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1984 के सिख दंगों के 53 वर्षीय पीड़ित को हाईकोर्ट के दखल के बाद बनी एक योजना के तहत सरकारी नौकरी मिली है। याचिकाकर्ता पंकज बख्शी ने 2021 में हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। उन्होंने अधिकारियों से यह निर्देश देने की मांग की थी कि 2006 के केंद्र सरकार के आदेश को ध्यान में रखते हुए उन्हें रोजगार दिया जाए।

याचिका का निपटारा करते हुए न्यायमूर्ति पुरुशेंद्र कुमार कौरव ने कहा कि दिल्ली सरकार ने याचिकाकर्ता पंकज बख्शी का नाम, एक अन्य पीड़ित के साथ नौकरी देने के लिए आगे बढ़ाया है। सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट ने एक हलफनामा दायर कर हाईकोर्ट को इस सिफारिश के बारे में जानकारी दी।

न्यायमूर्ति कौरव ने कहा कि ऐसा लगता कि 24 अप्रैल के एक पत्र के जरिये, सेंट्रल नॉर्थ के जिला मजिस्ट्रेट के दफ्तर ने 1984 के दंगों से प्रभावित लोगों को रोजगार देने के लिए दो मामलों की सिफारिश की है। इनमें से एक मामला याचिकाकर्ता से जुड़ा है। 

न्यायमूर्ति ने कहा कि यह सिफारिश अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट (मुख्यालय)-II, डिविजनल कमिश्नर के दफ्तर, राजस्व विभाग को भेजी गई है। ऐसे में कोर्ट में जिला मजिस्ट्रेट की सिफारिश पर कार्रवाई करने के लिए छह सप्ताह का समय दिया है।

वकील गगन गांधी ने पंकज बख्शी की ओर से एक याचिका दायर की थी। इसमें उन्होंने दिल्ली सरकार को यह निर्देश देने की मांग की थी कि गृह मंत्रालय के 16 जनवरी के परिपत्र को ध्यान में रखते हुए पंकज को रोजगार दिया जाए।

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