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होमताजा खबरदेशममता की टीएमसी में हो गई बगावत! 59 MLA का साइन लेकर स्पीकर से मिले रीताब्रता

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Mamata Banerjee TMC Crisis Live Updates: तृणमूल कांग्रेस (TMC) में अंदरूनी कलह अब खुलकर सामने आती दिख रही है. टीएमसी से निष्कासित किए गए विधायक रीताब्रता बनर्जी ने बुधवार को बड़ा दावा करते हुए कहा कि उन्हें विध…और पढ़ें

ममता की टीएमसी में हो गई बगावत! 59 MLA का साइन लेकर स्पीकर से मिले रीताब्रताZoom

रीताब्रता बनर्जी ने बुधवार को बड़ा दावा करते हुए कहा कि उन्हें विधानसभा में टीएमसी के 80 में से 59 विधायकों का समर्थन हासिल है.

तृणमूल कांग्रेस (TMC) में दो फाड़ की अटकलें अब सच होती दिख रही हैं. टीएमसी से निष्कासित किए गए बागी विधायक रीताब्रता बनर्जी ने बुधवार को बड़ा दावा करते हुए कहा कि उन्हें विधानसभा में पार्टी के 80 में से 59 विधायकों का समर्थन हासिल है. उनके इस कदम ने राज्य की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है.

सूत्रों के मुताबिक, रीताब्रता बनर्जी ने 50 से अधिक विधायकों के हस्ताक्षर जुटा लिए हैं और विधानसभा स्पीकर से मिलकर नेता विपक्ष के पद को लेकर बदलाव की मांग उठाई है. इसके बाद विपक्षी खेमे में नए शक्ति संघर्ष की चर्चा तेज हो गई है.

दरअसल टीएमसी ने सोमवार को रीताब्रता बनर्जी और संदीपन साहा को कथित तौर पर पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में निष्कासित कर दिया था. यह कार्रवाई उस समय हुई जब मुख्यमंत्री शुवेंदु अधिकारी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया था कि विधानसभा अध्यक्ष को बागी विधायक की ओर से औपचारिक शिकायत मिली है.

Mamata Banerjee TMC Crisis Live: ममता बनर्जी ने शोभनदेव चटर्जी को बनाया नेता विपक्ष, फिरहाद हकीम चीफ व्हिप

टीएमसी में जारी झगड़े के बीच पार्टी ने बुधवार को विधानसभा में अपने नए नेतृत्व की औपचारिक घोषणा भी कर दी. ममता बनर्जी ने पार्टी के वरिष्ठ नेता शोभनदेव चटर्जी को विपक्ष का नेता नियुक्त किया है, जबकि फिरहाद हकीम को मुख्य सचेतक की जिम्मेदारी सौंपी गई है.

Mamata Banerjee TMC Rift Live Updates: ममता बनर्जी की टीएमसी में कैसे हुई इस बगावत की शुरुआत

टीएमसी में इस बगावत की शुरुआत उस प्रस्ताव से हुई, जिसे 6 मई को विधानसभा में पार्टी की ओर से जमा किया गया था. इसे लेकर रिताब्रता बनर्जी और संदीपन साहा का आरोप था कि उस दस्तावेज पर उनके समेत कई विधायकों के हस्ताक्षर फर्जी तरीके से लगाए गए थे. इस प्रस्ताव में विधानसभा में विपक्ष के नेता, उपनेता और मुख्य सचेतक के नाम शामिल थे. दोनों विधायकों ने दस्तावेज की वैधता और पार्टी नेतृत्व की तरफ से अपनाई गई प्रक्रिया पर सवाल उठाए थे.

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