IIT JEE 2026 Result: पूर्वी चंपारण के एक छोटे से गांव से निकले कौशिक कुमार ने IIT JEE 2026 में देश भर में 9688वीं रैंक लाकर कमाल कर दिया है. पैक्स अध्यक्ष के बेटे कौशिक ने सफलता के लिए घंटों की पढ़ाई वाले फॉर्मूले को नकारते हुए एक बेहद अनोखा सक्सेस मंत्र साझा किया है. जिसे हर छात्र को जानना चाहिए. पूरी रिपोर्ट और पिता की पैरेंट्स को खास सलाह जानने के लिए क्लिक करें.
आदित्य गौरव/मोतिहारी: बिहार प्राचीन समय से ही ज्ञान की भूमि रही है. यहां एक से बढ़कर एक मेधावी छात्र हुए हैं, जिनमें भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद का नाम भी शामिल है. मेधा का यह सिलसिला आज भी बदस्तूर जारी है. आज भी बिहार के हजारों छात्र-छात्राएं देश की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षाओं जैसे UPSC, IIT-JEE और NEET में अपनी सफलता का परचम लहराकर अपने गांव और प्रदेश का नाम रोशन कर रहे हैं. इसी कड़ी में अब पूर्वी चंपारण जिले के पहाड़पुर प्रखंड अंतर्गत गंगा-पिपरा गांव के रहने वाले कौशिक कुमार का नाम भी जुड़ गया है.
हाल ही में घोषित हुए IIT JEE 2026 के नतीजों में कौशिक कुमार ने बड़ी सफलता हासिल की है. कौशिक को पूरे भारत में 9688 रैंक और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग श्रेणी में 1225वीं रैंक प्राप्त हुई है. उनकी इस शानदार सफलता से पूरे परिवार के साथ-साथ पूरे गांव में खुशी की लहर दौड़ गई है.
पैक्स अध्यक्ष के बेटे हैं कौशिक, बचपन से ही रहे हैं होनहार
कौशिक के पिता कन्हैया पांडेय मौजूदा समय में अपने पंचायत कमाल पिपरा के पैक्स अध्यक्ष हैं. उनकी माता पुष्पा देवी एक कुशल गृहिणी हैं. पिता कन्हैया पांडेय ने खुशी जाहिर करते हुए बताया कि कौशिक बचपन से ही पढ़ने में काफी तेज रहा है. उसकी प्रारंभिक शिक्षा बलहा स्थित संस्कृति पब्लिक स्कूल से हुई है. कौशिक की इस सफलता पर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है. वहीं कौशिक के बड़े भाई केशव कुमार और बड़ी बहन प्रीति राज भी वर्तमान में मेडिकल (नीट) की तैयारी में जुटे हुए हैं. जिससे पूरे परिवार में शिक्षा के प्रति गहरा लगाव साफ दिखता है.
घंटों की पढ़ाई से बचें…बताया अपना सक्सेस मंत्र
अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और बड़े भाई-बहन को देने वाले कौशिक कुमार ने भविष्य के छात्रों के लिए एक बहुत ही महत्वपूर्ण बात साझा की है. कौशिक का कहना है कि विद्यार्थियों को बहुत अधिक घंटों की पढ़ाई से बचना चाहिए. इसके बजाय इस बात पर फोकस करना चाहिए कि रोज का टास्क जल्दी और बेहतर तरीके से कैसे पूरा हो. अगर मन में माता-पिता का नाम रोशन करने और खुद के पैरों पर खड़े होने का सच्चा जज्बा हो, तो बड़ी से बड़ी सफलता भी हासिल की जा सकती है.
बच्चों पर जल्दी सफलता का दबाव न बनाएं
एक जिम्मेदार अभिभावक के नाते कन्हैया पांडेय ने आज के दौर के पैरेंट्स के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण संदेश दिया है. उन्होंने कहा कि अभिभावकों को संघर्ष कर रहे छात्रों पर कभी भी नकारात्मक या कड़वी टिप्पणी नहीं करनी चाहिए. बच्चों पर जल्दी सफलता हासिल करने का मानसिक दबाव बनाने के बजाय, उनके अच्छे आचरण और संस्कारों को मजबूत करने पर ध्यान देना चाहिए. कौशिक की सफलता में उनके अच्छे आचरण और अनुशासित जीवन का भी बड़ा योगदान रहा है.
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मैंने अपने 12 वर्षों के करियर में इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम किया है। मेरा सफर स्टार न्यूज से शुरू हुआ और दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर डिजिटल और लोकल 18 तक पहुंचा। रिपोर्टिंग से ले…और पढ़ें
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