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-10 जून तक काम शुरू करने का अल्टीमेटम, ठेकेदारों और इंजीनियरों को चेतावनी
-अब गुणवत्ता से समझौता नहीं, मानकों के अनुसार होंगे निर्माण कार्य
-पांचों जोन में समन्वय बनाकर काम करने के निर्देश, जनता को राहत देने पर जोर
-निरीक्षण में लापरवाही मिली तो ठेकेदारों के साथ अधिकारियों पर भी गिरेगी गाज
-पोर्टल के जरिए शहर के विकास कार्यों की समीक्षा, कार्यों में देरी पर मांगा जवाब

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। नगर निगम में चल रहे विकास कार्यों में लगातार हो रही देरी और विभागों के बीच समन्वय की कमी को लेकर नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने सख्त रुख अपनाया है। नगर आयुक्त ने शुक्रवार को निर्माण विभाग, जलकल विभाग, स्वास्थ्य विभाग, प्रकाश विभाग और उद्यान विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर शहर में चल रहे विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक के दौरान विभागों के बीच तालमेल की कमी सामने आने पर नगर आयुक्त ने अधिकारियों के साथ-साथ संबंधित ठेकेदारों को भी कड़ी फटकार लगाई। बैठक में नगर आयुक्त ने पोर्टल के माध्यम से शहर के विभिन्न क्षेत्रों में चल रहे कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। समीक्षा के दौरान यह बात सामने आई कि कई स्थानों पर जलकल विभाग और निर्माण विभाग के बीच समन्वय न होने के कारण विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। कहीं पाइपलाइन और सीवर लाइन मरम्मत का कार्य सड़क निर्माण में बाधा बन रहा है तो कहीं निर्माण कार्यों के कारण जलापूर्ति व्यवस्था प्रभावित हो रही है। नगर आयुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिए कि इंदिरापुरम सहित नगर निगम के पांचों जोनों में सभी विभाग आपसी समन्वय बनाकर कार्य करें, ताकि जनता को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में देरी और अव्यवस्था किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी।

बैठक के दौरान नगर आयुक्त ने ठेकेदारों को भी कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि वर्क ऑर्डर जारी होने के बाद कार्य शुरू करने में देरी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने पोर्टल पर दर्ज परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि जिन कार्यों के वर्क ऑर्डर जारी हो चुके हैं, उनमें हर हाल में 10 जून तक कार्य प्रारंभ कर दिया जाए। नगर आयुक्त ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि कार्यस्थलों पर गुणवत्ता और मानकों का विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने मुख्य अभियंता निर्माण नरेंद्र कुमार चौधरी और महाप्रबंधक जल कामाख्या प्रसाद आनंद को निर्देशित किया कि सभी निर्माण और मरम्मत कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप कराए जाएं और किसी प्रकार की लापरवाही न होने पाए। बैठक में पोर्टल के माध्यम से उद्यान विभाग के कार्यों की भी समीक्षा की गई। नगर आयुक्त ने निर्देश दिए कि शहर में चल रहे सभी विकास कार्यों को पोर्टल पर अनिवार्य रूप से शामिल किया जाए, ताकि उनकी नियमित मॉनिटरिंग की जा सके और प्रगति की पारदर्शी निगरानी बनी रहे। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि निरीक्षण के दौरान यदि किसी भी कार्य में लापरवाही पाई गई तो संबंधित ठेकेदार के साथ-साथ अवर अभियंता और अधिशासी अभियंता के खिलाफ भी कठोर कार्रवाई की जाएगी।

नगर आयुक्त ने कहा कि शहर के विकास कार्यों में गुणवत्ता और समयबद्धता दोनों सुनिश्चित की जानी चाहिए। बैठक में अपर नगर आयुक्त जंग बहादुर यादव, अपर नगर आयुक्त अवनीन्द्र कुमार, चीफ इंजीनियर एनके चौधरी, उद्यान प्रभारी डॉ अनुज कुमार सिंह, संपत्ति प्रभारी पल्लवी सिंह, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ मिथिलेश कुमार, जलकल जीएम केपी आनंद, अकाउंट ऑफिसर अनुराग सिंह, मुख्य लेखा परीक्षक विवेक सिंह, मुख्य कर निर्धारण अधिकारी सुनील राय आदि मौजूद रहे। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि विकास कार्यों की मॉनिटरिंग नियमित रूप से की जाए और जनता की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर दूर किया जाए। नगर आयुक्त के सख्त तेवरों के बाद विभागीय अधिकारियों और ठेकेदारों में हलचल तेज हो गई है। माना जा रहा है कि नगर निगम अब शहर में चल रहे विकास कार्यों को लेकर अधिक सख्ती और जवाबदेही के साथ काम करेगा।

शहर में चल रहे विकास कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही और देरी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी विभाग आपसी समन्वय बनाकर तय समयसीमा में गुणवत्ता के साथ कार्य पूर्ण करें। जनता को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना नगर निगम की प्राथमिकता है। निरीक्षण के दौरान यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही पाई गई तो संबंधित अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
विक्रमादित्य सिंह मलिक
नगर आयुक्त

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