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सुल्तानपुर शहर मुख्यालय से लगभग 40 किलोमीटर दूर बरवारीपुर गांव में स्थित त्रयंबकेश्वर महादेव मंदिर. जिसके के संरक्षक डॉक्टर सभाजीत यादव लोकल 18 से बताते हैं कि यह मंदिर काफी प्राचीन है. जहां पर कई गांव के लोग दर्शन और पूजन करने के लिए आते हैं. मंदिर के ढांचे की यह दूसरी पीढ़ी है, यानी कि पहले जो मंदिर था वह ढह गया था. उसके बाद इस मंदिर का फिर से पुनर्निर्माण किया गया.

सुल्तानपुरः कई ऐसे धार्मिक और प्राचीन स्थल हैं जिनका जुड़ाव अध्यात्म से रहा है. कुछ ऐसा ही मंदिर हैं जो भौगोलिक दृष्टिकोण से प्रसिद्ध नहीं है लेकिन अपनी आस्था और मान्यता को लेकर वे श्रद्धालुओं के आस्था का केंद्र बने हुए हैं. एक ऐसा ही मंदिर उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले में है जो शहर मुख्यालय से 40 किलोमीटर दूर है. त्रयंबकेश्वर महादेव मंदिर सुल्तानपुर के बरवारी पुर ग्राम सभा में स्थित है. इस मंदिर परिसर में एक कुआं भी है और इसके साथ ही वहां का प्राकृतिक वातावरण श्रद्धालुओं को और अधिक आकर्षित करता है.

कुंए का जल चढ़ाते हैं भक्त

सुल्तानपुर शहर मुख्यालय से लगभग 40 किलोमीटर दूर बरवारीपुर गांव में स्थित त्रयंबकेश्वर महादेव मंदिर के संरक्षक डॉक्टर सभाजीत यादव लोकल 18 से बताते हैं कि यह मंदिर काफी प्राचीन है. जहां पर कई गांव के लोग दर्शन और पूजन करने के लिए आते हैं. मंदिर के ढांचे की यह दूसरी पीढ़ी है यानी कि पहले जो मंदिर था वह ढह गया था. उसके बाद इस मंदिर का फिर से पुनर्निर्माण किया गया. दोबारा इसे लक्ष्मी नारायण मिश्र द्वारा बनवाया गया. इस मंदिर के ठीक सामने एक प्राचीन कुआं भी स्थित है, जो काफी चौड़ा और गहरा है. ऐसा लोग बताते हैं कि पहले इसे कुएं में पानी भगवान त्रंबकेश्वर की कृपा से हुआ करता था और कई गांव के लोग इस कुएं के पानी भी इस्तेमाल करते थे और इसी कुएं के पानी से भगवान त्रंबकेश्वर को लोग जल चढ़ाते थे.

शांत वातावरण के बीच है मंदिर

डॉक्टर सभाजीत बताते हैं कि यह मंदिर अपनी प्राचीनता और आध्यात्मिक मान्यताओं के लिए सुल्तानपुर में काफी प्रसिद्ध है. वैसे तो मंदिर का आकार उतना बड़ा नहीं है, लेकिन मंदिर का परिसर काफी प्राकृतिक है. जहां पीपल के पेड़ से शुद्ध ऑक्सीजन और चारों तरफ खेतों में हरियाली इस मंदिर के वातावरण को और सुदृढ़ करती है. जो भी व्यक्ति सच्चे मन से इस मंदिर में पूजा पाठ और दर्शन करता है उसकी सारी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं.

यहां पहुंचने का रास्ता

अगर आप भी त्रयंबकेश्वर महादेव के इस मंदिर में पहुंचकर दर्शन करना चाहते हैं तो आपको सुल्तानपुर शहर मुख्यालय से लगभग 40 किलोमीटर कादीपुर क्षेत्र में आना होगा. कादीपुर के बरवारी ग्रामसभा में यह मंदिर स्थित है. यहां पर आने के लिए आपको मुख्य सड़क मार्ग से मात्र 200 मीटर की दूरी तय करना होगा. यह प्राचीन मंदिर सुल्तानपुर के धार्मिक स्थलों में एक माना जाता है.

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Rajneesh Kumar Yadav

मैं रजनीश कुमार यादव, 2019 से पत्रकारिता से जुड़ा हूं. तीन वर्ष अमर उजाला में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया. तीन वर्षों से न्यूज18 डिजिटल (लोकल18) से जुड़ा हूं. ढाई वर्षों तक लोकल18 का रिपोर्टर रहा. महाकुंभ 2025 …और पढ़ें

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