-160 करोड़ के 85 विकास कार्यों को तत्काल शुरू करने के निर्देश, ठेकेदारों को दी सख्त चेतावनी
-इंदिरापुरम समेत सभी जोन में तेज होंगे निर्माण कार्य, जनता को असुविधा न हो इसका रखा जाएगा विशेष ध्यान
-ईरान युद्ध से बढ़े बिटूमिन्स दामों पर हुई चर्चा, नगर निगम बोला- विकास कार्यों में नहीं आने दी जाएगी रुकावट
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। शहर के विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की रुकावट न आने देने के उद्देश्य से नगर निगम प्रशासन ने अब सख्त रुख अपना लिया है। सोमवार को नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने निर्माण विभाग के अधिकारियों और ठेकेदारों के साथ विशेष बैठक कर शहर में लंबित और प्रस्तावित विकास कार्यों की समीक्षा की। बैठक में नगर आयुक्त ने साफ निर्देश दिए कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के चलते बिटूमिन्स की बढ़ी कीमतें शहर के विकास में बाधा नहीं बननी चाहिए और सभी निर्माण कार्य तत्काल प्रभाव से तेजी के साथ शुरू किए जाएं। बैठक में वायु गुणवत्ता सुधार, 15वें वित्त आयोग और अवस्थापना निधि से जुड़े लगभग 160 करोड़ रुपये की लागत वाले 85 विकास कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर शुरू करने के निर्देश दिए गए। नगर आयुक्त ने कहा कि शहर हित और जनहित सर्वोपरि हैं और विकास कार्यों में किसी भी तरह की देरी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। नगर आयुक्त ने कहा कि वर्तमान समय में अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों और ईरान युद्ध के प्रभाव के कारण बिटूमिन्स के दामों में वृद्धि हुई है, लेकिन इसका असर शहर के विकास कार्यों पर नहीं पड़ना चाहिए। उन्होंने ठेकेदारों को स्पष्ट संदेश दिया कि जिन फर्मों को वर्क ऑर्डर जारी हो चुके हैं, वे बिना देरी किए निर्माण कार्य शुरू करें।
बैठक के दौरान नगर निगम की भुगतान प्रक्रिया को लेकर भी चर्चा हुई। नगर आयुक्त ने ठेकेदारों को भरोसा दिलाया कि नगर निगम समय-समय पर भुगतान प्रक्रिया को सरल और बेहतर बना रहा है। यदि किसी ठेकेदार को तकनीकी या प्रशासनिक स्तर पर कोई समस्या आती है तो नगर निगम उसका समाधान करने में पूरा सहयोग करेगा। नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने निर्माण विभाग के अधिकारियों को भी सख्त निर्देश देते हुए कहा कि विकास कार्यों की मॉनिटरिंग लगातार बढ़ाई जाए। उन्होंने कहा कि केवल कागजों में योजनाएं चलाने से काम नहीं चलेगा, बल्कि धरातल पर तेजी से कार्य दिखाई देना चाहिए। लापरवाही या कार्य में अनावश्यक देरी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों और एजेंसियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। बैठक में उपस्थित ठेकेदारों ने भी नगर आयुक्त के निर्देशों पर सहमति जताई और आश्वासन दिया कि शहर हित को ध्यान में रखते हुए शीघ्र ही सभी कार्यों को गति दी जाएगी। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय हालात और बढ़ी निर्माण लागत के बावजूद विकास कार्यों को प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा। विशेष रूप से इंदिरापुरम क्षेत्र में चल रहे निर्माण कार्यों को लेकर नगर आयुक्त ने अलग से समीक्षा की।
उन्होंने कहा कि इंदिरापुरम सहित शहर के सभी जोन में निर्माण कार्यों के दौरान आम जनता की सुविधा का पूरा ध्यान रखा जाए। सड़क निर्माण, नाली निर्माण, मरम्मत और अन्य कार्यों के दौरान यातायात या आम नागरिकों को अनावश्यक परेशानी नहीं होनी चाहिए। नगर आयुक्त ने ठेकेदारों को निर्देशित किया कि निर्माण कार्यों के दौरान सुरक्षा मानकों और निर्धारित नियमों का पूरी तरह पालन किया जाए। जहां सड़क खुदाई या निर्माण कार्य चल रहे हों, वहां उचित बैरिकेडिंग और चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं ताकि दुर्घटनाओं की संभावना न रहे। उन्होंने कहा कि गाजियाबाद तेजी से विकसित हो रहा शहर है और यहां आधारभूत ढांचे को मजबूत करना नगर निगम की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
शहर की सड़कों, जल निकासी व्यवस्था, वायु गुणवत्ता सुधार और सार्वजनिक सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए तेजी से काम होना आवश्यक है। बैठक में मुख्य अभियंता निर्माण नरेंद्र कुमार चौधरी, अधिशासी अभियंता निर्माण विपुल तथा निर्माण विभाग की अन्य टीम मौजूद रही। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि सभी विकास कार्यों की नियमित समीक्षा कर प्रगति रिपोर्ट नगर आयुक्त कार्यालय को उपलब्ध कराई जाए। नगर निगम प्रशासन की इस सख्ती के बाद अब उम्मीद जताई जा रही है कि शहर में लंबे समय से लंबित कई निर्माण कार्यों को तेजी मिलेगी और लोगों को बेहतर सड़क, सफाई और आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।
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