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होमताजा खबरदेशरुबियो के दौरे के बाद US ने कर दी मुराद पूरी, चीन-PAK के सीने पर लोटेगा सांप

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India-US Relation: QUAD बैठक के बाद अमेरिका ने भारत को बड़ी रणनीतिक राहत दी है. अमेरिकी कंपनी Honeywell ने HTT-40 ट्रेनर विमान के लिए इंजन सप्लाई शुरू कर दी है. इससे भारतीय वायुसेना की ट्रेनिंग क्षमता मजबूत होगी और आत्मनिर्भर रक्षा निर्माण को नई रफ्तार मिलेगी. रक्षा विशेषज्ञ इसे चीन और पाकिस्तान के लिए बड़ा संदेश मान रहे हैं. भारत-अमेरिका रक्षा साझेदारी अब इंडो-पैसिफिक रणनीति में अहम भूमिका निभाती दिख रही है.

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रुबियो के दौरे के बाद US ने कर दी मुराद पूरी, चीन-PAK के सीने पर लोटेगा सांपZoom

QUAD बैठक के बाद अमेरिका ने भारत को HTT-40 ट्रेनर विमान के इंजन सौंपे. (फाइल फोटो Reuters)

US India Defense Deal: दिल्ली में QUAD विदेश मंत्रियों की बैठक खत्म हुई, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो वापस वॉशिंगटन पहुंचे और उसके कुछ ही घंटों बाद भारत को ऐसी रणनीतिक राहत मिली जिसने एशिया की शक्ति राजनीति में नया संदेश दे दिया. लंबे समय से अटकी HTT-40 बेसिक ट्रेनर एयरक्राफ्ट परियोजना को आखिरकार अमेरिकी कंपनी हनीवेल से इंजन सप्लाई मिल गई. यह सिर्फ तीन इंजन की डिलीवरी नहीं है, बल्कि उस भरोसे का संकेत है जो अमेरिका अब भारत के साथ रक्षा साझेदारी में दिखा रहा है. चीन लंबे समय से हिंद महासागर और इंडो-पैसिफिक में अपना दबदबा बढ़ाने में जुटा है. वहीं पाकिस्तान लगातार चीन के सहारे भारत को घेरने की कोशिश करता रहा है. ऐसे माहौल में अमेरिका का यह कदम साफ दिखाता है कि वॉशिंगटन अब नई दिल्ली को सिर्फ साझेदार नहीं बल्कि एशिया में बैलेंस ऑफ पावर का अहम स्तंभ मान रहा है. रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि HTT-40 परियोजना की रफ्तार बढ़ना भारतीय वायुसेना की ट्रेनिंग क्षमता को मजबूत करेगा और आत्मनिर्भर रक्षा निर्माण को नई ताकत देगा.

हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार भारत की सबसे बड़ी परेशानी यह थी कि एयरफोर्स के नए पायलटों के प्रशिक्षण के लिए जरूरी बेसिक ट्रेनर एयरक्राफ्ट समय पर नहीं मिल पा रहे थे. HAL को तीन साल पहले 6,838 करोड़ रुपए में 70 HTT-40 विमान बनाने का ऑर्डर मिला था, लेकिन इंजन की सप्लाई अटकने से एक भी विमान डिलीवर नहीं हो पाया. अब अमेरिकी कंपनी Honeywell ने पहली खेप में तीन TPE331-12B टर्बोप्रॉप इंजन HAL को सौंप दिए हैं. इससे साफ संकेत गया है कि QUAD सहयोग अब सिर्फ कूटनीतिक मंच तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका असर सीधे रक्षा उत्पादन और सामरिक साझेदारी पर दिख रहा है. भारत के लिए यह इसलिए भी अहम है क्योंकि चीन-पाकिस्तान की बढ़ती सैन्य नजदीकियों के बीच अमेरिका खुलकर भारत के रक्षा ढांचे को सपोर्ट करता दिख रहा है.

HTT-40 परियोजना शुरू होने के बाद भारतीय वायुसेना को बेसिक ट्रेनिंग के लिए विदेशी निर्भरता कम करनी पड़ेगी. (PTI)

HTT-40 परियोजना को मिली नई रफ्तार

  • HAL का कहना है कि इंजन सप्लाई स्थिर होने के बाद अब विमान डिलीवरी में तेजी लाई जाएगी. HTT-40 भारतीय वायुसेना के नए पायलटों के लिए पहला प्रशिक्षण विमान होगा. इसमें आधुनिक एवियोनिक्स, एयर-कंडीशंड कॉकपिट और जीरो-जीरो इजेक्शन सीट जैसी सुविधाएं हैं. फिलहाल इसका 56 प्रतिशत हिस्सा स्वदेशी है, जिसे आगे बढ़ाकर 60 प्रतिशत से ज्यादा करने की योजना है.
  • अब तक भारतीय वायुसेना स्विस मूल के Pilatus PC-7 MkII ट्रेनर विमान पर निर्भर थी. लेकिन 2019 में भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के आरोपों के बाद Pilatus के साथ आगे की खरीद प्रक्रिया प्रभावित हो गई थी. ऐसे में HTT-40 भारत की आत्मनिर्भर रक्षा नीति का बड़ा विकल्प बनकर सामने आया है.

