-जीडीए ने शासन को भेजा प्रस्ताव, पीपीपी मॉडल पर यूपीसीए के साथ मिलकर विकसित होगी महत्वाकांक्षी परियोजना
-क्रिकेट स्टेडियम के साथ अकादमी, प्रशिक्षण केंद्र और स्पोर्ट्स साइंस सुविधाएं भी होंगी विकसित
-परियोजना से गाजियाबाद को मिलेगी नई पहचान, पर्यटन, व्यापार और रोजगार के खुलेंगे बड़े अवसर
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में खेल अवसंरचना को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने की दिशा में गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने बड़ी पहल की है। राजनगर एक्सटेंशन में प्रस्तावित अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम परियोजना को अब तेजी मिलने जा रही है। 33 एकड़ क्षेत्रफल में बनने वाले इस विश्वस्तरीय क्रिकेट स्टेडियम के निर्माण के लिए जीडीए ने शासन को विस्तृत प्रस्ताव भेज दिया है। परियोजना को पीपीपी मॉडल के तहत उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (यूपीसीए) और जीडीए की संयुक्त भागीदारी में विकसित किया जाएगा। यह महत्वाकांक्षी परियोजना गाजियाबाद को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल मानचित्र पर स्थापित करने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है। जीडीए उपाध्यक्ष नंद किशोर कलाल ने बताया कि विस्तृत परीक्षण, तकनीकी अध्ययन और कई दौर की चर्चाओं के बाद परियोजना का प्रस्ताव तैयार कर शासन को अनुमोदन के लिए भेजा गया है। उन्होंने कहा कि इस परियोजना के साकार होने से गाजियाबाद खेल गतिविधियों का बड़ा केंद्र बनकर उभरेगा।
जीडीए द्वारा कराए गए व्यापक अध्ययन में यह तथ्य सामने आया कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में फिलहाल अंतरराष्ट्रीय स्तर का आधुनिक क्रिकेट स्टेडियम उपलब्ध नहीं है। जबकि गाजियाबाद की भौगोलिक स्थिति, दिल्ली और अन्य शहरों से उत्कृष्ट कनेक्टिविटी तथा तेजी से विकसित हो रहे शहरी ढांचे को देखते हुए यह परियोजना बेहद उपयुक्त मानी गई है। राजनगर एक्सटेंशन क्षेत्र में तेजी से बढ़ती आबादी और आधुनिक सुविधाओं के विस्तार को भी इस परियोजना के लिए सकारात्मक माना गया है। परियोजना को लेकर जीडीए और यूपीसीए के बीच कई दौर की बैठकें हुईं। जीडीए उपाध्यक्ष नंद किशोर कलाल के निर्देशन में हुई इन बैठकों में स्टेडियम के स्वरूप, निवेश, संचालन और भविष्य की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। जीडीए के प्रयासों के बाद यूपीसीए ने भी इस परियोजना को संयुक्त उपक्रम यानी ज्वाइंट वेंचर मॉडल के तहत विकसित करने पर सिद्धांतत: सहमति प्रदान कर दी है। बताया गया कि इस परियोजना को लेकर बीते 14 मई को आयोजित जीडीए की 172वीं बोर्ड बैठक में भी विस्तृत चर्चा हुई थी। मेरठ मंडल के मंडलायुक्त एवं जीडीए अध्यक्ष भानुचंद्र गोस्वामी की अध्यक्षता में हुई बैठक में परियोजना के विभिन्न पहलुओं पर विचार-विमर्श किया गया और आवश्यक संस्तुतियां प्रदान की गईं।
बोर्ड बैठक की स्वीकृति के बाद अब इसका प्रस्ताव शासन को अंतिम अनुमोदन के लिए भेजा गया है। प्रस्तावित परियोजना के तहत केवल अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम ही नहीं, बल्कि आधुनिक क्रिकेट अकादमी, प्रशिक्षण केंद्र, फिटनेस सेंटर और स्पोर्ट्स साइंस सुविधाओं का भी विकास किया जाएगा। खिलाडिय़ों को विश्वस्तरीय प्रशिक्षण उपलब्ध कराने के लिए अत्याधुनिक तकनीकों और सुविधाओं को शामिल करने की योजना बनाई गई है। इससे गाजियाबाद और आसपास के युवाओं को खेल के क्षेत्र में आगे बढऩे के बेहतर अवसर मिल सकेंगे। परियोजना को जीडीए और यूपीसीए द्वारा 50-50 प्रतिशत की भागीदारी में पीपीपी मॉडल पर विकसित किए जाने का प्रस्ताव है। इस मॉडल के तहत सरकारी और निजी संसाधनों के समन्वय से परियोजना को आधुनिक स्वरूप दिया जाएगा।
अधिकारियों का मानना है कि इससे न केवल खेल संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि शहर के आर्थिक विकास को भी नई गति मिलेगी। जीडीए उपाध्यक्ष नंद किशोर कलाल ने कहा कि इस परियोजना के पूरा होने के बाद गाजियाबाद को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी। बड़े क्रिकेट मुकाबलों और खेल आयोजनों के आयोजन से पर्यटन, होटल उद्योग, परिवहन, व्यापार और सेवा क्षेत्र में निवेश बढ़ेगा। साथ ही स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। उन्होंने कहा कि यह परियोजना प्रदेश में खेल अवसंरचना को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि साबित होगी।
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