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Suvendu Adhikari PA Murder Case: सुभेंदु अधिकारी के पीए चंद्रनाथ रथ की हत्या के मामले में पुलिस ने अपनी जांच तेज कर दी है. इसी कड़ी में पुलिस ने बलिया के रहने वाले ठाकुर राज सिंह को गिरफ्तार किया है. फिलहाल राज को पुलिस अपने साथ कोलकाता लेकर चली गई है. राज के परिवार वाले उसे बेगुनाह बता रहे हैं. राज की मां ने रो-रोकर पूरा घटनाक्रम बताया है. आइए सुनते हैं राज की बेगुनाही की कहानी, उसकी मां की जुबानी.

बाबू को बस थोड़ा सा दिखाए हैं... राज सिंह के बेगुनाही की कहानी, मां की जुबानीZoom

ठाकुर राज सिंह की मां ने सुनाई पूरी कहानी.

मेरा नाम जामवंती सिंह है. मेरे बेटे का नाम राज सिंह है. राज एमएलसी साहब के बेटी की शादी में लखनऊ जा रहे थे. हम भी कहे कि बाबू हमको भी लेते चलो. थोड़ा उधर काम है, दर्शन भी कर लूंगी. मैं भी उनके साथ चल दी. हम पांच लोग लखनऊ के लिए निकल पड़े. हम लोग निकले हैं दिन में 11-12 बजे और उसके बाद हम लोग लखनऊ पहुंचे हैं शाम को. जहां एमएलसी साहब की बेटी की शादी था, मैरिज हॉल. फिर बच्चे तैयार होकर शादी अटेंड करने गए हैं. मैं रुक गई थी वहीं पर रूम पर ही. हम उस दिन रुक गए. हम शादी में नहीं गए. फिर उसके बाद वो लोग रात में आए हैं. फिर हम सभी लोग सो गए. फिर सुबह उठे और नहा धोकर तैयार होकर एक जगह अंबेडकरनगर में एक बाबा का दरबार है. मैं वहां गई हूं दर्शन करने. हम लोग वहां रुक गए हैं. फिर अगले दिन दर्शन किए हैं. चादर चढ़ाए हैं.

हम उसको खाना खिलाए और तभी…
इसके बाद वहां से अयोध्या के लिए निकले हैं. फिर वहां से दर्शन करके निकले हैं. इसके बाद वहां बच्चों को भूख लग गई, बोले कि खाना खिला दो. खाना खिलाई हूं और जैसे ही खाना खाने के बाद बलिया के लिए निकले हैं. तो वहीं एसओजी की टीम ने मुझे और मेरे बच्चे को पकड़ लिया. रातभर हमको महिला थाने में रखा. और राज को और उसको दोस्तों को अपने पास रखा. हमारा बाबू घूम-घूमकर मार्केटिंग किया है. सीसीटीवी कैमरा है. कहीं नहीं गया है वो, पता नहीं क्यों उसे ले गए हैं और कोलकाता पुलिस उसे लेकर चली गई.

‘बाबू भी रोता रहा, हम भी रोते रहे’
मेरे बाबू को बस थोड़ा सा दिखाए हैं, ले जाने से पहले. बाबू भी रोता रह गया. हम भी रोते रह गए. बस सीने से एक-दो बार लगा है. राज घटना वाले दिन आनंद नगर थे, बलिया थे. वही ड्रेसलैंड में कपड़ा खरीदे हैं बाबू. अधिवक्ता ने कहा कि ऐसा है कि उनकी माता जी और बहन कोर्ट आई हुई हैं और 6 तारीख को 4 तारीख को वह लगातार घर पर ही रहे हैं. उसके बाद ड्रेसलैंड में जाकर कपड़ा खरीदे हैं और बाजार किए हैं. उस दिन ये घर पर उपस्थित रहे. उड़कर तो जाएंगे नहीं कलकत्ता और ऐसा कार्य उन्होंने नहीं किया है. इनका कोई संपर्क नहीं है. कलकत्ता इनका कोई जानने वाला ही नहीं है. मैं जानता हूं उनको. मांग करना है कि उनको न्याय मिले.

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Prashant RaiChief Sub EditorPrashant Rai am currently working as Chief Sub Editor at News18 Hindi Digital, where he lead the creation of hyper-local news stories focusing on politics, crime, and viral developments that directly impact loc…और पढ़ें

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