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राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने पाकिस्तान से जुड़े आतंकी जासूसी नेटवर्क मामले में पांच नाबालिगों के खिलाफ सोमवार को जांच रिपोर्ट दाखिल कर दी। एजेंसी के अनुसार इन्होंने पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के लिए जासूसी की। अन्य आरोपियों के साथ मिलकर संवेदनशील ठिकानों की तस्वीरें, वीडियो और जीपीएस लोकेशन पाकिस्तान आधारित आतंकियों तक पहुंचाने में मदद की।

जांच एजेंसी ने कहा कि ये सभी देश की सुरक्षा और संप्रभुता को खतरे में डालने की साजिश में शामिल थे। मामला मार्च में उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले के कौशांबी थाने में दर्ज किया गया था। जांच में सामने आया कि संवेदनशील रेलवे स्टेशनों और महत्वपूर्ण स्थानों पर सोलर पावर से चलने वाले कैमरे लगाए गए थे। इन कैमरों की लाइव फीड पाकिस्तान स्थित संदिग्ध आतंकियों को उपलब्ध कराई जा रही थी। पुलिस से जांच अपने हाथ में लेने के बाद एनआईए ने जांच की। 

अब तक 21 गिरफ्तार

एनआईए के मुताबिक, नाबालिगों ने गैरकानूनी तरीके से प्रतिबंधित और संवेदनशील क्षेत्रों में प्रवेश किया। जासूसी कैमरे लगाए और फोटो-वीडियो को जियो-टैगिंग के साथ भेजने में सक्रिय भूमिका निभाई।  यह भी सामने आया कि आरोपियों ने पाकिस्तान से जुड़े संदिग्ध आतंकियों को भारतीय सिम कार्ड हासिल कराने और इस्तेमाल कराने में मदद की। केंद्रीय जांच एजेंसी ने बताया कि  जासूसी मामले में अब तक कुल 21 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पांच नाबालिगों के खिलाफ विस्तृत जांच रिपोर्ट गाजियाबाद के किशोर न्याय बोर्ड में दाखिल की गई है, जबकि अन्य आरोपियों और संदिग्धों के खिलाफ जांच अभी जारी है।

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