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चंदौली: जिले के डीडीयू जंक्शन और उसके आसपास के इलाकों में मात्र 24 घंटे के भीतर 3 लोगों की गोली मारकर हत्या करने की घटना ने रेलवे सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है. इस सनसनीखेज वारदात को अंजाम देने वाले साइको किलर गुरप्रीत, जो कि एक पूर्व फौजी था, की पुलिस मुठभेड़ में मौत के बाद अब रेलवे प्रशासन अपनी खामियों को सुधारने में जुट गया है. दरअसल, एशिया के प्रमुख जंक्शनों में शुमार होने के बावजूद यहां लगेज स्कैनर खराब पड़े थे और मेटल डिटेक्टरों का अभाव था, जिसका फायदा उठाकर अपराधी आसानी से परिसर में दाखिल हो रहे थे.

अब आसमान से रखेगी नजर 

रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) और जीआरपी ने अब डीडीयू स्टेशन की सुरक्षा को हाईटेक बनाने का दावा किया है. अधिकारियों के अनुसार, स्टेशन परिसर, प्लेटफॉर्म, सर्कुलेटिंग एरिया और पार्किंग जैसे संवेदनशील हिस्सों की निगरानी अब नियमित रूप से ड्रोन कैमरों से की जाएगी. इसके लिए आरपीएफ के जवानों को विशेष रूप से ड्रोन ऑपरेट करने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि वे स्टेशन के हर कोने पर पैनी नजर रख सकें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत कंट्रोल रूम को दे सकें.

स्टेशन पर सघन चेकिंग शुरू 

साइको किलर की घटना के बाद आरपीएफ, जीआरपी और डॉग स्क्वाड की संयुक्त टीम ने पूरे स्टेशन परिसर में व्यापक तलाशी अभियान चलाया. इस दौरान यात्रियों के सामान की बारीकी से जांच की गई और संदिग्ध दिखने वाले व्यक्तियों से पूछताछ की गई. रेलवे अधिकारियों का कहना है कि अब फुटओवर ब्रिज, पार्सल कार्यालय और ट्रेनों के भीतर भी विशेष गश्त सुनिश्चित की जाएगी, ताकि यात्रियों के मन में बैठा डर दूर किया जा सके. सुरक्षा एजेंसियों का दावा है कि अब सुरक्षा केवल कागजों तक सीमित नहीं रहेगी.

ड्रोन तकनीक का होगा इस्तेमाल 

डीडीयू जंक्शन पर तैनात प्रभारी निरीक्षक पीके रावत ने लोकल 18 से बातचीत में बताया कि आरपीएफ की टीम स्टेशन परिसर और संवेदनशील क्षेत्रों पर लगातार निगरानी बनाए हुए है. खासतौर पर अब सुरक्षा के लिए आधुनिक गैजेट्स और ड्रोन तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे निगरानी व्यवस्था पहले से अधिक प्रभावी हो गई है.

2 जवानों ने पूरी की यह ट्रेनिंग 

आगे उन्होंने बताया कि ड्रोन संचालन के लिए आरपीएफ के जवानों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया है. हाल ही में 2 जवानों ने यह ट्रेनिंग पूरी की है, जिसके बाद वे डीडीयू जंक्शन के संवेदनशील इलाकों की नियमित मॉनिटरिंग ड्रोन के माध्यम से करेंगे. यह प्रशिक्षण समस्तीपुर डिवीजन प्रशिक्षण केंद्र में आयोजित किया गया था, जहां डिवीजन के कई कर्मचारी शामिल हुए थे.

यात्रियों की सुरक्षा बनेगा मजबूत 

वहीं, पीके रावत ने कहा कि अन्य डिवीजनों से भी बड़ी संख्या में कर्मचारियों ने इस प्रशिक्षण में भाग लिया. वर्तमान समय में बढ़ती सुरक्षा चुनौतियों को देखते हुए ऐसे आधुनिक सुरक्षा उपकरण बेहद उपयोगी साबित होंगे. ड्रोन तकनीक के माध्यम से स्टेशन परिसर में संदिग्ध गतिविधियों पर तेजी से नजर रखी जा सकेगी और यात्रियों की सुरक्षा को और अधिक मजबूत बनाया जा सकेगा.

साइको किलर का तांडव 

बिहार के आरा से यूपी के चंदौली में आए सिरफिरे कातिल गुरप्रीत ने चलती ट्रेन में 2 लोगों की हत्या करने के बाद अस्पताल में घुसकर एक वृद्ध महिला को भी अपना निशाना बनाया था, जिससे पूरे जिले में दहशत का माहौल व्याप्त हो गया था. आरोपी के पास से कई अवैध असलहे बरामद हुए थे. हालांकि, पुलिस मुठभेड़ में वह गंभीर रूप से घायल हुआ और अस्पताल ले जाते समय उसकी मौत हो गई. इस घटनाक्रम ने रेलवे की कार्यप्रणाली पर जो सवाल खड़े किए हैं, उनका जवाब देने के लिए अब ड्रोन निगरानी और अतिरिक्त सुरक्षा बल की तैनाती को एक बड़े कदम के रूप में देखा जा रहा है.

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