-15 हजार वर्गमीटर जमीन पर आधुनिक नगर निगम मुख्यालय निर्माण को मंजूरी
-बजट, कोटा और व्यवस्था को लेकर तीखी बहस, बैठक कई बार गरमाई
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। नगर निगम की कार्यकारिणी बैठक शनिवार को बड़े विकास प्रस्तावों, वित्तीय निर्णयों और तीखे राजनीतिक माहौल के बीच संपन्न हुई। महापौर सुनीता दयाल की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में जहां शहर के विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगी, वहीं बैठक के दौरान पार्षदों के विरोध, आरोप-प्रत्यारोप और हंगामे ने प्रशासनिक माहौल को भी गरमा दिया। करीब साढ़े तीन घंटे चली बैठक में शहर के भविष्य से जुड़े कई बड़े फैसले लिए गए, जिनमें राजनगर एक्सटेंशन में नए नगर निगम मुख्यालय का निर्माण सबसे प्रमुख रहा। नगर निगम कार्यकारिणी कक्ष में दोपहर करीब सवा एक बजे बैठक शुरू हुई, जिसमें नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक, कार्यकारिणी उपाध्यक्ष प्रवीण चौधरी, कार्यकारिणी सदस्य पार्षदों और वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी रही। बैठक में अपर नगर आयुक्त जंग बहादुर यादव, अपर नगर आयुक्त अवनीन्द्र कुमार, चीफ इंजीनियर एनके चौधरी, उद्यान प्रभारी डॉ अनुज कुमार सिंह, संपत्ति प्रभारी पल्लवी सिंह, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ मिथिलेश कुमार, जलकल जीएम केपी आनंद, अकाउंट ऑफिसर अनुराग सिंह, मुख्य लेखा परीक्षक विवेक सिंह, मुख्य कर निर्धारण अधिकारी सुनील राय आदि मौजूद रहे।
उन्होंने कहा कि अब विकास कार्य व्यक्तिगत कोटे से नहीं बल्कि वित्त आयोग के फंड के माध्यम से कराए जाएंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि पारदर्शिता और समान विकास सुनिश्चित करना ही नगर निगम की प्राथमिकता है। बैठक में कई प्रशासनिक और वित्तीय प्रस्ताव भी पारित किए गए। पानी के नए कनेक्शन के लिए नीति तैयार करने का निर्णय लिया गया, जिसमें यूनिट आधारित जल संयोजन व्यवस्था लागू की जाएगी। उत्तरांचल भवन की सदस्यता शुल्क तय किया गया तथा राजनगर एक्सटेंशन में प्रस्तावित शॉपिंग कॉम्प्लेक्स को निर्माण के बाद किराए पर देने की योजना स्वीकृत हुई। हाउस टैक्स जमा करने के लिए रजिस्ट्री, बिजली बिल, कंप्लीशन प्रमाणपत्र और कब्जा दस्तावेज अनिवार्य करने का प्रस्ताव भी पारित किया गया। स्वर्ण जयंती पार्क इंदिरापुरम को तीन वर्ष के लिए रखरखाव हेतु निजी फर्म को देने का निर्णय लिया गया, जिससे निगम को छह लाख रुपये की आय होगी। इसके अतिरिक्त शहर में कंटेनर आधारित शराब दुकानों के लिए स्थान उपलब्ध कराने का प्रस्ताव भी मंजूर किया गया।
100 वार्डों में विकास की बारिश, हर वार्ड को 1 करोड़
कार्यकारिणी बैठक में शहर के सभी 100 वार्डों के लिए बड़े विकास पैकेज को मंजूरी दी गई। चालू वित्तीय वर्ष में प्रत्येक वार्ड में एक-एक करोड़ रुपये के विकास कार्य कराए जाएंगे। इस प्रकार कुल 100 करोड़ रुपये के कार्य शहरभर में कराए जाएंगे। इन कार्यों में सड़क निर्माण, नाली सुधार, प्रकाश व्यवस्था, पार्क विकास, सफाई संसाधन और स्थानीय आधारभूत सुविधाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। महापौर ने निर्देश दिए कि सभी वार्डों में विकास कार्य समान रूप से हों और किसी क्षेत्र की अनदेखी न की जाए। नगर निगम कार्यकारिणी बैठक ने एक ओर जहां शहर के विकास की दिशा तय की, वहीं दूसरी ओर स्थानीय राजनीति की तीखी झलक भी दिखाई। नए मुख्यालय निर्माण, वार्ड विकास बजट और वित्तीय फैसलों से शहर के विकास को गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। हालांकि बैठक में बार-बार हुए विवादों ने यह भी संकेत दिया कि आने वाले समय में नगर निगम की राजनीति और प्रशासनिक निर्णयों के बीच संतुलन बनाए रखना बड़ी चुनौती रहेगा। फिर भी पारित प्रस्तावों के आधार पर गाजियाबाद में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार की दिशा में यह बैठक महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
नामित पार्षदों और कार्यकारिणी सदस्यों के लिए अलग बजट
