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Tomorrow Weather Warning: भारत में मौसम ने अचानक भयंकर करवट ले ली है. इधर मानसून की केरल तट पर आगमन, तो दिल्ली-एनसीआर से लेकर पंजाब हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और आसपास के इलाकों में तेज रफ्तार की आंधी के साथ कुछ देर की मूसलाधार बारिश से मौसम अचानक रौद्र हो गया. ऐसा लग रहा है कि मानसून केरल से फ्लाइट में सीधे दिल्ली पहुंच गया है. मौसम विभाग (आईएमडी) ने चेतावनी जारी करते हुए बताया कि अगले सात दिनों तक कई राज्यों में भारी बारिश हो सकती है. वहीं, यूपी-बिहार में भीषण लू का अलर्ट भी जारी किया गया है. मौसम विभाग ने बताया कि 5 जून को देश के अधिकांश राज्यों में आंधी तूफान के साथ बारिश और वज्रपात हो सकता है. दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, यूपी बिहार से लेकर मध्य प्रदेश, तेलंगाना और महाराष्ट्र में 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से भयानक आंधी चलने का हाई अलर्ट है.
कल का मौसम: भारत के कई हिस्सों में अब मौसम का मिजाज पूरी तरह से बदल चुका है. मौसम विभाग (आईएमडी) ने आगामी मौसम के लिए सख्त चेतावनी जारी की है. दक्षिण-पश्चिम मानसून ने आज यानी गुरुवार 4 जून को केरल के तटों पर अपनी आधिकारिक दस्तक दे दी है. लेकिन इस मानसून की एंट्री के साथ-साथ एक बहुत बड़ी मौसमी आफत भी देश की तरफ बढ़ रही है. मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक, अगले दो से तीन दिनों तक देश के उत्तर-पश्चिम, मध्य, पूर्वी भारत और दक्षिणी भारत के कई इलाकों में 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की भयानक रफ्तार से हवाएं चलेंगी. गरज-चमक के साथ भीषण तूफान आने की पूरी आशंका है.
मौसम विभाग (आईएमडी) की रिपोर्ट के अनुसार अगले 7 दिनों के दौरान केरल और कर्नाटक के अलग-अलग स्थानों पर 7 से 20 सेंटीमीटर तक भारी से बहुत भारी वर्षा होने की प्रबल संभावना है. इसके साथ ही, तमिलनाडु में भी कई जगहों पर मूसलाधार बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. तेलंगाना में तो स्थिति और भी विकट हो सकती है, जहां 4 से 8 जून के बीच 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलने और तेज बिजली कड़कने के साथ आंधी आने का अनुमान लगाया गया है. तटीय आंध्र प्रदेश, यनम और रायलसीमा के क्षेत्रों में भी इसी तरह का खतरनाक और तूफानी मौसम बना रहेगा.
दक्षिण के साथ-साथ पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में भी आसमान से भारी आफत बरसने वाली है. मौसम विज्ञानियों की चेतावनी है कि अगले 5 से 6 दिनों तक पूर्वोत्तर के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश का दौर लगातार जारी रहेगा. विशेष रूप से असम और मेघालय में 6 से 7 जून के बीच 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं के साथ मध्यम से भारी बारिश होगी. नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी 5 से 10 जून के बीच भारी बारिश की चेतावनी दी गई है. अरुणाचल प्रदेश में 6 से 9 जून के दौरान कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी वर्षा हो सकती है.
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अगर बात मध्य भारत की करें तो यहां मौसम का सबसे ज्यादा रौद्र रूप दिखने वाला है. मौसम विभाग ने मध्य प्रदेश, विदर्भ और छत्तीसगढ़ में भयंकर थंडरस्क्वॉल (Thundersquall) यानी अचानक आने वाले भयानक तूफान की चेतावनी जारी की है. पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश में गुरुवार 5 जून को 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवाएं अचानक 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं. विदर्भ और छत्तीसगढ़ में 6 जून तक ऐसा ही तूफानी मंजर देखने को मिलेगा. इसके अलावा, पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश में 4 जून को अलग-अलग स्थानों पर ओलावृष्टि होने की भी पूरी संभावना है.
उत्तर-पश्चिम भारत यानी कि दिल्ली और पंजाब हरियाणा वाले इलाके में भी मौसम बदलने वाला है. पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 4 से 5 जून को 50-60 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चलेंगी और तेज गरज के साथ छिटपुट से लेकर मध्यम स्तर की बारिश होने की आशंका जताई गई है.
