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होमताजा खबरदेश17800 करोड़ का सहारा, रेहड़ी-पटरी वालों के लिए वरदान बनी मोदी सरकार की योजना

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पीएम स्वनिधि योजना के तहत भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण के सहयोग से वित्तीय साक्षरता, डिजिटल साक्षरता और खाद्य सुरक्षा संबंधी प्रशिक्षण भी दिया जाता है. अब तक लगभग 6 लाख स्ट्रीट फूड विक्रेताओं को खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता मानकों का प्रशिक्षण दिया जा चुका है.

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17800 करोड़ का सहारा, रेहड़ी-पटरी वालों के लिए वरदान बनी मोदी सरकार की योजनाZoom

अब तक 75 लाख से अधिक लोगों ने पीएम स्वनिधि योजना का लाभ उठाया है.

नई दिल्ली. एक आधिकारिक बयान के अनुसार, प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि (पीएम स्वनिधि) योजना के तहत अब तक 75.5 लाख से अधिक रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं (स्ट्रीट वेंडर्स) ने 112 लाख से ज्यादा लोन का लाभ उठाया है. देश भर के रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं को 17,800 करोड़ रुपए से अधिक के लोन वितरित किए जा चुके हैं. इसके अलावा लाभार्थियों को ब्याज सब्सिडी और डिजिटल कैशबैक प्रोत्साहन के रूप में लगभग 800 करोड़ रुपए भी प्राप्त हुए हैं.

योजना के लाभार्थियों में लगभग 46 प्रतिशत महिलाएं हैं, जबकि करीब 70 प्रतिशत लाभार्थी वंचित और कमजोर वर्गों से आते हैं. बयान के अनुसार, इस योजना ने सूक्ष्म उद्यमों, स्थानीय आपूर्ति शृंखलाओं और शहरी स्थानीय निकायों के साथ रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं के एकीकरण को मजबूत किया है. पीएम स्वनिधि योजना की शुरुआत कोविड-19 महामारी के दौरान की गई थी, ताकि उन रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं (स्ट्रीट वेंडर्स) को किफायती कार्यशील पूंजी उपलब्ध कराई जा सके, जिनका कारोबार महामारी से गंभीर रूप से प्रभावित हुआ था.

रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं के लिए विशेष रूप से शुरू की गई यह देश की पहली सूक्ष्म ऋण योजना थी. असंगठित क्षेत्र के इस बड़े वर्ग की औपचारिक ऋण व्यवस्था तक सीमित पहुंच को देखते हुए, योजना का उद्देश्य उनके कारोबार को बढ़ावा देना और वित्तीय समावेशन को मजबूत करना था. योजना की उपलब्धियों और इसके सकारात्मक प्रभाव को देखते हुए सरकार ने पीएम स्वनिधि योजना का पुनर्गठन और विस्तार करने को मंजूरी दी है. अब इस योजना के तहत ऋण वितरण की अवधि मार्च 2030 तक बढ़ा दी गई है.

इस योजना के तहत वे सभी लोग पात्र हैं जो सड़क, फुटपाथ, पगडंडी या अन्य सार्वजनिक स्थानों पर अस्थायी ढांचे के माध्यम से अथवा घूम-घूमकर दैनिक उपयोग की वस्तुएं, खाद्य पदार्थ या अन्य सामान बेचते हैं या सेवाएं प्रदान करते हैं. इनमें सब्जी, फल और तैयार खाद्य पदार्थ बेचने वाले विक्रेता तथा नाई, मोची और कपड़ा धुलाई जैसी सेवाएं देने वाले लोग शामिल हैं.

योजना के तहत रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं को बिना किसी गारंटी के 15,000 रुपए, 25,000 रुपए और 50,000 रुपए तक के कार्यशील पूंजी लोन चरणबद्ध तरीके से उपलब्ध कराए जाते हैं. इसके साथ ही योजना में ब्याज सब्सिडी, ऋण गारंटी सहायता और पात्र विक्रेताओं को 30,000 रुपए तक की सीमा वाले यूपीआई से जुड़े रुपे क्रेडिट कार्ड की सुविधा भी दी जाती है. पीएम स्वनिधि योजना समय पर और जल्दी ऋण चुकाने को प्रोत्साहित करती है. इसके तहत लाभार्थियों को प्रतिवर्ष 7 प्रतिशत ब्याज सब्सिडी दी जाती है. समय पर ऋण चुकाने वाले विक्रेता अगले चरण में अधिक राशि के ऋण के लिए भी पात्र हो जाते हैं.

योजना डिजिटल लेन-देन को बढ़ावा देने के लिए 1,600 रुपए तक के कैशबैक प्रोत्साहन और वित्तीय साक्षरता सहायता भी प्रदान करती है. अब तक 55 लाख से अधिक विक्रेताओं ने करीब 8.96 लाख करोड़ रुपए मूल्य के 841 करोड़ से अधिक डिजिटल लेन-देन किए हैं.

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Rakesh Ranjan Kumar

राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें

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