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  • राजस्व बढ़ाने के साथ व्यवस्था सुधारना भी जरूरी, जवाबदेही से ही बनेगा मजबूत विभाग :
  • मेरठ प्रभार की समीक्षा बैठक में आबकारी आयुक्त का एक्शन प्लान, पारदर्शिता और राजस्व बढ़ोतरी पर दिया जोर
  • हर बोतल का होगा डिजिटल हिसाब, नियमों से खिलवाड़ करने वालों पर चलेगा सख्त कार्रवाई का डंडा
  • तकनीक, अनुशासन और जवाबदेही के दम पर आबकारी विभाग को नई ऊंचाइयों पर ले जा रहे हैं आबकारी आयुक्त

उदय भूमि संवाददाता
गौतमबुद्धनगर। उत्तर प्रदेश आबकारी विभाग को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में आबकारी आयुक्त डॉ. आदर्श सिंह लगातार सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। उनकी कार्यशैली का प्रभाव अब विभागीय व्यवस्थाओं में स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। बुधवार को गौतमबुद्धनगर स्थित कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित मेरठ प्रभार की विभागीय समीक्षा बैठक में डॉ. आदर्श सिंह ने जिस स्पष्टता और सख्ती के साथ अधिकारियों को निर्देश दिए, उससे यह साफ हो गया कि विभाग अब राजस्व वृद्धि के साथ-साथ पूर्ण पारदर्शिता और जवाबदेही के सिद्धांत पर आगे बढ़ेगा। आबकारी आयुक्त की अध्यक्षता में आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक में मेरठ प्रभार के सभी जनपदों के जिला आबकारी अधिकारी, आबकारी निरीक्षक और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक का मुख्य उद्देश्य राजस्व संग्रहण की समीक्षा, मदिरा बिक्री में पारदर्शिता सुनिश्चित करना तथा आबकारी नियमों के प्रभावी क्रियान्वयन को और मजबूत बनाना था। बैठक के दौरान डॉ. आदर्श सिंह ने सबसे अधिक जोर पीओएस (पॉइंट ऑफ सेल) मशीनों के माध्यम से शत-प्रतिशत बिक्री सुनिश्चित करने पर दिया।

उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि शराब की दुकानों पर पीओएस मशीन से बिक्री न होने की स्थिति में संबंधित आबकारी निरीक्षकों की जवाबदेही तय की जाएगी। उन्होंने कहा कि तकनीक आधारित निगरानी व्यवस्था को कमजोर करने वाले किसी भी अधिकारी या अनुज्ञापन धारक को बख्शा नहीं जाएगा। बैठक में उप आबकारी आयुक्त मेरठ प्रभार नीरज वर्मा, संयुक्त आबकारी आयुक्त मेरठ जोन दिलीप मणि त्रिपाठी, जिला आबकारी अधिकारी गौतमबुद्ध नगर सुबोध कुमार श्रीवास्तव, गाजियाबाद जिला आबकारी अधिकारी संजय कुमार प्रथम, मेरठ प्रदीप सिंह, बागपत नवीन सिंह, बुलंदशहर राजेन्द्र कुमार, हापुड़ तथा सहित मेरठ प्रभार के सभी जनपदों के अधिकारी उपस्थित रहे। नोएडा आबकारी निरीक्षक आशीष पाण्डेय, अखिलेश बिहारी वर्मा, सचिन त्रिपाठी, नामवर सिंह, अभिनव शाही, संजय चन्द्र सिंह, दीनेन्द्र सिंह मौजूद रहे। डॉ. आदर्श सिंह ने निर्देश दिए कि प्रदेश के सभी फुटकर अनुज्ञापनों पर प्रत्येक बिक्री पीओएस मशीन के माध्यम से ही दर्ज होनी चाहिए। साथ ही थोक अनुज्ञापनों, बार, बॉन्ड, बीआईओ तथा प्रीमियम वेंड्स पर आने वाली पूरी मदिरा को पहले स्टॉक-इन किया जाए और उसके बाद पीओएस प्रणाली के माध्यम से ही बिक्री सुनिश्चित की जाए।