बैठक में नामित दस पार्षदों के विकास कार्यों हेतु 10 करोड़ रुपये का विशेष प्रावधान किया गया। साथ ही कार्यकारिणी सदस्यों के लिए भी 10 करोड़ रुपये का बजट कोटा स्वीकृत किया गया। इसके अतिरिक्त पूर्व में स्वीकृत 50-50 लाख रुपये के लंबित विकास कार्यों को भी पूरा कराने का निर्णय लिया गया। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि लंबित परियोजनाओं की सूची बनाकर प्राथमिकता के आधार पर कार्य शुरू किए जाएं।
बैठक शुरू होते ही कुर्सी विवाद पर बिफरे कार्यकारिणी उपाध्यक्ष
बैठक की शुरुआत विवाद के साथ हुई जब कार्यकारिणी उपाध्यक्ष प्रवीण चौधरी की कुर्सी और माइक्रोफोन नहीं लगाए जाने पर उन्होंने कड़ा विरोध जताया। उन्होंने इसे पद की गरिमा के खिलाफ बताते हुए अधिकारियों पर नाराजगी जाहिर की। इस मुद्दे को लेकर बैठक में कुछ देर तक तीखी बहस चली। पार्षदों ने भी बैठक की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए। बाद में अधिकारियों ने स्थिति संभाली और बैठक आगे बढ़ी। बैठक के दौरान विभिन्न पार्षदों ने नगर निगम की कार्यशैली को लेकर कई सवाल उठाए। पार्षद राजीव शर्मा ने कार्यकारिणी बैठकों की कम संख्या पर आपत्ति जताते हुए कहा कि पूरे वर्ष में केवल तीन बैठकें होना उचित नहीं है। उन्होंने उद्घाटन कार्यक्रमों में जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा और शिलापटों पर नाम न लिखे जाने का मुद्दा भी उठाया। पार्षद नरेश जाटव ने डूंडाहेड़ा नाले की समस्या, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र से जुड़े मामलों और यूजर चार्ज में कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि कई मामलों में नागरिकों के दस्तावेज निगम कर्मचारियों द्वारा खो दिए गए। महापौर ने निर्देश दिए कि सभी वार्डों में सफाई कर्मचारियों की संख्या संतुलित की जाए और प्रत्येक क्षेत्र में निर्धारित स्टाफ तैनात रहे।
2460 करोड़ आय और 2877 करोड़ व्यय का बजट पास
नगर निगम ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए आय और व्यय बजट को भी मंजूरी दी। लेखाधिकारी अनुराग सिंह द्वारा प्रस्तुत बजट के अनुसार निगम ने 2460 करोड़ रुपये आय और 2877 करोड़ रुपये व्यय का प्रावधान किया है। राजस्व स्रोतों में हाउस टैक्स से 219 करोड़, जलकर से 126 करोड़, सीवर कर से 79 करोड़ और विज्ञापन सहित अन्य करों से 459 करोड़ रुपये आय का लक्ष्य रखा गया है। सार्वजनिक निर्माण, जल प्रबंधन, प्रकाश व्यवस्था, स्वास्थ्य और उद्यान विभाग पर प्रमुख खर्च प्रस्तावित किया गया है। बैठक के दौरान कई बार ऐसा माहौल बना जब कार्यकारिणी उपाध्यक्ष और कुछ पार्षद लगातार सवाल-जवाब करते रहे और बैठक की दिशा उन्हीं के मुद्दों के इर्द-गिर्द घूमती रही। राजनीतिक हलकों में चर्चा रही कि बैठक लगभग ‘हाईजैक’ जैसी स्थिति में पहुंच गई थी। समापन के समय एक और विवाद तब हुआ जब महापौर राष्ट्रीय गान कराए बिना सभागार से उठने लगीं। इस पर पार्षदों ने आपत्ति जताई, जिसके बाद महापौर वापस लौटीं और राष्ट्रीय गान के साथ बैठक समाप्त की गई।
बैठक के बीच दो पार्षदों में हुई झड़प
बैठक के दौरान विजयनगर क्षेत्र के पार्षद नरेश जाटव और भाजपा पार्षद विनील दत्त के बीच तीखी बहस हो गई। जमीन संबंधी मुद्दे पर टिप्पणी को लेकर विवाद इतना बढ़ा कि मामला हाथापाई तक पहुंचने की स्थिति बन गई। गुस्साए पार्षद नरेश जाटव बैठक से बाहर जाने लगे, लेकिन कार्यकारिणी उपाध्यक्ष प्रवीण चौधरी और अन्य पार्षदों ने समझाकर स्थिति शांत कराई। बाद में नगर आयुक्त द्वारा अनुशासन बनाए रखने की चेतावनी के बाद बैठक आगे बढ़ सकी।
- व्हाट्स एप के माध्यम से हमारी खबरें प्राप्त करने के लिए यहाँ क्लिक करें।
- टेलीग्राम के माध्यम से हमारी खबरें प्राप्त करने के लिए यहाँ क्लिक करें।
- हमें फ़ेसबुक पर फॉलो करें।
- हमें ट्विटर पर फॉलो करें।
———-
🔸 स्थानीय सूचनाओं के लिए यहाँ क्लिक कर हमारा यह व्हाट्सएप चैनल जॉइन करें।
Disclaimer: This story is auto-aggregated by a computer program and has not been created or edited by Ghaziabad365 || मूल प्रकाशक ||




