कोचिंग, टीचर और बिचौलियों का बड़ा नेटवर्क
रिटायर्ड लेक्चरर को बताया गया ‘किंगपिन’
जांच में सबसे पहले जिन लोगों के नाम सामने आए उनमें महाराष्ट्र के लातूर के रिटायर्ड केमिस्ट्री लेक्चरर पीवी कुलकर्णी शामिल हैं. सीबीआई उन्हें इस पूरे नेटवर्क का बड़ा मास्टरमाइंड मान रही है. जांच एजेंसियों के मुताबिक कुलकर्णी का एनटीए की परीक्षा प्रक्रिया से संपर्क था, जिससे उन्हें परीक्षा से जुड़ी संवेदनशील जानकारी मिलती थी. आरोप है कि वे विशेष कोचिंग सेशन के दौरान छात्रों को सवाल, विकल्प और सही जवाब बताते थे.बताया गया है कि छात्र उन सवालों को कॉपियों में नोट करते थे. बाद में जांच में पाया गया कि वे नोट्स असली NEET-UG 2026 पेपर से मेल खाते थे.
पुणे की बॉटनी टीचर मनीषा भी गिरफ्तार
ब्यूटी पार्लर चलाने वाली महिला भी जांच के घेरे में
इस केस में पुणे की एक ब्यूटीशियन मनीषा वाघमारे का नाम भी सामने आया. जांच एजेंसियों के मुताबिक वह छात्रों और टीचर्स के बीच कड़ी का काम करती थी.आरोप है कि उसने ऐसे छात्रों की तलाश की जो मोटी रकम देकर पेपर खरीदने को तैयार हों. इसके बदले प्रति छात्र करीब 10 लाख रुपये की डील की गई थी.
मेडिकल छात्र शुभम खैरनार भी गिरफ्तार
जांच आगे बढ़ी तो पुलिस नासिक पहुंची.जहां 27 वर्षीय बीएएमएस छात्र शुभम खैरनार को गिरफ्तार किया गया.पुलिस सूत्रों के मुताबिक शुभम को कथित तौर पर NEET का पेपर एक पैकेट में भेजा गया था, जिसके बदले उसने 10 लाख रुपये दिए. पूछताछ में उसने बताया कि बाद में उसने वही पेपर इलेक्ट्रॉनिक तरीके से हरियाणा के गुरुग्राम में रहने वाले एक व्यक्ति को भेजा और बदले में 15 लाख रुपये लिए.
हरियाणा और राजस्थान तक फैला नेटवर्क
जांच में सामने आया कि पेपर बाद में गुरुग्राम निवासी यश यादव तक पहुंचा. सीबीआई के मुताबिक यश यादव ने जयपुर के मांगीलाल बिवाल उर्फ मांगीलाल खटीक को पेपर 10 लाख रुपये में बेचा.उसने दावा किया था कि अंतिम परीक्षा में करीब 150 सवाल वही आने वाले हैं. यश यादव को भी गिरफ्तार किया जा चुका है.
राजस्थान में एक ही परिवार पर जांच एजेंसियों का फोकस
जांच का सबसे बड़ा एंगल राजस्थान में सामने आया. यहां भाजपा कार्यकर्ता दिनेश बिवाल के परिवार के कई सदस्य जांच के घेरे में आए.जांच एजेंसियों को शक तब हुआ जब परिवार के कई सदस्यों का सरकारी मेडिकल कॉलेजों में चयन हुआ जबकि उनके पुराने शैक्षणिक रिकॉर्ड औसत बताए जा रहे थे.
सीबीआई ने दिनेश बिवाल,उसके भाई मांगीलाल बिवाल और मांगीलाल के बेटे विकास बिवाल को गिरफ्तार किया है.राजस्थान एसओजी और सीबीआई की जांच में सामने आया कि मांगीलाल को 29 अप्रैल को टेलीग्राम के जरिए लीक पेपर मिला था. आरोप है कि बाद में उसने इसकी प्रिंट कॉपी अपने बेटे अमन बिवाल, दिनेश के बेटे ऋषि और भतीजी गुंजन को दी जिन्होंने 3 मई को हुई NEET परीक्षा दी थी.
पांच साल पहले सीकर शिफ्ट हुआ था परिवार
जांच में यह भी सामने आया कि दिनेश और मांगीलाल पहले जयपुर जिले के जमवारामगढ़ इलाके में मनी लेंडिंग और रियल एस्टेट का काम करते थे.करीब पांच साल पहले पूरा परिवार बच्चों को NEET की तैयारी कराने के लिए सीकर शिफ्ट हो गया था. परिवार के सात बच्चे मेडिकल एंट्रेंस की तैयारी कर रहे थे.
बड़े कोचिंग संचालक शिवराज मोटेगांवकर गिरफ्तार
इस केस में सबसे ताजा गिरफ्तारी महाराष्ट्र के लातूर के बड़े कोचिंग संचालक शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर की हुई है.वे रेनुकाई करियर सेंटर यानी RCC के संस्थापक हैं. महाराष्ट्र में उनके कोचिंग नेटवर्क की कई शाखाएं हैं और वे मेडिकल व इंजीनियरिंग एंट्रेंस की तैयारी कराने के लिए जाने जाते हैं.सीबीआई का दावा है कि उनके मोबाइल फोन से NEET का पेपर बरामद हुआ है. जांच एजेंसी के मुताबिक उन्हें 23 अप्रैल को ही पेपर मिल गया था यानी परीक्षा से करीब 10 दिन पहले.दिल्ली की विशेष सीबीआई अदालत ने उन्हें 9 दिन की सीबीआई हिरासत में भेजा है. अदालत ने माना कि जांच अभी शुरुआती और बेहद अहम चरण में है और बाकी आरोपियों तक पहुंचने के लिए पूछताछ जरूरी है.
अब 21 जून को होगी दोबारा परीक्षा
पेपर लीक का मामला सामने आने के बाद एनटीए ने 3 मई को हुई NEET-UG 2026 परीक्षा रद्द कर दी थी.अब दोबारा परीक्षा 21 जून को दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक कराई जाएगी. जांच एजेंसियां अभी भी इस पूरे नेटवर्क से जुड़े बाकी लोगों की तलाश में जुटी हैं.
- व्हाट्स एप के माध्यम से हमारी खबरें प्राप्त करने के लिए यहाँ क्लिक करें।
- टेलीग्राम के माध्यम से हमारी खबरें प्राप्त करने के लिए यहाँ क्लिक करें।
- हमें फ़ेसबुक पर फॉलो करें।
- हमें ट्विटर पर फॉलो करें।
———-
🔸 स्थानीय सूचनाओं के लिए यहाँ क्लिक कर हमारा यह व्हाट्सएप चैनल जॉइन करें।
Disclaimer: This story is auto-aggregated by a computer program and has not been created or edited by Ghaziabad365 || मूल प्रकाशक ||



