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होमखेलक्रिकेटशमी के खिलाफ क्या था मामला? 4 साल से चल रहे केस में आया फैसला, समझे सुबकुछ

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भारतीय टीम के तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी के खिलाफ उनकी पत्नी हसीन जहां की तरफ से 2018 में एक चेक बाउंस होने पर केस किया गया था. अलीपुर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत इस मामले में फैसला शमी के हक में सुनाया. फैसला आने के बाद तेज गेंदबाज ने कहा, मुझे पता था कि फैसला हमारे पक्ष में आएगा.

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भारतीय तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी के हक में आया चेक बाउंस केस का फैसला

नई दिल्ली. भारतीय तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी को चेक बाउंस मामले में राहत मिली है. अलीपुर कोर्ट ने शमी को उनकी पत्नी हसीन जहां द्वारा दायर एक लाख रुपये के बाउंस चेक के मामले में बरी कर दिया है. यह मामला पिछले चार साल से अलीपुर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में लंबित था. बुधवार को कोर्ट ने फैसला सुनाया कि शमी के खिलाफ लगाए गए आरोप साबित नहीं हो सके.

यह मामला 2018 का है. शमी की पत्नी हसीन जहां ने आरोप लगाया था कि शमी ने घरेलू खर्चों के लिए उन्हें एक लाख रुपये का चेक दिया था. ये बैंक में जमा करने के बाद बाउंस हो गया. इसके बाद हसीन जहां ने कोर्ट का रुख किया. इस मामले के अलावा हसीन जहां ने शमी और उनके परिवार के सदस्यों के खिलाफ कई अन्य शिकायतें भी दर्ज कराई थीं.

कोर्ट में पेश हुए शमी

शमी बुधवार को कोर्ट में पेश हुए. फैसले के बाद मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा, “मुझे पता था कि फैसला हमारे पक्ष में आएगा क्योंकि मैंने कुछ गलत नहीं किया था. मैंने जितना देना था, सब कुछ दिया है. मैदान पर हो या मैदान के बाहर, मैं हमेशा हर स्थिति को अपनी पूरी क्षमता से संभालने की कोशिश करता हूं.”

मोहम्‍मद शमी को चेक बाउंस के मामले में अदालत ने बरी क‍िया

शमी फिलहाल आईपीएल में लखनऊ सुपर जायंट्स की ओर से खेल रहे हैं. पिछले कुछ सालों से वे अपनी निजी और कानूनी विवादों के कारण सुर्खियों में बने हुए हैं. क्रिकेट से दूर रहने के दौरान आई मुश्किलों का जिक्र करते हुए शमी ने कहा, “हर चीज किसी के नियंत्रण में नहीं होती. फिर भी, मैं कोशिश करता रहता हूं.”

शमी पत्नी को कितना पैसा देते हैं?

शमी और हसीन जहां के बीच भरण-पोषण और गुजारा भत्ता को लेकर कानूनी लड़ाई अभी भी जारी है. कलकत्ता हाई कोर्ट के निर्देश पर शमी फिलहाल हसीन जहां को हर महीने 1.5 लाख रुपये. उनकी बेटी की देखभाल के लिए 2.5 लाख रुपये देते हैं. यानी कुल 4 लाख रुपये मासिक भरण-पोषण के लिए शमी देते हैं. हसीन जहां ने बाद में सुप्रीम कोर्ट का रुख किया और तर्क दिया कि यह राशि घरेलू खर्चों के लिए पर्याप्त नहीं है. सुप्रीम कोर्ट ने शमी और पश्चिम बंगाल सरकार को नोटिस जारी किया. सुनवाई के दौरान कोर्ट ने यह भी सवाल किया कि क्या मां और बेटी के लिए 4 लाख रुपये महीना पर्याप्त नहीं है.

रिपोर्ट्स के मुताबिक हसीन जहां अभी भी शमी के कोलकाता वाले घर में रहती हैं. अपनी बेटी की पढ़ाई के लिए दिल्ली और कोलकाता के बीच सफर करती रहती हैं. शमी क्रिकेट से जुड़े काम न होने पर ज्यादातर समय उत्तर प्रदेश के अमरोहा में बिताते हैं. जहां भरण-पोषण विवाद जारी है, वहीं चेक बाउंस मामले में बुधवार का फैसला भारतीय तेज गेंदबाज के लिए बड़ी कानूनी राहत लेकर आया है.

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Viplove Kumarchief sub editor

विप्लव कुमार 2022 से न्यूज18 के साथ काम कर रहे हैं. रीडर्स के लिए दिन की शुरुआत अच्छी हो इसकी खास जिम्मेदारी उनके कंधे पर होती है. सुबह की शिफ्ट में आकर पिछले दिन हुई रोचक घटना से लेकर पूरे दिन होने वाली गतिविध…और पढ़ें

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