटवर्क 18 में एसोसिएट स्पोर्ट्स एडिटर के रूप में कार्यरत हूँ. इस भूमिका में मैं डिजिटल स्पोर्ट्स कंटेंट की योजना, संपादकीय रणनीति और एंकरिंग की जिम्मेदारी निभाता हूँ. खेल पत्रका…और पढ़ें
- व्हाट्स एप के माध्यम से हमारी खबरें प्राप्त करने के लिए यहाँ क्लिक करें।
- टेलीग्राम के माध्यम से हमारी खबरें प्राप्त करने के लिए यहाँ क्लिक करें।
- हमें फ़ेसबुक पर फॉलो करें।
- हमें ट्विटर पर फॉलो करें।
———-
🔸 स्थानीय सूचनाओं के लिए यहाँ क्लिक कर हमारा यह व्हाट्सएप चैनल जॉइन करें।
Disclaimer: This story is auto-aggregated by a computer program and has not been created or edited by Ghaziabad365 || मूल प्रकाशक ||