पहाड़ों पर बर्फ और ओले गिरेंगे तो मैदानों में धूल भरी आंधी चलेगी. जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान और मुजफ्फराबाद के इलाकों में 4 से 6 जून के दौरान 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की तूफानी हवाओं के साथ बारिश और बिजली चमकने का अलर्ट है. हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 4 से 5 जून के बीच 40-50 किलोमीटर की रफ्तार से हवाएं चलेंगी और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि भी होगी.
दिल्ली और आस-पास के इलाकों (एनसीआर) के लिए मौसम विभाग ने विशेष बुलेटिन जारी किया है. पहाड़ों पर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है. उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में बने साइक्लोनिक सर्कुलेशन के आपस में मिलने से इस पूरे क्षेत्र में धूल भरी आंधी और गरज के साथ तूफान की गतिविधियां शुरू हो गई हैं. दिल्ली और एनसीआर में 6 जून तक दोपहर और शाम को तेज धूल भरी आंधी चलेगी. प्री-मानसून बौछारें भी पड़ेंगी. ऐसी मौसमी गतिविधि 7 जून तक बना रह सकता है. बुधवार (5 जून) को फिर से दिन के तापमान में करीब 2 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आएगी. ये वाला भी वीकेंड शानदार रहने वाला है.
अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज झोंकेदार हवाओं के साथ बिजली कड़कने और छिटपुट बारिश होने की संभावना है. 5 से 8 जून के बीच हवा की गति 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे रहेगी. पश्चिम बंगाल (गांगेय और उप-हिमालयी क्षेत्रों) तथा सिक्किम में 4 से 8 जून तक तेज हवाओं के साथ बारिश होगी. इसी तरह, झारखंड में 5 से 7 जून, बिहार में 5 और 7-10 जून, और ओडिशा में 6 से 10 जून के बीच 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवाएं लोगों को परेशान करेंगी.
पश्चिमी भारत के तटीय और भीतरी इलाकों में भी मानसून के आगे बढ़ने का असर दिखने की संभावना है. मौसम विभाग की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, कोंकण, गोवा और मराठवाड़ा क्षेत्रों में 4 से 7 जून के बीच 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की प्रबल संभावना है. मध्य महाराष्ट्र में 8 जून तक कई जिलों में भारी बारिश होने की संभावना है, खासकर खानदेश वाले इलाके में. गुजरात के सौराष्ट्र और कच्छ में 5 जून को तूफानी मौसम बना रहेगा. कोंकण और गोवा में 4 से 10 जून तक और मध्य महाराष्ट्र में 5 तथा 7-10 जून के दौरान कुछ अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश होने का पूर्वानुमान है.
6 से 10 जून के बीच उत्तर भारत के कई हिस्सों में तापमान 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ने की संभावना है. बारिश होने के बावजूद कई इलाकों में गर्मी फिर से अपने तीखे तेवर दिखाएगी. पूर्वी भारत में 10 जून तक तापमान स्थिर रहेगा. बिहार में 6 जून तक अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री की बढ़ोतरी हो सकती है. देश के बाकी हिस्सों में 10 जून 2026 तक अधिकतम तापमान में कोई महत्वपूर्ण बदलाव होने की संभावना नहीं है.
पूर्वी उत्तर प्रदेश में 7 से 10 जून और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 8 से 10 जून के बीच भीषण लू के हालात बने रहेंगे. इसके अलावा, ओडिशा में 4 से 8 जून तक, जबकि तटीय आंध्र प्रदेश, यनम, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 4 और 5 जून को अत्यधिक गर्म और उमस भरा मौसम लोगों का पसीना छुड़ाएगा, जिससे स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां काफी बढ़ सकती हैं.
मौसम विभाग द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, 5 जून को पूर्वोत्तर उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत के कई हिस्सों को ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. इसका मतलब है कि इन इलाकों में बारिश, आंधी और ओलावृष्टि की चेतावनी है. दक्षिण भारत और पूर्वी भारत के अधिकांश हिस्सों में येलो अलर्ट जारी किया गया है. नक्शे में थंडरस्टॉर्म, लाइटनिंग, हीट वेव और डस्ट स्टॉर्म के लिए अलग-अलग ग्राफिक प्रतीकों का इस्तेमाल कर के आम जनता को खतरे के प्रति सटीक रूप से आगाह किया गया है.
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