उन्होंने कहा कि इससे न केवल राजस्व रिसाव रुकेगा बल्कि विभागीय निगरानी भी और अधिक प्रभावी होगी। बैठक में उनकी प्रशासनिक कार्यशैली की एक और झलक देखने को मिली, जब उन्होंने अधिकारियों को केवल निर्देश देने तक सीमित न रहते हुए स्पष्ट चेतावनी भी दी कि यदि किसी स्तर पर नियमों का उल्लंघन पाया गया तो संबंधित आबकारी निरीक्षक और अनुज्ञापन धारक दोनों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। उनका मानना है कि जवाबदेही तय किए बिना व्यवस्था में सुधार संभव नहीं है। डॉ. आदर्श सिंह ने अन्य राज्यों से आने वाली मदिरा के स्टॉक पर भी विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बीआईओ, बीडब्ल्यूएफएल-2ए, 2बी और 2सी इकाइयों पर नियमित निरीक्षण किया जाए तथा यह सुनिश्चित किया जाए कि मदिरा की निकासी निर्धारित नियमों और कानूनी प्रावधानों के अनुरूप ही हो। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की अनियमितता विभाग की छवि को प्रभावित करती है और ऐसे मामलों में शून्य सहनशीलता की नीति अपनाई जाएगी।

मेरठ प्रभार में कंपोजिट दुकानों से मॉडल शॉप में परिवर्तित की गई दुकानों के संचालन की भी समीक्षा की गई। आबकारी आयुक्त ने निर्देश दिए कि सभी मॉडल शॉप निर्धारित मानकों के अनुरूप संचालित हों और ग्राहकों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि निर्धारित न्यूनतम प्रत्याभूत मात्रा (एमजीक्यू), अंग्रेजी मदिरा के एमजीआर और बीयर की त्रैमासिक निकासी समयबद्ध ढंग से पूरी हो। बैठक में डॉ. आदर्श सिंह ने देशी मदिरा की दुकानों पर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यदि किसी देशी मदिरा दुकान पर अन्य प्रकार की मदिरा परोसी या पिलाई जाती है तो संबंधित संचालक के खिलाफ तत्काल और सख्त कार्रवाई की जाए। यह निर्देश उनकी नियमों के प्रति कठोर प्रतिबद्धता को दर्शाता है। नोएडा और गाजियाबाद जैसे तेजी से विकसित हो रहे शहरी क्षेत्रों में प्रीमियम रिटेल वेंड्स और लो-अल्कोहलिक बार्स की संभावनाओं पर भी बैठक में चर्चा हुई।

डॉ. आदर्श सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन नए अनुज्ञापनों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए और निवेशकों को आकर्षित करने के लिए सकारात्मक प्रयास किए जाएं। साथ ही उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि इन प्रतिष्ठानों पर किसी भी स्थिति में अन्य राज्यों की मदिरा का अवैध उपभोग न होने पाए। उन्होंने मॉडल शॉप और कंपोजिट दुकानों में भारतीय निर्मित प्रीमियम ब्रांडों की अधिकतम उपलब्धता सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और हाइपर मार्केट्स में नई प्रीमियम रिटेल वेंड्स स्थापित करने के लिए आवश्यक प्रयास तेज करने को कहा। बैठक में उपस्थित अधिकारियों ने आबकारी आयुक्त के निर्देशों को विभागीय सुधार और राजस्व वृद्धि की दिशा में महत्वपूर्ण बताया।

अधिकारियों का मानना है कि डॉ. आदर्श सिंह की दूरदर्शी सोच, तकनीक आधारित निगरानी प्रणाली पर जोर और जवाबदेही तय करने की स्पष्ट नीति विभाग को नई कार्यसंस्कृति की ओर ले जा रही है। मेरठ प्रभार की यह समीक्षा बैठक केवल विभागीय समीक्षा तक सीमित नहीं रही, बल्कि यह संदेश भी दे गई कि उत्तर प्रदेश आबकारी विभाग अब पारदर्शिता, अनुशासन और परिणाम आधारित प्रशासन की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। डॉ. आदर्श सिंह के नेतृत्व में विभाग की कार्यप्रणाली को नई पहचान मिल रही है, जिसका लाभ आने वाले समय में राजस्व वृद्धि और बेहतर प्रशासनिक व्यवस्था के रूप में दिखाई देगा।

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