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नई दिल्लीकुछ ही क्षण पहले

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कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दिपके 6 जून को भारत लौटेंगे। वे दिल्ली के जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करेंगे। इसमें शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग करेंगे।

दिपके ने खुद इसकी जानकारी X के कॉक्रोच इस बैक अकाउंट पर दी।

कॉकरोच इस बैक अकाउंट का X पर ट्वीट:

कॉकरोच जनता पार्टी का X अकाउंट अभी बंद

दिल्ली हाईकोर्ट का ने 29 मई को कॉकरोच जनता पार्टी क X अकाउंट से बैन हटाने से इनकार कर दिया था। कोर्ट ने सरकार और X से 4 हफ्ते में जवाब मांगा

दिल्ली हाईकोर्ट में दिपके ने CJP का X अकाउंट ब्लॉक किए जाने को चुनौती दी है।

जस्टिस पुरुषेन्द्र कुमार कौरव की बेंच ने कहा कि सरकार का पक्ष सुने बिना ऐसा आदेश नहीं दिया जा सकता, क्योंकि मामले के व्यापक प्रभाव और दूरगामी परिणाम हैं। अदालत ने केंद्र सरकार से चार सप्ताह में जवाब दाखिल करने को कहा और मामले की अगली सुनवाई 6 जुलाई को तय की।

कॉकरोच जनता पार्टी एक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म है, जो भारत के चीफ जस्टिस सूर्यकांत की हालिया कॉकरोच टिप्पणी के बाद सामने आया। सोमवार दोपहर 2 बजे तक CJP के इंस्टाग्राम पर 2.23 करोड़ (22.3 मिलियन) फॉलोवर्स हैं।

दिपके बोले- CJP राजनीतिक और सामाजिक व्यंग्य

  • CJP राजनीतिक और सामाजिक व्यंग्य (सटायर) पर आधारित पहल है। अगर कुछ पोस्ट आपत्तिजनक हैं, तो सिर्फ उन्हें ब्लॉक किया जा सकता है।
  • पूरे अकाउंट को बंद करना सही नहीं है। पहले भी ऐसे मामलों में अदालतें राहत दे चुकी हैं और कुछ अकाउंट बहाल हुए हैं।

कोर्ट बोला- ब्लॉकिंग ऑर्डर की वजह अभी साफ नहीं

  • फिलहाल सिर्फ नोटिस जारी किया जा सकता है। इस मामले में कानून अभी शुरुआती दौर में है। ब्लॉकिंग ऑर्डर की वजह अभी साफ नहीं है। न याचिकाकर्ता ने ब्लॉकिंग ऑर्डर देखा है, न कोर्ट ने।
  • जिन पुराने मामलों का हवाला दिया गया, वे अलग थे। वहां कुछ पोस्ट विवादित थीं, यहां पूरे अकाउंट की गतिविधियों पर सवाल है।

सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि

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इंटरमीडियरी (X) याचिकाकर्ता की मदद करता दिख रहा है। सरकार का पक्ष सुने बिना कोई आदेश नहीं दिया जाना चाहिए। जरूरत पड़ने पर ब्लॉकिंग ऑर्डर और पूरा रिकॉर्ड कोर्ट के सामने रखा जा सकता है।

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कॉकरोच जनता पार्टी नाम का सोशल मीडिया पेज 16 मई को अभिजीत दीपके ने बनाया था।

कॉकरोच जनता पार्टी नाम का सोशल मीडिया पेज 16 मई को अभिजीत दीपके ने बनाया था।

राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला देकर ब्लॉक हुआ था अकाउंट

दिपके ने उस सरकारी आदेश को चुनौती दी है, जिसके तहत राष्ट्रीय सुरक्षा संबंधी कारणों का हवाला देकर CJP का X हैंडल ब्लॉक किया गया था। याचिका एडवोकेट नकुल गांधी ने दायर की है।

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) के इनपुट के आधार पर केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए कार्रवाई की थी। इसके बाद इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 69A के तहत X को अकाउंट ब्लॉक करने का निर्देश दिया था।

21 मई को X अकाउंट बंद हुआ तो नया बनाया

CJP का X अकाउंट 21 मई ब्लॉक कर दिया गया था। जब पुराना अकाउंट बंद हुआ, तब 1.93 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स थे। संगठन ने कुछ देर बाद नया अकाउंट बनाया। इसका नाम ‘कॉकरोच इज बैक’ रखा गया और बायो में लिखा- कॉकरोच डोंट डाय यानी कॉकरोच मरते नहीं।X पर इसके सोमवार दोपहर 2 बजे तक 240.08 k फॉलोअर्स हैं। इलाहाबाद हाईकोर्ट में अभिजीत दिपको को भारत लाने की मांग को लेकर भाजपा कार्यकर्ता ने याचिका लगाई है।

कॉकरोच जनता पार्टी ने X पर यह वीडियो शेयर किया है, जिसमें पार्टी जॉइन करने की अपील की गई है।

कॉकरोच जनता पार्टी ने X पर यह वीडियो शेयर किया है, जिसमें पार्टी जॉइन करने की अपील की गई है।

सुप्रीम कोर्ट ने CBI जांच कराने की याचिका खारिज की

सुप्रीम कोर्ट ने 24 मई को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) से जुड़े व्यक्तियों की गतिविधियों की CBI से जांच करवाने की मांग पर तुरंत सुनवाई करने से इनकार कर दिया।

कोर्ट में याचिकाकर्ता के वकील एनके गोस्वामी ने कहा कि CJP, ज्यूडीशियरी की इमेज खराब कर रही है। इसके बाद CJI और जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल पंचोली की बेंच ने कहा, ‘इसे इतनी भावुकता से मत लें।’ पूरी खबर पढ़ें..

CJP मामले में 23 मई तक की टाइमलाइन

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बेरोजगारों को कॉकरोच कहना क्या सही:पूर्व CJI बोले- जज भी इंसान, कोई शब्द निकल जाता है, सोशल मीडिया पर गलत मतलब निकाला जाता है

पूर्व सीजेआई बीआर गवई ने गुरुवार को दैनिक भास्कर को इंटरव्यू दिया। इस दौरान उनसे पूछा गया कि सुप्रीम कोर्ट में बेरोजगारों को ‘कॉकरोच’ और ‘पैरासाइट’ जैसे शब्द कहे गए, आप इसे कैसे देखते हैं?

इस पर उन्होंने कहा- इस बात को बेवजह बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जा रहा है। जज भी इंसान हैं। सुनवाई के दौरान बिना किसी बुरे इरादे के अनजाने में कोई शब्द निकल जाता है। सोशल मीडिया के कारण बिना संदर्भ समझे ऐसे शब्दों का गलत अर्थ निकालकर विवाद खड़ा कर दिया जाता है, जो सही नहीं है। पूरी खबर पढ़ें…

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