Image Slider

Last Updated:

भारतीय संगीत की दुनिया में ए.आर. रहमान एक ऐसा नाम हैं, जिन्होंने अपनी धुनों से न सिर्फ देश बल्कि पूरी दुनिया को अपना दीवाना बनाया. दो ऑस्कर जीतने वाले इस महान संगीतकार का सफर जितना शानदार रहा है, उतना ही संघर्षों से भरा भी रहा. देश के सबसे मशहूर म्यूजिक कंपोजर की निजी जिंदगी भी काफी दिलचस्प है.

नई दिल्ली. ए.आर. रहमान का जन्म 1967 में चेन्नई में ए.एस. दिलीप कुमार के नाम से हुआ था. उनके पिता आर.के. शेखर फिल्म संगीतकार थे. उनका निधन काफी जल्दी हो गया था. पिता की मौत के वक्त ए आर रहमान सिर्फ 9 साल के थे और उनके परिवार को आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ा था. उनका परिवार उनके पिता का संगीत उपकरण किराये पर देकर घर का खर्च चलाता था.

छोटी सी उम्र में सिर से पिता का साया उठ जाने के बाद ए आर रहमान ने पढ़ाई के साथ-साथ कई छोटे-मोटे काम किए. उन्होंने छोटे कामों से परिवार को सहारा दिया, लेकिन करियर में कुछ कर दिखाने के लिए संगीत ही रहमान का इकलौता सहारा था.

1986 में, पिता की मौत के दस साल बाद, परिवार की मुलाकात सूफी पीर करीमुल्लाह शाह कादरी से हुई. पीर बीमार थे और रहमान की मां ने उनकी देखभाल की. दोनों के बीच गहरा संबंध बन गया. उन्होंने 23 साल की उम्र में इस्लाम कबूल कर लिया था. एर आर रहमान ने धर्म परिवर्तन कर अपना नाम दिलीप कुमार से बदलकर अल्लाह राखा कर लिया.

Add News18 as
Preferred Source on Google

साल 1992 में निर्देशक मणिरत्नम की फिल्म ‘रोजा’ ने उनकी जिंदगी बदल दी. फिल्म रिलीज से पहले उनकी मां ने साफ कहा था कि स्क्रीन पर नया नाम ही दिखना चाहिए. ‘रोजा’ का संगीत इतना लोकप्रिय हुआ कि रहमान रातों-रात देश के सबसे चर्चित संगीतकार बन गए.

इसके बाद ‘बॉम्बे’, ‘दिल से’, ‘लगान’, ‘रंगीला’, ‘रंग दे बसंती’, ‘रॉकस्टार’ और ‘स्लमडॉग मिलियनेयर’ जैसी फिल्मों ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई. ‘स्लमडॉग मिलियनेयर’ के लिए उन्होंने दो ऑस्कर, एक ग्रैमी, एक बाफ्टा और एक गोल्डन ग्लोब पुरस्कार अपने नाम किए.

‘स्लमडॉग मिलियनेयर’ के गाने एआर रहमान के करियर के लिए टर्निंग पॉइंट साबित हुए. इस फिल्म के गाने के लिए उन्होंने दो ऑस्कर जीते थे. संगीतकार ने अपने करियर में दो ऑस्कर, एक ग्रैमी, एक बाफ्टा, एक गोल्डन ग्लोब अवॉर्ड जीता है.

वर्क फ्रंट पर लगातार सफलता के बीच एआर रहमान ने अपनी पर्सनल लाइफ को हमेशा सुर्खियों से दूर रखा. उनकी पत्नी के साथ उनके रिश्ते अब भले ही कुछ खास न हों, लेकिन कपल ने अपने रिश्ते को सार्वजनिक प्लेटफॉर्म्स से दूर रखा.

AR Rahman, AR Rahman news, AR Rahman videos, AR Rahman movies, AR Rahman family

1994 में जब रहमान 27 साल के हुए तो उन्होंने घर बसाने के बारे में विचार किया. उन्होंने अपनी मां से पत्नी ढूंढने को कहा. वह लड़कियों से बात करने में बहुत शर्मीले थे. वह रोज स्टूडियो में कई महिलाओं से मिलते थे, लेकिन कभी किसी को पत्नी के रूप में नहीं देखा.

AR Rahman, AR Rahman news, AR Rahman videos, AR Rahman movies, AR Rahman family

शादी के बाद कपल ने तीन बच्चों का स्वागत किया. उनके बच्चे- बेटियां खातिजा और रहीमा, बेटा अमीन हैं. परिवार ने हमेशा निजी जीवन को प्राथमिकता दी. सायरा ने कभी इंटरव्यू नहीं दिया, फिल्मी कार्यक्रमों में नहीं गईं, और शायद ही कभी तस्वीरें खिंचवाईं. 29 साल तक वह एआर रहमान की पत्नी होते हुए भी दुनिया की नजरों से गायब रहीं.

न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।

———-

🔸 स्थानीय सूचनाओं के लिए यहाँ क्लिक कर हमारा यह व्हाट्सएप चैनल जॉइन करें।

 

Disclaimer: This story is auto-aggregated by a computer program and has not been created or edited by Ghaziabad365 || मूल प्रकाशक ||