भारतीय सेना के मेजर प्रभात मिश्रा ने अमेरिकी सेना कमांड और जनरल स्टाफ कॉलेज (सीजीएससी) में दो शीर्ष शैक्षणिक अवॉर्ड जीते हैं। मेजर मिश्रा को उत्कृष्ट मास्टर ऑफ मिलिट्री आर्ट्स एंड साइंस थीसिस के लिए बिरर-ब्रूक्स अवॉर्ड दिया गया है। वहीं, जनरल डगलस मैकआर्थर मिलिट्री लीडरशिप राइटिंग अवॉर्ड से भी सम्मानित किया गया है। 10 महीने के इस नेतृत्व कार्यक्रम में 92 देशों के अधिकारी शामिल हुए। इस वर्ष 951 को उपाधि मिली। अमेरिका का यह कॉलेज दुनिया के सबसे प्रमुख सैन्य शिक्षा संस्थानों में से एक है। 1894 से 170 देशों के 8,700 अफसर प्रशिक्षण ले चुके हैं। मेजर प्रभात मिश्रा को अमेरिका के कंसास स्थित फोर्ट लीवनवर्थ में यूएस आर्मी कमांड एंड जनरल स्टाफ कॉलेज के कमांड एंड जनरल स्टाफ ऑफिसर कोर्स के दीक्षांत समारोह में सम्मानित किया गया। उन्हें दो पुरस्कार मिले- – बिरर-ब्रूक्स अवॉर्ड फॉर आउटस्टैंडिंग मास्टर ऑफ मिलिट्री आर्ट्स एंड साइंस थीसिस – जनरल डगलस मैकआर्थर मिलिट्री लीडरशिप राइटिंग अवॉर्ड यह कोर्स 10 महीने का उन्नत सैन्य नेतृत्व कार्यक्रम है, जिसमें इस बैच में 951 अधिकारियों ने भाग लिया। इनमें 120 अंतरराष्ट्रीय सैन्य अधिकारी भी शामिल थे। कोर्स का उद्देश्य यह कार्यक्रम मध्य स्तर के सैन्य अधिकारियों को वरिष्ठ नेतृत्व और स्टाफ जिम्मेदारियों के लिए तैयार करता है। समारोह को संबोधित करते हुए अमेरिकी सेना के वरिष्ठ अधिकारी जिम इसेन्होवेर ने फील्ड-ग्रेड अधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया। भारत और अमेरिका के बीच पिछले दो दशकों में संयुक्त सैन्य अभ्यास, अधिकारी आदान-प्रदान और रक्षा शिक्षा कार्यक्रमों के जरिए रक्षा सहयोग लगातार बढ़ा है। मेजर प्रभात मिश्रा की इस उपलब्धि को इसी मजबूत साझेदारी का नतीजा माना जा रहा है। कौन हैं मेजर प्रभात मिश्रा? – प्रभात मिश्रा 22 कुमाऊं रेजीमेंट के मेजर हैं। 1948 के बाद से पहले भारतीय अधिकारी हैं, जिन्होंने बिरर-ब्रूक्स अवॉर्ड जीता है। – डगलस मैकआर्थर मिलिट्री लीडरशिप अवॉर्ड जीतने वाले भी वे पहले भारतीय हैं। – विद्वतापूर्ण योगदान के लिए उन्हें ‘गोल्डन पेन’ से भी नवाजा गया।
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