-गाजियाबाद में एलपीजी से पीएनजी की ओर बढ़ रहा कदम, संसाधनों के बेहतर उपयोग की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
-जिला पूर्ति अधिकारी अमित तिवारी की सक्रिय कार्यशैली से जनजागरूकता अभियान को मिल रही नई गति
-पीएनजी उपभोक्ताओं से एलपीजी कनेक्शन सरेंडर करने की अपील, राष्ट्रहित में सहयोग का आह्वान
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। केंद्र और प्रदेश सरकार की मंशा के अनुरूप ऊर्जा संसाधनों के बेहतर प्रबंधन और पारदर्शी वितरण व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में गाजियाबाद में एक सराहनीय पहल सामने आई है। गुरुवार को गोविंदपुरम निवासी कुलदीप कुमार ने अपने घर में पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) कनेक्शन उपलब्ध होने के कारण स्वेच्छा से अपना एलपीजी गैस कनेक्शन जिला पूर्ति अधिकारी अमित कुमार तिवारी के समक्ष सरेंडर कर दिया। विशेष बात यह है कि इस प्रकार की पहल करने वाले वह जनपद के पहले नागरिक बन गए हैं, जिससे अन्य उपभोक्ताओं के लिए भी एक सकारात्मक संदेश गया है। जिले में इस पहल को ऊर्जा संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग और राष्ट्रहित से जुड़ी जिम्मेदार नागरिकता का उदाहरण माना जा रहा है। जिला पूर्ति अधिकारी अमित कुमार तिवारी ने कुलदीप कुमार के इस कदम की सराहना करते हुए इसे जनहित और राष्ट्रहित में एक अनुकरणीय प्रयास बताया। उन्होंने कहा कि जिन घरों में पहले से पीएनजी कनेक्शन उपलब्ध है, वहां एलपीजी कनेक्शन की आवश्यकता नहीं रह जाती। ऐसे में एलपीजी कनेक्शन सरेंडर कर अन्य जरूरतमंद परिवारों के लिए संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सकती है।
जनपद में वर्तमान समय में लगभग 12 लाख एलपीजी गैस कनेक्शन और करीब 3.72 लाख पीएनजी घरेलू कनेक्शन मौजूद हैं। इसके अतिरिक्त लगभग आठ हजार पीएनजी स्मार्ट मीटर भी लगाए जा चुके हैं। इसके बावजूद बड़ी संख्या में ऐसे उपभोक्ता हैं, जिनके पास पीएनजी सुविधा उपलब्ध होने के बावजूद एलपीजी कनेक्शन भी सक्रिय हैं। विभाग अब ऐसे उपभोक्ताओं को जागरूक कर स्वेच्छा से एलपीजी कनेक्शन सरेंडर कराने के लिए अभियान चला रहा है। इस पूरे अभियान के पीछे जिला पूर्ति अधिकारी अमित कुमार तिवारी की सक्रिय और परिणामोन्मुख कार्यशैली महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। जनहित से जुड़े मुद्दों पर उनकी सतत निगरानी और लोगों से सीधे संवाद स्थापित करने की पहल के कारण विभागीय योजनाओं को गति मिल रही है। जनपद में खाद्य एवं रसद विभाग द्वारा चलाए जा रहे विभिन्न जनजागरूकता कार्यक्रमों में भी उनकी कार्यशैली की झलक देखने को मिलती है। ऊर्जा संरक्षण, पारदर्शिता और संसाधनों के समुचित उपयोग को लेकर उनका विशेष फोकस रहा है।
अमित तिवारी लगातार आम नागरिकों को यह समझाने का प्रयास कर रहे हैं कि पीएनजी न केवल सुरक्षित और सुविधाजनक ईंधन है, बल्कि यह पर्यावरण के अनुकूल भी है। इसके उपयोग से गैस सिलेंडर की बुकिंग, डिलीवरी और रखरखाव जैसी समस्याओं से भी राहत मिलती है। यही कारण है कि विभाग द्वारा उन सभी परिवारों से पीएनजी कनेक्शन लेने की अपील की जा रही है, जिनके क्षेत्र में पाइपलाइन नेटवर्क उपलब्ध है। जिला पूर्ति अधिकारी ने बताया कि अभी तक केवल कुछ ही पीएनजी उपभोक्ताओं ने अपने एलपीजी कनेक्शन सरेंडर किए हैं, जबकि जनपद में ऐसे उपभोक्ताओं की संख्या कहीं अधिक है। उन्होंने सभी पात्र उपभोक्ताओं से अपील की कि वे स्वेच्छा से आगे आएं और राष्ट्रहित में इस अभियान का हिस्सा बनें। उन्होंने कहा कि यदि किसी क्षेत्र में पीएनजी पाइपलाइन उपलब्ध है तो वहां के निवासी शीघ्र आवेदन कर पीएनजी कनेक्शन प्राप्त करें और एलपीजी कनेक्शन सरेंडर करने की प्रक्रिया पूरी करें।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार का उद्देश्य संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करना और ऊर्जा क्षेत्र में आधुनिक एवं पर्यावरण हितैषी विकल्पों को बढ़ावा देना है। ऐसे में नागरिकों का सहयोग बेहद महत्वपूर्ण है। कुलदीप कुमार द्वारा उठाया गया कदम इस दिशा में एक प्रेरणादायक शुरुआत है, जिससे निश्चित रूप से अन्य लोग भी प्रेरित होंगे। जिले में ऊर्जा संरक्षण और संसाधनों के प्रभावी प्रबंधन को लेकर चलाए जा रहे इस अभियान को लेकर विभाग आशान्वित है कि आने वाले समय में बड़ी संख्या में पीएनजी उपभोक्ता एलपीजी कनेक्शन सरेंडर करेंगे। जिला पूर्ति अधिकारी अमित कुमार तिवारी की पहल और सक्रिय कार्यशैली के चलते यह अभियान जनआंदोलन का रूप ले सकता है। प्रशासन का मानना है कि नागरिकों की सहभागिता से न केवल संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित होगा, बल्कि राष्ट्रहित में एक महत्वपूर्ण योगदान भी स्थापित होगा।
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