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Most Matches as Umpire: पाकिस्तान के अलीम डार के नाम इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे ज्यादा मैचों में अंपायरिंग करने का रिकॉर्ड दर्ज है. उन्होंने 400 से भी ज्यादा मैचों में अंपायरिंग की. दिलचस्प यह है कि अन्य कोई 400 मैचों के आंकड़े को छू भी नहीं सका है. हैरानी की एक ये भी बात है कि टॉप-5 लिस्ट में भारत का कोई नाम नहीं है. आइए विस्तार से जानते हैं…
इंटरनेशनल क्रिकेट के 5 सबसे अनुभवी अंपायर.
अलीम डार (पाकिस्तान)
पाकिस्तान के अलीम डार का नाम क्रिकेट इतिहास के पन्नों में सुनहरे अक्षरों से दर्ज है. साल 2000 से लेकर 2024 तक, यानी लगभग ढाई दशकों तक उन्होंने मैदान पर अपनी अंपायरिंग का लोहा मनवाया. कुल 448 इंटरनेशनल मैचों में अंपायरिंग करके वह दुनिया के सबसे अनुभवी अंपायर बने हुए हैं. अलीम डार की सबसे बड़ी खासियत उनका शांत स्वभाव और डीआरएस (DRS) के दौर में भी उनके फैसलों की गजब की सटीकता रही. उन्हें आईसीसी के ‘अंपायर ऑफ द ईयर’ के लगातार तीन पुरस्कार (2009, 2010, 2011) भी मिले.
रूडी कर्टजन (साउथ अफ्रीका)
साउथ अफ्रीका के रूडी कर्टजन इस लिस्ट में 331 मैचों के साथ दूसरे नंबर पर हैं. 1992 से 2010 के बीच उनका करियर बेहद शानदार रहा. कर्टजन को उनकी एक खास आदत के लिए हमेशा याद किया जाता है- जब भी वह किसी बैटर को आउट देते थे, तो उनकी उंगली बहुत धीरे-धीरे ऊपर उठती थी. क्रिकेट फैंस और कॉमेंटेटर्स ने उनके इस अंदाज को ‘स्लो डेथ’ का नाम दिया था. मैदान पर उनका कड़क अनुशासन खिलाड़ियों के बीच सम्मान पैदा करता था.
स्टीव बकनर और सचिन तेंदुलकर.
स्टीव बकनर (वेस्टइंडीज)
वेस्टइंडीज के स्टीव बकनर ने 1989 से 2009 के बीच कुल 309 इंटरनेशनल मैचों में अंपायरिंग की. बकनर वो अंपायर थे जो उंगली उठाने से पहले काफी लंबा समय लेते थे, जिससे बैटर्स की धड़कनें बढ़ जाती थीं. सचिन तेंदुलकर के साथ मैदान पर हुए कुछ विवादित फैसलों के कारण भारतीय फैंस के बीच वह हमेशा चर्चा में रहे, लेकिन इसमें कोई दोराय नहीं है कि बिना तकनीक वाले दौर में भी बकनर ने दुनिया के सबसे कठिन मैचों में अंपायरिंग की.
बिली बोडेन (न्यूजीलैंड)
(308 मैच) क्रिकेट इतिहास के सबसे अनोखे अंपायर माने जाते हैं. रुमेटाइड आर्थराइटिस (गठिया) की बीमारी के कारण वह अपनी उंगली सीधी नहीं कर पाते थे, जिसके चलते उन्होंने आउट देने के लिए ‘टेढ़ी उंगली’ का अपना एक सिग्नेचर स्टाइल विकसित किया. इसके अलावा चौके-छक्के और नो-बॉल के लिए उनके डांसिंग सिग्नल्स दर्शकों का भरपूर मनोरंजन करते थे. वह अंपायरिंग में एंटरटेनमेंट का तड़का लगाने के लिए मशहूर रहे.
न्यूजीलैंड के अंपायर बिली बोडेन.
कुमार धर्मसेना (श्रीलंका)
श्रीलंका के पूर्व ऑलराउंडर कुमार धर्मसेना इस लिस्ट में पांचवें स्थान पर हैं. उन्होंने साल 2009 में अंपायरिंग की शुरुआत की और 2026 तक वह 289 इंटरनेशनल मैचों में अंपायरिंग की भूमिका निभा चुके हैं. 1996 का वर्ल्ड कप जीतने वाली श्रीलंकाई टीम का हिस्सा रहे धर्मसेना ने मैदान पर खिलाड़ियों के मनोविज्ञान को बहुत अच्छे से समझा. साल 2012 और 2018 में उन्हें आईसीसी अंपायर ऑफ द ईयर का अवॉर्ड भी मिला.
आखिर टॉप-5 में क्यों नहीं है कोई भारतीय अंपायर?
भारतीय क्रिकेट ने दुनिया को एक से बढ़कर एक महान बैटर्स और बॉलर्स दिए हैं, लेकिन जब बात सबसे अनुभवी अंपायर्स की आती है, तो भारत का कोई भी नाम दूर-दूर तक दिखाई नहीं देता. भारत की ओर से एस. वेंकटराघवन और सुंदरम रवि जैसे अंपायर्स ने आईसीसी एलीट पैनल में लंबा समय बिताया है, लेकिन वेंकटराघवन के दौर में मैचों की संख्या आज के मुकाबले बेहद कम होती थी. वर्तमान दौर में भारत के नितिन मेनन आईसीसी के एलीट पैनल में शामिल हैं और उनके फैसलों की सटीकता की तारीफ पूरी दुनिया करती है. हालांकि, मैचों की संख्या के इस विशाल आंकड़े (400+ मैच) तक पहुंचने के लिए अभी उन्हें लंबा सफर तय करना होगा. अभी तक उन्होंने 157 मैचों में ही अंपायरिंग की है.
About the Author
शिवम उपाध्याय उभरते हुए खेल पत्रकार हैं, जो नवंबर 2025 से देश के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान नेटवर्क 18 ग्रुप में बतौर सब एडिटर कार्यरत हैं. क्रिकेट विशेषज्ञता का मुख्य क्षेत्र है, लेकिन इसके अलावा हॉकी और बैडमिं…और पढ़ें
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