रबाडा ने बताया कि सूर्यवंशी जैसे बल्लेबाज को गेंदबाजी करते वक्त उनका क्या सोच होता है, जिसने पिछले दो सीजन में आईपीएल में धमाल मचा दिया है. “वो बहुत टैलेंटेड है. उसके हाथ बहुत तेज हैं. अभी वो बिलकुल निडर है. उसके अंदर डर नाम की कोई चीज नहीं है. जब आप जवान होते हैं तो ऐसा ही होता है, ये बहुत दिलचस्प है.
सूर्यवंशी कमाल है
30 साल के दक्षिण अफ्रीकी रबाडा ने कहा कि वो बल्लेबाज की प्रतिष्ठा के बारे में नहीं सोचते, बस उसे आउट करने की कोशिश करते हैं. मेरे लिए वो बस एक और बल्लेबाज है. और मैं उसे आउट करने की कोशिश करता हूं. थोड़ा सा फ्लेयर है सूर्यवंशी जो उनको X-फैक्टर खिलाड़ी बनाता है. जिसने सबका ध्यान खेल की तरफ खींचा है. शानदार. बहुत तेज हाथ. कोई डर नहीं. ये कमाल की जोड़ी है
रफ्तार की रवानगी
रबाडा ने कहा, जो इस सीजन में लगातार 150 किमी प्रति घंटे की स्पीड से गेंदबाजी कर रहे हैं. रबाडा और सिराज इस सीजन में नई गेंद से शानदार जोड़ी रहे हैं, बल्लेबाज पावरप्ले में उनके सामने परेशान दिखे हैं. सिराज सीम और स्विंग दोनों पर निर्भर करते हैं, वहीं रबाडा अतिरिक्त बाउंस और सीम मूवमेंट के साथ टेस्ट मैच की लेंथ पर गेंदबाजी करते हैं. ये चौथी बार है जब रबाडा ने आईपीएल में 20 से ज्यादा विकेट लिए हैं.
रिकॉर्ड्स की परवाह नहीं
रबाडा आंकड़ों पर ज्यादा ध्यान नहीं देते और खुश हैं कि वो गुजरात टाइटंस के लिए अच्छा कर रहे हैं, जो फिर से प्लेऑफ की ओर बढ़ रहे हैं. “मुझे बस लगता है कि सीजन में, चाहे जिस भी टीम के लिए खेलो, इस बार गुजरात है, मैं बस अपना बेस्ट देने आया हूं और बस यही मेरा लक्ष्य है. जो भी नतीजा होगा, वही होगा.
सिराज सही जोड़ीदार
सिराज के साथ अपनी साझेदारी पर उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि बस एक साझेदारी बन रही है, बस इतना ही. उसका अपना काम है और मेरा अपना काम है. हम मैदान के बाहर भी थोड़ा जुड़े हैं, लेकिन ये कोई खास प्लान नहीं है. हमें पता चला कि हम साथ गेंदबाजी करेंगे और बस अपना रोल निभाने की कोशिश करते हैं. कोई जादू की रेसिपी नहीं है.
टेस्ट मैच की लेंथ T20 में फिर से ट्रेंड में?
रबाडा कहते हैं कि ये हमेशा असरदार रही है. टाइटंस के लिए रबाडा ने शानदार प्रदर्शन किया है, वहीं भुवनेश्वर कुमार ने RCB के लिए बेहतरीन तेज गेंदबाजी की है, बिना ज्यादा वेरिएशन के. उन्होंने ऑफ-स्टंप चैनल को टारगेट किया जैसे टेस्ट मैच में करते हैं और अच्छे नतीजे मिले हैं. रबाडा ने भी पारंपरिक तरीके से सफलता पाई है, जो रेड बॉल क्रिकेट में ज्यादा दिखती है. क्या उन्हें लगता है कि गेंदबाज पुराने तरीके से सफल हो रहे हैं? “जरूरी नहीं. आईपीएल में हमेशा कुछ तेज गेंदबाज टॉप पर रहे हैं. भुवनेश्वर, क्या उसने दो बार लगातार पर्पल कैप जीती थी? वो फिर से इसके लिए तैयार है. बराबरी को नकारा नहीं जा सकता. बराबरी हमेशा दिखती है. भुवनेश्वर ने क्या अलग किया है? ज्यादा कुछ नहीं. आप खुद इसका जवाब दे सकते हैं.
रबाडा ने कहा कि मैं नहीं कहना चाहता कि दूसरे बल्लेबाजी लाइनअप में क्या हो रहा है, वो संभाल सकते हैं या नहीं. अगर आप अच्छी गेंदबाजी करेंगे तो विकेट मिलेंगे. अगर आप अपनी जगह पर नहीं हैं, तो वैसे ही होगा. अगर आप अच्छी गेंदों को उतना नहीं संभाल सकते जितना चाहें, तो चीजें आपके हिसाब से नहीं होंगी. यही क्रिकेट का बैलेंस है. मैं ये नहीं कहूंगा कि बल्लेबाजी की क्वालिटी कम हो गई है. क्योंकि जब पहले विकेट मिल रहे थे तब क्वालिटी कम थी या बदल रही थी.
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