आजमगढ़ के राकेश पांडे ने देसी गाय के गोबर से एक विशेष प्राकृतिक पेंट तैयार किया है, जो घर की सुंदरता बढ़ाने के साथ-साथ तापमान को 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक कम रखने में मदद करता है. यह पेंट एंटीफंगल और एंटीबैक्टीरियल गुणों से भरपूर है तथा इसके निर्माण में किसी भी रासायनिक पदार्थ का उपयोग नहीं किया जाता. पर्यावरण के अनुकूल यह नवाचार न केवल गर्मी से राहत देने का दावा करता है, बल्कि गोबर के बेहतर उपयोग और रोजगार के नए अवसर भी पैदा कर रहा है.
देसी गाय के गोबर का उपयोग कर बनाया प्राकृतिक पेंट
आजमगढ़ के राकेश पांडे द्वारा देसी गाय के गोबर का उपयोग कर प्राकृतिक पेंट तैयार किया गया है. यह पेंट विभिन्न रंगों में उपलब्ध है और घर व कमरों की सुंदरता बढ़ाने के साथ-साथ बढ़ते तापमान के प्रभाव को कम करने में भी मददगार साबित हो सकता है. राकेश पांडे बताते हैं कि इस प्राकृतिक पेंट को बनाने के लिए देसी गोवंश के गोबर को एकत्रित कर लगभग 100 किलो की मात्रा में मथा जाता है. इसके बाद उसमें से सेल्यूलोज पदार्थ निकाला जाता है. फिर उसमें पेंट निर्माण के लिए आवश्यक प्राकृतिक एडिटिव सामग्री मिलाकर इसे तैयार किया जाता है.
क्या है इसकी खासियत
उन्होंने बताया कि शुरुआत में यह पेंट सफेद रंग में तैयार होता है, जिसके बाद इसमें विभिन्न रंग मिलाकर इसे अलग-अलग रंगों में बदला जा सकता है. यह पेंट दीवारों को मजबूत फिनिशिंग देने के साथ-साथ तापमान को नियंत्रित करने में भी उपयोगी होता है. इसका उपयोग इंटीरियर और एक्सटीरियर दोनों जगह किया जा सकता है. इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि गोबर आधारित होने के कारण इसमें एंटीफंगल और एंटीबैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं, जिससे दीवारों पर फंगस लगने की संभावना काफी कम हो जाती है.
राकेश पांडे के अनुसार, यह पेंट घर के तापमान को लगभग 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक नियंत्रित करने में मदद करता है, जिससे घर अपेक्षाकृत ठंडा रहता है.
उन्होंने बताया कि गोबर से प्राकृतिक पेंट तैयार करने के लिए केंद्र सरकार भी लोगों को प्रोत्साहित करती है. सरकार की ओर से गोबर आधारित पेंट निर्माण के लिए प्रशिक्षण के साथ-साथ आवश्यक उपकरण भी उपलब्ध कराए जाते हैं. ऐसे लोग जो गौशालाओं का संचालन कर रहे हैं और प्रतिदिन लगभग 5 क्विंटल तक गोबर का उत्पादन करते हैं, वे आसानी से इस कार्य को शुरू कर सकते हैं.
पेंट पर्यावरण के लिए भी बेहद लाभकारी
उन्होंने आगे बताया कि यह पेंट पर्यावरण के लिए भी बेहद लाभकारी है. इसे तैयार करने में किसी भी प्रकार के रासायनिक पदार्थ (केमिकल) का उपयोग नहीं किया जाता. इसके निर्माण के लिए धरती से किसी संसाधन का खनन करने की आवश्यकता नहीं पड़ती. यह पेंट गोबर से प्राप्त सेल्यूलोज पदार्थ से तैयार होता है और कार्बन उत्सर्जन को कम करने में भी मदद करता है, जिससे पर्यावरण को विशेष लाभ पहुंचता है.
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विवेक कुमार एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें मीडिया में 10 साल का अनुभव है. वर्तमान में न्यूज 18 हिंदी के साथ जुड़े हैं और हरियाणा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की लोकल खबरों पर नजर रहती है. इसके अलावा इन्हें देश-…और पढ़ें
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