सीबीएसई का OSM सिस्टम क्या है, जिस पर छिड़ी बहस?
सीबीएसई ने अपने बयान में बताया कि बोर्ड कॉपियों के मूल्यांकन के लिए ‘ऑन-स्क्रीन मार्किंग’ (OSM) सिस्टम का इस्तेमाल करता है. इस सिस्टम को लाने का मुख्य मकसद कॉपी चेकिंग की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष और सुसंगत बनाना था. बोर्ड का कहना है कि यह तकनीक देश के किसी भी कोने में बैठे परीक्षक को एक समान और ऑब्जेक्टिव तरीके से कॉपियां चेक करने की सुविधा देती है, जिससे मानवीय गलतियों की गुंजाइश लगभग खत्म हो जाती है.
बोर्ड का स्टेप-वाइज मार्किंग पर फोकस
सोशल मीडिया पर उठ रहे सवालों के बीच सीबीएसई ने दोहराया है कि उनके मूल्यांकन ढांचे की सबसे बड़ी खासियत ‘स्टेप-वाइज मार्किंग’ (Step-wise Marking) है. इसका मतलब है कि अगर स्टूडेंट ने किसी लंबे सवाल का पूरा उत्तर सही नहीं भी लिखा है, लेकिन उसके शुरुआती स्टेप्स सही हैं तो उसे उसके नंबर जरूर मिलते हैं. बोर्ड के अनुसार, ओएसएम सिस्टम सुनिश्चित करता है कि परीक्षकों की तरफ से इस स्टेप-वाइज मार्किंग के नियम का कड़ाई से पालन किया जाए, जिससे किसी भी स्टूडेंट के साथ नाइंसाफी न हो.
CBSE’s Commitment to Fair, Transparent and Equitable Evaluation
It has been observed that following the declaration of the CBSE Class XII results, several posts have appeared on social media regarding the assessment under the On-Screen Marking (OSM) system, particularly in…
रिजल्ट से नाखुश स्टूडेंट्स को मिलेगा री-चेकिंग का मौका
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने उन स्टूडेंट्स को भरोसा दिलाया है जो अपने नंबरों से निराश हैं. सीबीएसई बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि हर साल की तरह इस साल भी स्टूडेंट्स को पुनर्मूल्यांकन (Re-evaluation) का पूरा अवसर दिया जाएगा. इसके लिए एक तय प्रक्रिया (Mechanism) के तहत गाइडलाइंस जारी की गई हैं. छात्र अपनी कॉपियों की दोबारा जांच कराने और नंबरों के मिलान के लिए ऑफिशियल वेबसाइट cbse.gov.in के जरिए आवेदन कर सकेंगे.
अपनी ओरिजिनल आंसर शीट कैसे देख सकते हैं?
सीबीएसई के नए फ्रेमवर्क के मुताबिक, जो स्टूडेंट्स अपने रिजल्ट को लेकर आश्वस्त हैं लेकिन उन्हें कम नंबर मिले हैं, वे अपनी मूल्यांकित उत्तर पुस्तिकाओं (Evaluated Answer Books) की फोटोकॉपी प्राप्त करने के लिए अप्लाई कर सकते हैं. अपनी मूल कॉपी देखने के बाद अगर स्टूडेंट्स को टोटलिंग या किसी सवाल के मूल्यांकन में कोई विसंगति (Discrepancy) नजर आती है तो वे सीधे बोर्ड के समक्ष सुधारात्मक कार्रवाई के लिए अनुरोध दर्ज करा सकते हैं.
पारदर्शी व्यवस्था के लिए सीबीएसई का कमिटमेंट
सीबीएसई बोर्ड ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में लिखा है कि वह निष्पक्ष, सुसंगत और न्यायसंगत मूल्यांकन प्रणाली बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है. सीबीएसई बोर्ड का कहना है कि उनका मूल्यांकन सिस्टम समय के साथ बेहद मजबूत और आधुनिक हुआ है. स्टूडेंट्स को किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान देने के बजाय बोर्ड की तरफ से तय किए गए आधिकारिक कानूनी रास्तों का इस्तेमाल करके अपनी समस्याओं का समाधान करना चाहिए.
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