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नई दिल्ली (NEET UG Paper Leak). नीट यूजी में हुए पेपर लीक मामले की परतें धीरे-धीरे खुलने लगी हैं. CBI की ताबड़तोड़ कार्रवाई ने इस रैकेट के पीछे काम कर रहे बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है. सीबीआई ने पुणे से बॉटनी की टीचर मनीषा गुरुनाथ मंधारे को गिरफ्तार किया है. इस मामले में पकड़े गए आरोपियों की कुल संख्या 9 हो गई है. जांच में सामने आया है कि यह कोई छिटपुट घटना नहीं थी, बल्कि बेहद सुनियोजित तरीके से चलाया जा रहा पूरा रैकेट था, जिसमें सरकारी व्यवस्था से जुड़े लोग ही सेंधमारी कर रहे थे.

जांच एजेंसी के मुताबिक, इस पूरे खेल की स्क्रिप्ट अप्रैल में ही लिख दी गई थी. परीक्षा कराने वाली संस्था एनटीए (NTA) की तरफ से नियुक्त होने के बाद, आरोपी शिक्षिका ने अन्य बिचौलियों के साथ मिलकर छात्रों को फंसाना शुरू किया. इसके बाद उन्हें अपने घर पर ‘स्पेशल कोचिंग’ के नाम पर बुलाया और सीधे वही सवाल रटवाए गए, जो नीट यूजी परीक्षा में आने वाले थे. सीबीआई की इस कार्रवाई से शिक्षा जगत और लाखों उम्मीदवारों के बीच हड़कंप मच गया है क्योंकि अब लीक के पुख्ता सबूत सामने आ रहे हैं.

CBI की जांच: पुणे की बॉटनी टीचर का सनसनीखेज कनेक्शन

सीबीआई की जांच में सामने आया है कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने मनीषा गुरुनाथ मंधारे को परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े कामों के लिए नियुक्त किया था. लेकिन जिम्मेदारी संभालने के बजाय उसने इसका फायदा उठाया. अप्रैल में मनीषा ने पुणे की ही एक अन्य आरोपी मनीषा वागमारे के जरिए उन उम्मीदवारों से संपर्क किया, जो नीट की तैयारी कर रहे थे. इसके बाद उम्मीदवारों को झांसा देकर मंधारे के घर पर ही सीक्रेट तरीके से कोचिंग देना शुरू कर दिया गया.

कोचिंग के नाम पर रटवाए ‘हूबहू’ वही सवाल

पूछताछ में सीबीआई ने जो खुलासा किया है, वह बेहद चौंकाने वाला है. आरोपी शिक्षिका ने कोचिंग के दौरान स्टूडेंट्स को बॉटनी (वनस्पति विज्ञान) और जूलॉजी (प्राणी विज्ञान) के कुछ खास और महत्वपूर्ण सवाल अपनी नोटबुक में लिखने को कहा था. इतना ही नहीं, उसने स्टूडेंट्स से अपनी किताबों में भी उन सवालों पर विशेष निशान (मार्क) लगवाए थे. जब 3 मई को नीट यूजी की वास्तविक परीक्षा हुई तो छात्र हैरान रह गए- शिक्षिका की तरफ से नोट करवाए गए ज्यादातर सवाल असली प्रश्नपत्र से हूबहू मेल खा रहे थे.

देशभर में छापेमारी: लैपटॉप, मोबाइल और बैंक स्टेटमेंट जब्त

इस मामले की जड़ें कितनी गहरी हैं, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सीबीआई ने पिछले 24 घंटों में देश के 6 अलग-अलग ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की है. इस दौरान जांच एजेंसी ने कई आपत्तिजनक दस्तावेज, लैपटॉप, मोबाइल फोन और संदिग्ध बैंक स्टेटमेंट जब्त किए हैं. इन इलेक्ट्रॉनिक सबूतों का फॉरेंसिक एनालिसिस किया जा रहा है, जिससे पता लगाया जा सके कि इस खेल में और कितने लोग शामिल हैं और पैसों का लेनदेन कहां-कहां हुआ.

केमिस्ट्री लेक्चरर कुलकर्णी था मुख्य सूत्रधार!

इस पूरे रैकेट का मुख्य केंद्र केमिस्ट्री और बायोलॉजी के पेपर लीक से जुड़ा है. सीबीआई ने इससे पहले इस मामले के मास्टरमाइंड पीवी कुलकर्णी को गिरफ्तार किया था. कुलकर्णी एनटीए की तरफ से परीक्षा प्रक्रिया से जुड़ा केमिस्ट्री का लेक्चरर है, जिसके पास प्रश्न पत्रों तक सीधी पहुंच थी. जांच में पता चला है कि अप्रैल के आखिरी हफ्ते में कुलकर्णी ने ही मनीषा वाघमारे के साथ मिलकर पुणे में अपने घर पर चुनिंदा स्टूडेंट्स के लिए ‘स्पेशल सीक्रेट सेशन’ रखा था, जहां केमिस्ट्री का पेपर लीक किया गया था.

6 शहरों तक फैला नेटवर्क, 9 आरोपी गिरफ्तार

सीबीआई अब तक इस मामले में दिल्ली, जयपुर, गुरुग्राम, नासिक, पुणे और अहिलियानगर जैसे बड़े शहरों से कुल 9 लोगों को दबोच चुकी है. इनमें से 5 आरोपियों को कोर्ट ने 7 दिनों की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है. पुणे से गिरफ्तार की गईं दोनों महिला आरोपियों को दिल्ली लाया जा रहा है, जहां मुख्य आरोपियों के सामने बिठाकर उनसे कड़ी पूछताछ की जाएगी, जिससे इस पूरे रैकेट के अंतिम छोर तक पहुंचा जा सके. नीट यूजी री-टेस्ट अब 21 जून 2026 को होगा.

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