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‘थलाइवा’ रजनीकांत का वो गाना जिसे सुनते ही उन्होंने फिल्म में रखने से मना कर दिया था. सुपरस्टार को गाना पसंद आया था लेकिन उन्होंने इसे फिल्म में जगह नहीं दी थी. ये गाना सुपरहिट रहा और आज भी ट्रेंड कर रहा है. इस गाने में रजनीकांत और नगमा की जोड़ी देखने को मिली थी.

नई दिल्ली. इस दिलचस्प कहानी को जानने के बाद शायद आपको यकीन न हो, लेकिन रजनीकांत की ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘बाशा’ एक गाना कभी फिल्म का हिस्सा नहीं बनने वाला था. ये गाना पिछले 30 साल से लोगों की जुबां पर चढ़ा हुआ है. रजनीकांत ने इसे सुनते ही फिल्म में डालने से मना कर दिया था. बाद में निर्देशक की जिद और एक खास बातचीत ने इस फैसले को बदल दिया.

साल 1995 में रिलीज हुई ‘बाशा’ को तमिल सिनेमा की सबसे प्रभावशाली फिल्मों में गिना जाता है. सुरेश कृष्णा के निर्देशन में बनी इस फिल्म ने मास एंटरटेनर की परिभाषा बदल दी थी. रजनीकांत के साथ नगमा, विजयकुमार, जनकराज, सरनराज और देवन जैसे कलाकार नजर आए थे, जबकि संगीत की जिम्मेदारी देवा ने संभाली थी.

फिल्म में रजनीकांत पहले एक साधारण ऑटो ड्राइवर और बाद में एक खतरनाक गैंगस्टर के रूप में दिखाई दिए थे. फिल्म के साथ-साथ इसके गाने भी सुपरहिट साबित हुए. इन्हीं गीतों में से एक था ‘नी नदंदाल नडई अज़गु’. आज यह गाना फैंस के बीच बेहद लोकप्रिय है, लेकिन एक समय ऐसा था जब इसे सिर्फ ऑडियो कैसेट तक सीमित रखने का फैसला कर लिया गया था.

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निर्देशक सुरेश कृष्णा ने एक इंटरव्यू में इस घटना का जिक्र किया था. उनके मुताबिक, जब गाने की रिकॉर्डिंग पूरी हुई तो संगीतकार देवा ने उन्हें और रजनीकांत को इसे सुनने के लिए बुलाया. दोनों ने गाना सुना और धुन सभी को बेहद पसंद आई. देवा को बधाई देते हुए रजनीकांत ने कहा कि गाना शानदार है, लेकिन इसे फिल्म में शामिल करने की जरूरत नहीं है.

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सुपरस्टार का कहना था कि गाना बहुत अच्छा है लेकिन इसे फिल्म में डालने की जरूरत नहीं है बल्कि इसे कैसेट में रखा जा सकता है. उनका मानना था कि फिल्म में पहले से ही दो डुएट गाने मौजूद हैं और तीसरा रोमांटिक गीत कहानी की गति को प्रभावित कर सकता है. इसलिए इसे सिर्फ ऑडियो रिलीज में रखा जा सकता है.

रजनीकांत की बात सुनकर देवा थोड़े निराश हो गए. उन्होंने सुरेश कृष्णा से आग्रह किया कि इतना अच्छा गाना फिल्म में जरूर होना चाहिए. निर्देशक भी गाने की खूबसूरती से प्रभावित थे, लेकिन वह जानते थे कि रजनीकांत की सोच कहानी के लिहाज से सही थी.

रजनीकांत की बात सुनकर देवा थोड़े निराश हो गए. उन्होंने सुरेश कृष्णा से आग्रह किया कि इतना अच्छा गाना फिल्म में जरूर होना चाहिए. निर्देशक भी गाने की खूबसूरती से प्रभावित थे, लेकिन वह जानते थे कि रजनीकांत की सोच कहानी के लिहाज से सही थी.

निर्देशक के मन में यह बात लगातार चलती रही कि किसी तरह इस गीत को फिल्म का हिस्सा बनाया जाए. उसी रात एक फाइट सीन की शूटिंग चल रही थी और सुरेश कृष्णा इसी सोच में खोए हुए सेट पर अकेले टहल रहे थे. रजनीकांत ने उनकी बेचैनी को नोटिस कर लिया. उन्होंने मजाकिया अंदाज में निर्देशक की पत्नी, जो फिल्म में असिस्टेंट डायरेक्टर थीं, से कहा कि वह दूर खड़े कुछ न कुछ प्लान कर रहे हैं, जरा ध्यान रखिए.

आखिरकार सुरेश कृष्णा ने रजनीकांत से दोबारा इस बारे में बात की. काफी चर्चा के बाद अभिनेता इस गीत को फिल्म में रखने के लिए तैयार हो गए. इसके बाद ‘नी नदंदाल नडई अजगु’ फिल्म का हिस्सा बना और रिलीज के बाद दर्शकों के बीच जबरदस्त लोकप्रियता हासिल की.

आखिरकार सुरेश कृष्णा ने रजनीकांत से दोबारा इस बारे में बात की. काफी चर्चा के बाद अभिनेता इस गीत को फिल्म में रखने के लिए तैयार हो गए. इसके बाद ‘नी नदंदाल नडई अजगु’ फिल्म का हिस्सा बना और रिलीज के बाद दर्शकों के बीच जबरदस्त लोकप्रियता हासिल की.

आज, 30 साल बाद भी यह गीत ‘बाशा’ की पहचान का अहम हिस्सा माना जाता है. दिलचस्प बात यह है कि जिस गाने को कभी फिल्म से बाहर रखने का फैसला किया गया था, वही समय के साथ फिल्म की सबसे यादगार धुनों में शामिल हो गया.

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