चीन और पाकिस्तान को क्या संदेश गया?

  • रक्षा मामलों के जानकार मानते हैं कि यह सिर्फ रक्षा सौदा नहीं बल्कि रणनीतिक संकेत भी है. QUAD देशों के बीच बढ़ती नजदीकी चीन के लिए चिंता का विषय है. हिंद-प्रशांत क्षेत्र में अमेरिका, भारत, जापान और ऑस्ट्रेलिया मिलकर चीन की आक्रामक रणनीति को संतुलित करने की कोशिश कर रहे हैं. भारत को इंजन सप्लाई में तेजी दिखाना इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है.
  • पाकिस्तान के लिए भी यह बड़ा झटका माना जा रहा है. पाकिस्तान लंबे समय से चीन पर रक्षा जरूरतों के लिए निर्भर है. वहीं भारत अब अमेरिका और पश्चिमी देशों के साथ मिलकर हाई-टेक रक्षा प्लेटफॉर्म विकसित कर रहा है. इससे दक्षिण एशिया में शक्ति संतुलन तेजी से बदलता दिख रहा है.

भारत की एयर ट्रेनिंग क्षमता होगी मजबूत

HTT-40 परियोजना शुरू होने के बाद भारतीय वायुसेना को बेसिक ट्रेनिंग के लिए विदेशी निर्भरता कम करनी पड़ेगी. HAL अब बेंगलुरु और नासिक संयंत्रों में हर साल 20 विमान बनाने की क्षमता रखता है. रक्षा मंत्रालय का मानना है कि इससे भविष्य में ट्रेनर विमानों की कमी नहीं होगी.

QUAD के बाद बदली रणनीतिक तस्वीर

मार्को रुबियो की भारत यात्रा और उसके तुरंत बाद इंजन सप्लाई को रणनीतिक संकेत के तौर पर देखा जा रहा है. अमेरिका ने साफ कर दिया है कि इंडो-पैसिफिक में भारत उसकी प्राथमिकता है. चीन के बढ़ते दबाव और पाकिस्तान के लगातार उकसावे के बीच भारत-अमेरिका रक्षा साझेदारी अब नए स्तर पर पहुंचती दिख रही है.

HTT-40 विमान भारत के लिए इतना महत्वपूर्ण क्यों है?

HTT-40 भारतीय वायुसेना के नए पायलटों के प्रशिक्षण के लिए बनाया गया स्वदेशी बेसिक ट्रेनर विमान है. इससे भारत की विदेशी विमानों पर निर्भरता कम होगी. यह आत्मनिर्भर भारत अभियान और रक्षा निर्माण क्षमता को मजबूत करेगा.

अमेरिका की इंजन सप्लाई को चीन के खिलाफ रणनीतिक कदम क्यों माना जा रहा है?

QUAD सहयोग के बीच अमेरिका भारत को इंडो-पैसिफिक में अहम साझेदार मानता है. इंजन सप्लाई में तेजी दिखाना चीन को यह संदेश देता है कि अमेरिका भारत की रक्षा क्षमता बढ़ाने के लिए तैयार है. इससे एशिया में शक्ति संतुलन पर असर पड़ेगा.

पाकिस्तान पर इसका क्या असर पड़ेगा?

पाकिस्तान लंबे समय से चीन के सैन्य सहयोग पर निर्भर है. लेकिन भारत अब अमेरिका और पश्चिमी तकनीक के साथ अपनी रक्षा क्षमता बढ़ा रहा है. इससे क्षेत्रीय सैन्य संतुलन भारत के पक्ष में मजबूत हो सकता है.

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Sumit KumarSenior Sub Editor

सुमित कुमार News18 हिंदी में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं. वे पिछले 4 साल से यहां सेंट्रल डेस्क टीम से जुड़े हुए हैं. उनके पास जर्नलिज्म में मास्टर डिग्री है. News18 हिंदी में काम करने से पहले, उन्ह…और पढ़ें

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