Merta Road Railway Station: नागौर जिले का मेड़ता रोड रेलवे स्टेशन जल्द ही एक नए और आकर्षक स्वरूप में नजर आएगा. स्टेशन के पुनर्विकास कार्य के तहत इसे मारवाड़ की पारंपरिक कला, संस्कृति और स्थानीय स्थापत्य शैली के अनुरूप विकसित किया जाएगा. इस परियोजना का उद्देश्य यात्रियों को आधुनिक सुविधाओं के साथ क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान से भी जोड़ना है. स्टेशन भवन के डिजाइन में स्थानीय वास्तुकला, पारंपरिक कलाकृतियों और मारवाड़ी विरासत की झलक देखने को मिलेगी. इसके साथ ही यात्री सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए आधुनिक इंतजाम भी किए जाएंगे, जिससे यात्रा अनुभव अधिक सुविधाजनक और आकर्षक बनेगा. रेलवे के इस प्रयास से मेड़ता रोड स्टेशन केवल एक परिवहन केंद्र नहीं रहेगा, बल्कि मारवाड़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक भी बनेगा.
आगमी दिनों में नागौर का मेड़ता रोड रेलवे स्टेशन और अभी अधिक सुंदर और हाईटेक बनने वाला है. इसको लेकर इस रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास कार्य जारी है. अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत मेड़ता रोड रेलवे स्टेशन का यह व्यापक पुनर्विकास किया जा रहा है. इस परियोजना का उद्देश्य स्टेशन को केवल यात्रियों के आवागमन का केंद्र बनाना नहीं, बल्कि क्षेत्र की ऐतिहासिक, धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देना है.
जोधपुर मंडल रेल प्रबंधक अनुराग त्रिपाठी ने बताया कि रेलवे की ओर से मेड़ता रोड स्टेशन के डिजाइन में स्थानीय एवं मारवाड़ी स्थापत्य शैली को शामिल करने पर विशेष जोर दिया गया है. स्टेशन भवन का बाहरी स्वरूप पारंपरिक राजस्थानी वास्तुकला से प्रेरित है जिसमें झरोखे, कलात्मक मेहराब, जालीदार नक्काशी, पारंपरिक चित्रांकन तथा मरुस्थलीय रंगों का समावेश किया जा रहा है.
इसके अलावा आधुनिक निर्माण तकनीकों और पारंपरिक कलात्मक तत्वों के समन्वय से स्टेशन को एक विशिष्ट पहचान देने की योजना है. स्टेशन का ढांचागत निर्माण कार्य पूरा करवा लिया गया है जबकि फिनिशिंग का कार्य प्रगति पर है जिसे पूरा करवा लिया जाएगा. 19 करोड़ रुपए की लागत से किए जा रहे पुनर्विकास कार्यों के तहत स्टेशन भवन का आधुनिकीकरण किया जा रहा है.
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इसमें आकर्षक प्रवेश द्वार, विस्तृत सर्कुलेटिंग एरिया, सुगम ड्रॉप-ऑफ जोन आदि सुविधाएं रहेंगी. अनुराग त्रिपाठी ने बताया कि रेलवे स्थानीय अर्थव्यवस्था और संस्कृति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ‘एक स्टेशन एक उत्पाद’ योजना के तहत स्थानीय हस्तशिल्प और पारंपरिक उत्पादों के लिए विशेष कियोस्क भी विकसित करेगा. स्टेशन परिसर में हरित क्षेत्र, लैंडस्केपिंग, फूड कोर्ट, बेहतर पार्किंग व्यवस्था और मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी जैसी सुविधाओं का भी विकास किया जाएगा.
जोधपुर मंडल के मंडल रेल प्रबंधक व उनकी टीम ने हाल ही में मेड़ता रोड, रेण और डेगाना स्टेशनों के विकास कार्यों का निरीक्षण किया. प्रत्येक स्टेशन पर लगभग 15 से 17 करोड़ रुपए की लागत से विभिन्न कार्य प्रगति पर हैं. परियोजना में प्लेटफॉर्म उन्नयन, फुट ओवर ब्रिज, अंडरपास, सर्कुलेटिंग एरिया और अन्य यात्री सुविधाओं के विकास कार्य शामिल हैं.
रेलवे के अनुसार मेड़ता रोड एक महत्वपूर्ण जंक्शन होने के कारण इसके विकास में विशेष ध्यान दिया जा रहा है. उद्देश्य यह है कि स्टेशन यात्रियों के लिए केवल ट्रेन पकड़ने की आधुनिक एवं सुविधा मिले. इस रेलवे स्टेशन में सुविधाओं के विस्तार के बाद यहां यात्रियों को बड़े शहरों जैसे रेलवे स्टेशनों के जैसा अनुभव होगा. इसके अलावा उन्हें यहां कई बड़ी आधुनिक सुविधा भी मिलेगी.
इसको लेकर स्थानीय लोगों ने रेलवे के इस कदम को सराहा है. उन्होंने बताया कि मारवाड़ की शैली को जब इस रेलवे स्टेशन में दिखाया जाएगा तो यहां आने वाले लोगों को यहां की संस्कृति और कला के के बारे में जानकारी मिलेगी. इससे उन्हें अच्छा अनुभव मिलेगा. रेलवे के अनुसार अभी इस रेलवे स्टेशन का काम जारी है, जल्द इसका काम पूरा होने के बाद इस स्टेशन को बनावट और सुंदरता में चार चांद लग जाएंगे.
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