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Rajasthan Cricket News: राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले के युवा क्रिकेटर मानव सुथार की लगातार बढ़ती उपलब्धियों से पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है. हाल ही में जिला क्रिकेट संघ, श्रीगंगानगर द्वारा उन्हें उनकी शानदार खेल प्रतिभा के लिए विशेष स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया. सम्मान पत्र में उन्हें होनहार और प्रतिभाशाली खिलाड़ी बताते हुए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी गईं. मानव सुथार बचपन से ही क्रिकेट के प्रति जुनूनी रहे हैं. उनके घर की दीवारों पर विराट कोहली, हार्दिक पांड्या और राहुल द्रविड़ जैसे दिग्गज खिलाड़ियों के साथ तस्वीरें उनकी मेहनत और लगन की कहानी बयां करती हैं. नेट्स में लगातार अभ्यास और मैदान पर कड़ी मेहनत ने उन्हें यह मुकाम दिलाया है.
मानव सुथार ने बढ़ाया राजस्थान का मान
श्रीगंगानगर: राजस्थान के सीमावर्ती जिले श्रीगंगानगर के एक छोटे से गांव से निकलकर क्रिकेट की दुनिया में अपनी फिरकी का जादू बिखेरने वाले युवा ऑलराउंडर मानव सुथार की सफलता पर उनके घर में उत्सव का माहौल है. भारतीय टेस्ट टीम का हिस्सा बनने के बाद जब मानव के घर में खुशियां मनाई गईं, तो उनके माता-पिता भावुक हो उठे.
न्यूज चैनल से बातचीत के दौरान मानव के माता-पिता और उनके पहले गुरु (कोच) ने उनके बचपन से लेकर अब तक के संघर्ष के सफर को साझा किया.
मां ने कहा- ‘भगवान हर मां को ऐसा बेटा दे’
मानव सुथार की मां ने भावुक होते हुए कहा- मुझे बहुत ज्यादा खुशी है, इतनी खुशी है कि मैं शब्दों में बयान नहीं कर सकती. भगवान ऐसा बेटा हर मां को दे, जिसने हमारा और पूरे देश का नाम रोशन किया है. उसने बचपन से ही बहुत मेहनत की है. आज उसकी मेहनत रंग लाई है. जब वह टीवी पर खेलता है, तो दिल बहुत खुश होता है.’
पिता ने याद किया संघर्ष- ‘जब लोग ताने मारते थे’
मानव के पिता (जो खुद एक शिक्षक हैं) ने पुरानी यादों को ताजा करते हुए बताया कि एक समय ऐसा था जब लोग मानव के क्रिकेट खेलने पर सवाल उठाते थे. उन्होंने कहा- ‘शुरुआत में जब मानव स्कूल बंक करके क्रिकेट खेलने जाता था, तो आस-पड़ोस के लोग कहते थे कि इसे क्यों खिला रहे हो? इसका भविष्य खराब हो जाएगा. खेल में कुछ नहीं रखा है, इसे पढ़ाओ-लिखाओ. लेकिन मानव के भीतर एक जिद थी. आज मुझे गर्व है कि मेरे बेटे ने उन सभी बातों को पीछे छोड़ते हुए अपनी मेहनत के दम पर यह मुकाम हासिल किया.’
कोच ने बताया- ‘फटे जूते और एक ही लोअर-टीशर्ट में करता था अभ्यास’
मानव को क्रिकेट की बारीकियां सिखाने वाले उनके पहले कोच (गुरु) ने उनके कड़े संघर्ष का एक ऐसा सच बताया जिसे सुन हर कोई भावुक हो गया. कोच ने कहा: ‘जब मानव पहली बार मेरी एकेडमी में आया था, तो उसके पास खेल के लिए अच्छे जूते और कपड़े तक नहीं थे. वह रोज एक ही लोअर और टी-शर्ट को धोकर पहनता था और प्रैक्टिस पर आ जाता था. कई बार तो वह फटे हुए जूतों में भी घंटों गेंदबाजी की कड़क प्रैक्टिस करता था. लेकिन उसके पास जो सबसे बड़ी ताकत थी, वह थी उसकी ‘कंसिस्टेंसी’ (निरंतरता) और कभी हार न मानने वाला जज्बा. उसने कभी किसी कमी का रोना नहीं रोया, बस अपनी मेहनत पर भरोसा रखा.’
दोस्तों, रिश्तेदारों और खेल प्रेमियों का तांता लगा
वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि मानव के घर के बाहर और भीतर दोस्तों, रिश्तेदारों और खेल प्रेमियों का तांता लगा हुआ है. सभी ने एक-दूसरे को रंग और गुलाल लगाकर इस बड़ी कामयाबी का जश्न मनाया. जिला क्रिकेट संघ, श्रीगंगानगर द्वारा भी मानव सुथार को विशेष स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया है. स्थानीय लोगों का कहना है कि मानव का यह सफर देश के लाखों उन युवाओं के लिए प्रेरणा है जो छोटे शहरों से निकलकर बड़े सपने देखते हैं.
पूरे क्षेत्र में जश्न का माहौल
मानव की इस ऐतिहासिक सफलता पर उनके पैतृक निवास पर स्थानीय लोगों और खेल प्रेमियों का तांता लगा हुआ है. लोगों ने मानव के माता-पिता को मिठाई खिलाकर और गुलाल लगाकर बधाई दी. सभी का मानना है कि मानव सुथार की यह सफलता श्रीगंगानगर ही नहीं बल्कि पूरे राजस्थान के उन युवाओं के लिए एक बड़ी प्रेरणा है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद अपने सपनों को पूरा करना चाहते हैं.
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Hi, I am Jagriti Dubey, a media professional with 6 years of experience in social media and content creation. I started my career with an internship at Gbn 24 news channel in 2019 and have worked with many repu…और पढ़ें
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