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शुजात आलम, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Vijay Singh Pundir

Updated Mon, 18 May 2026 08:00 AM IST

संस्कार के पिता नीरज वर्मा का कहना है कि यदि पूल पर सुरक्षा गार्ड या प्रशिक्षित कर्मचारी मौजूद होते तो शायद उनका बेटा आज जीवित होता। उन्होंने सवाल उठाया कि उनका बेटा गहरे पानी में कब पहुंचा, इसकी जानकारी किसी को क्यों नहीं हुई? 


स्विमिंग पूल में डूबने से 10 साल के बच्चे की माैत।
– फोटो : अमर उजाला



विस्तार

वजीराबाद के जगतपुर गांव में अवैध रूप से संचालित स्विमिंग पूलों की लापरवाही एक बार फिर सवालों के घेरे में है। यहां 100 से 300 रुपये प्रति घंटा शुल्क लेकर कई स्विमिंग पूल चलाए जा रहे हैं। पर, इनमें न प्रशिक्षित इंस्ट्रक्टर हैं, न लाइफगार्ड है, न लाइफ जैकेट और न ही पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम हैं। 10 वर्षीय संस्कार वर्मा की मौत के बाद स्थानीय लोगों और परिजनों ने प्रशासन की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए हैं।

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