मालवीय नगर हादसे के बाद दिल्ली पुलिस ने बृहस्पतिवार को होटल की इमारत की जांच की। टीम ने देखा कि छत पर जाने का रास्ता बंद था। साथ ही कई कमरों में खाना पकाने के लिए हीटर का इस्तेमाल किया जा रहा था। दिल्ली पुलिस ने भागे हुए होटल के प्रबंधक जय मिश्रा की गिरफ्तारी के लिए पांच टीमें गठित की है। अदालत ने होटल मालिक लवकेश बजाज को चार दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है।
दक्षिणी दिल्ली के हौज रानी इलाके में एक होटल में भीषण आग से 21 लोगों की मौत के एक दिन बाद नगर निगम (एमसीडी) ने क्षेत्र में संचालित 12 बेड एंड ब्रेकफास्ट (बीएंडबी) प्रतिष्ठानों के लाइसेंस रद्द कराने की प्रक्रिया शुरू करने का फैसला लिया है। दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि जांच में भवन निर्माण नियमों के कथित उल्लंघन, अग्नि सुरक्षा में चूक, अवैध निर्माण और उन परिस्थितियों सहित सभी पहलुओं की जांच की जा रही। स्थानीय निवासियों, दुकानदारों, होटल कर्मचारियों और अन्य गवाहों से भी पूछताछ की जा रही है। पुलिस ने होटल मालिक लवकेश बजाज पर गैर इरादतन हत्या समेत कई आरोपों के तहत मामला दर्ज किया है। बजाज ने पूछताछ में बताया था कि उसने होटल का पूरा प्रबंधन मिश्रा को सौंप दिया था और सभी संबंधित लाइसेंस प्रबंधक के नाम पर लिए गए थे।
लाइसेंस जय मिश्रा के नाम था
पुलिस के अनुसार जांच में पता लगा कि बजाज होटल का वास्तविक मालिक है, लेकिन बेड-एंड-ब्रेकफास्ट नीति के तहत लाइसेंस जय मिश्रा के नाम पर लिया गया था। जांच में पता लगा कि छत तक पहुंचने का रास्ता अवरुद्ध होने के कारण संभवतः अंदर फंसे लोगों को उस समय भागने का मौका नहीं मिल पाया। ऐसे में घने धुएं ने पांच मंजिला संकरी इमारत को अपनी चपेट में ले लिया था। अधिकारियों ने बताया कि केंद्रीय फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (सीएफएसएल) की एक टीम घटनास्थल पर बृहस्पतिवार को दोबारा जाकर इमारत की विस्तृत जांच की और आग लगने के सटीक कारणों को पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।
महत्वपूर्ण गवाह की तलाश
दक्षिण जिले के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पुलिस केसर सिंह नामक प्रमुख चश्मदीद गवाह की भी तलाश कर रही है, जिसका बयान आग लगने की सही वजह और घटनाओं के क्रम का पता लग सकेगा। जांच में होटल के संचालन में बड़े पैमाने पर कथित अनियमितताओं का भी खुलासा हुआ है।
अहलूवालिया से खरीदी थी संपत्ति
बजाज ने 2022 में अहलूवालिया नामक व्यक्ति से यह संपत्ति खरीदी थी। अधिकारियों ने बताया कि खरीद के समय इमारत में ढाई मंजिला थी और बजाज ने इसे लगभग पांच मंजिला बना दिया। पुलिस का मानना है कि बजाज विदेश भाग सकता था, क्योंकि उसके दोनों बच्चे विदेश में बसे हुए हैं। एहतियात के तौर पर उसके और उसकी पत्नी के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी किया गया था। बजाज ने शुरू में ग्राहकों को कमरे किराए पर दिए और चाय की दुकान चलाने का लाइसेंस प्राप्त किया। समय के साथ, इमारत को होटल में बदल दिया गया और इसे निर्धारित अनुमति से कहीं अधिक क्षमता पर चलाया जा रहा था।
2022 में जय को नौकरी पर रखा
जानकारी में आया कि जय को बजाज ने 2022 में नौकरी पर रखा था। वह होटल के दैनिक कार्यों, लेखा-जोखा और प्रबंधन का काम संभालता था। सूत्रों ने बताया कि बजाज के होटल में काम करने से पहले, मिश्रा मालवीय नगर क्षेत्र की एक निजी कंपनी में लेखाकार था। पुलिस ने कहा कि होटल के स्वामित्व, प्रबंधन और लाइसेंसिंग में शामिल सभी लोगों की भूमिका की जांच की जाएगी। अधिकारियों ने कहा कि आग में मारे गए विदेशी नागरिकों के शव डीएनए जांच और उचित पहचान सुनिश्चित करने के लिए सभी कानूनी औपचारिकताओं को पूरा करने के बाद ही उनके संबंधित दूतावासों और परिवारों को सौंपे जाएंगे।
होटल का प्रबंधन प्रबंधक मिश्रा को साैंप रखा था
पुलिस सूत्रों के अनुसार होटल मालिक लवकेश बजाज ने पूछताछ में बताया कि उसने होटल का पूरा प्रबंधन मिश्रा को सौंप दिया था और सभी संबंधित लाइसेंस प्रबंधक के नाम पर जारी किए गए थे। इस मामले में गिरफ्तार किए गए बजाज ने दावा किया कि वह होटल का एकमात्र मालिक है और उसका कोई व्यापारिक साझेदार नहीं है। बजाज ने पुलिस को बताया कि बुधवार सुबह जब आग लगी तो वह होटल के पास से गुजर रहा था, लेकिन रुका नहीं। आरोप है कि वह डर के मारे भाग गया और घर नहीं लौटा, बल्कि पुलिस द्वारा पकड़े जाने से पहले शहर के विभिन्न हिस्सों में घूमता रहा।
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