Kishore Kumar ke Superhit Gane : किशोर कुमार अपनी अनोखी आवाज़ और अंदाज़ के लिए मशहूर थे. उनके बारे में कहा जाता है कि वो बहुत ही मूडी थे. एक बार तो उन्होंने जिस गीत को पहले गाने से इनकार कर दिया, बाद में उसी गाने को अमर कर दिया. यह कहानी सिर्फ एक गाने की नहीं, बल्कि एक कलाकार के फैसले, समझ और बदलाव की भी है, जो इसे और खास बनाती है. आज वही गाना हर किसी के दिल में बसता है. इस फिल्म की गिनती कल्ट क्लासिक फिल्मों में होती है. फिल्म की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इस पर चार फिल्में बन चुकी हैं. वो गाना कौन सा था, और वो फिल्म कौन सी थी, आइये जानते हैं……….
हिंदी सिनेमा के इतिहास में कई ऐसे गाने हैं, जो आज अमर माने जाते हैं, लेकिन इन गानों को जिन सिंगर्स ने गाया, उन्होंने ही शुरुआत में ठुकरा दिया था. लीजेंड सिंगर किशोर कुमार और मोहम्मद रफी के साथ ऐसा कई बार हुआ. महान गायक किशोर कुमार ने 70 के दशक में एक गाने को पहले रिजेक्ट कर दिया था. जो आज हर किसी के दिल में बसता है, उसे उन्होंने पहले गाने से मना कर दिया था। लेकिन बाद में जब हालात बदले, तो उसी गाने को उन्होंने अपनी आवाज़ दी. वही गीत इतिहास बन गया. यह कहानी सिर्फ एक गाने की नहीं, बल्कि एक कलाकार के फैसले, समझ और बदलाव की भी है, जो इसे और खास बनाती है. बात 1979 में रिलीज हुई कालजयी कॉमेडी फिल्म ‘गोलमाल’ के गाने ‘आने वाला पल जाने वाला है’ की हो रही है.
‘गोलमाल’ फिल्म का म्यूजिक संगीतकार आरडी बर्मन ने दिया था. ‘आने वाला पल जाने वाला है’ गाने को मशहूर गीतकार गुलज़ार ने लिखा था. शुरुआत में जब यह गाना किशोर कुमार के पास गया, तो उन्होंने इसे गाने से मना कर दिया था. वजह यह थी कि गाने के बोल बहुत दार्शनिक और धीमे थे. उन्हें लगा कि यह आम दर्शकों को तुरंत कनेक्ट नहीं कर पाएगा. इसलिए उन्होंने अपनी आवाज देने से इनकार कर दिया था.
वैसेआरडी बर्मन और किशोर कुमार में गहरी दोस्ती थी. आरडी बर्मन के पिता एसडी बर्मन किशोर दा को अपना बेटा मानते थे. आरडी बर्मन और गुलज़ार साहब को इस गाने पर पूरा भरोसा था. उन्होंने किशोर कुमार को मनाया. पंचम दा ने उनसे कहा, ‘ये गीत तुम्हारे लिए है बना है मेरे दोस्त, तुम ही इसे गाओगे तब अच्छा रहेगा.’ गाने के कुछ हिस्सों में हल्का बदलाव किया गया. खासतौर पर इसके भाव और गायकी के अंदाज़ को थोड़ा और सहज बनाया गया. इसके बाद किशोर कुमार मान गए और उन्होंने इसे रिकॉर्ड किया.
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20 अप्रैल 1979 में रिलीज हुई ‘गोलमाल’ फिल्म का निर्देशन ऋषिकेश मुखर्जी ने किया था. अमोल पालेकर, बिंदिया गोस्वामी और उत्पल दत्त लीड रोल में थे. फिल्म में हर कलाकार का काम बढ़िया था. प्रोड्यूसर एनसी सिप्पी थे. कहानी शैलेश देव की थी जबकि स्क्रीनप्ले सचिन भौमिक ने लिखा था. डायलॉग राही मासूम रजा ने लिखे थे. ‘गोलमाल’ फिल्म हिंदी सिनेमा की कल्ट कॉमेडी फिल्म में शामिल है.
‘गोलमाल’ में कुल चार गाने रखे गए. ‘आने वाला पल, जाने वाला है’ के लिए गीतकार गुलजार को बेस्ट लिरिसिस्ट का अवॉर्ड भी मिला था. फिल्म मे अन्य पॉप्युलर गानों में ‘गोलमाल है भाई सब गोलमाल है’ और ‘एक बात कहूं गर मानो तुम’ शामिल हैं. ‘गोलमाल है भाई सब गोलमाल है…’ गाना तो कालजयी सॉन्ग बन गया. ना जाने कितनी फिल्मों में, टीवी-सीरियल्स में यह सॉन्ग इस्तेमाल हुआ.
फिल्म उस समय की मसाला फिल्मों से बिल्कुल हटकर थी. फिल्म के डायलॉग-सीन्स बेहद फनी थे. इतने मजेदार-कॉमिक थे कि आज भी इस फिल्म को देखकर लोग लोटपोट हो जाते हैं. फिल्म में उत्पल दत्त का ‘भवानी सिंह’ वाला रोल बहुत ही शानदार था. फिल्म की जान था.
बताया जाता है कि फिल्म के डायरेक्टर हृषिकेश मुखर्जी ने सबसे पहले रेखा को रोल ऑफर किया था. बाद में उनको लगा कि रेखा को टैलेंट दिखाने का मौका नहीं मिलेगा. ऐसे में उन्होंने रोल बिंदिया गोस्वामी को सौंपा. फिल्म की शूटिंग सिर्फ 40 दिन में पूरी हो गई थी.
फिल्म में गोविंदा के मामा आनंद सिंह ने भी काम किया था.
करीब 45 लाख के बजट में बनी इस मूवी ने 1.6 करोड़ का वर्ल्डवाइड कलेक्शन किया था. यह उस साल की 6वीं सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म थी. मूवी को 3 फिल्मफेयर अवॉर्ड भी मिले. बेस्ट एक्टर का फिल्मफेयर अवॉर्ड अमोल पालेकर को मिला था. बेस्ट कॉमेडियन का फिल्मफेयर अवॉर्ड उत्पल दत्त को मिला था.
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