पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने गुरुवार कहा है कि राज्य में पकड़े गए अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों को अब कोर्ट में पेश नहीं किया जाएगा। उन्हें सीधे सीमा सुरक्षा बल (BSF) को सौंप दिया जाएगा। नया नियम 20 मई से लागू हो गया है। हावड़ा जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय में बैठक के बाद पत्रकारों से बात करते हुए शुभेंदु ने कहा कि इस बारे में पुलिस कमिश्नर और रेलवे सुरक्षा बल (RPF) को निर्देश जारी कर दिए गए हैं। अवैध प्रवासियों को CAA से नागरिकता नहीं मिलेगी बंगाल की नई भाजपा सरकार के इस नए नियम के मुताबिक, जो लोग अवैध प्रवासी पाए जाएंगे और नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के तहत नागरिकता पाने के हकदार नहीं होंगे। शुभेंदु अधिकारी ने बताया कि अगले तीन महीनों के कम समय के लिए प्रशासन का पूरा ध्यान कुछ जरूरी कामों पर रहेगा। इनमें साफ और छना हुआ पीने का पानी देना, कचरे की सफाई, नालियों की मरम्मत और पार्क, स्वास्थ्य केंद्र (अस्पताल) व स्कूलों जैसी सुविधाओं को बेहतर बनाना शामिल है। उन्होंने आगे बताया कि इस कमेटी के कामों की निगरानी नगर विकास सचिव खलील अहमद करेंगे। बंगाल में CAA की प्रक्रिया शुरू, BSF को बांग्लादेश बॉर्डर से लगी 27 किलोमीटर जमीन सौंपी पश्चिम बंगाल के CM शुभेंदु अधिकारी ने बुधवार को कहा कि आज हमने कानूनी प्रक्रिया शुरू की है। CAA के तहत आने वाले 7 समुदायों और 31 दिसंबर 2024 तक भारत आए लोगों को नागरिकता कानून का लाभ मिलेगा। पुलिस उन्हें हिरासत में नहीं ले सकेगी। उन्होंने कहा कि जो लोग CAA के दायरे में नहीं आते, वे अवैध घुसपैठिए हैं। राज्य पुलिस उन्हें गिरफ्तार कर BSF को सौंपेगी। इसके साथ ही उन्होंने भारत-बांग्लादेश बॉर्डर की 27 किलोमीटर जमीन BSF को सौंपी। इस पर फेंसिंग लगाने और सुरक्षा स्ट्रक्चर बनाया जाएगा। CM शुभेंदु ने कोलकाता में BSF को जमीन देने के लिए हुई बैठक में कहा- यह सिर्फ शुरुआत है। जमीन सौंपने की प्रक्रिया 2 हफ्तों में पूरी हो जाएगी। आगे जहां भी सीमा सुरक्षा के लिए जमीन की जरूरत होगी, राज्य सरकार उसे BSF को उपलब्ध कराएगी। 600 किलोमीटर सीमा अब भी बिना फेंसिंग के अधिकारी ने कहा कि राज्य की 2200 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा में से करीब 1600 किलोमीटर हिस्से में फेंसिंग हो चुकी है, जबकि लगभग 600 किलोमीटर सीमा अब भी बिना फेंसिंग के है। भारत बांग्लादेश की सीमा 4,097 किलोमीटर लंबी भारत, बांग्लादेश के साथ 4,097 किलोमीटर लंबी बॉर्डर शेयर करता है। केंद्रीय गृह मंत्रालय के अनुसार लगभग 3,240 किलोमीटर की सीमा पर बाड़ लगाई जा चुकी है और लगभग 850 किलोमीटर, जिसमें 175 किलोमीटर का दुर्गम भूभाग भी शामिल है, इस पर बाड़बंदी होनी बाकी है। CM अधिकारी ने दावा किया कि प्रस्तावित 127 किलोमीटर के खंड में से केवल लगभग 8 किलोमीटर के हिस्से को ही ममता बनर्जी की सरकार के कार्यकाल में फेंसिंग की गई थी। पश्चिम बंगाल की बांग्लादेश के साथ लगभग 2,216 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा लगती है। यह भारत-बांग्लादेश की सबसे लंबी स्टेट बॉर्डर है। —————————————————— ये खबर भी पढ़ें…
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