कभी एंबुलेंस की सायरन के बीच, कभी अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में, कभी ट्रैफिक के शोर के बीच सड़क पर, तो कभी सरहद और समंदर की चुनौतियों के बीच, कई मांएं ऐसी हैं जो अपनी ममता को घर तक सीमित नहीं रखतीं। वे इमरजेंसी और चुनौतीपूर्ण सेवाओं में काम करते हुए हर दिन दूसरों की जिंदगी सुरक्षित बनाने का काम करती हैं। इन महिलाओं के लिए ड्यूटी का कोई तय समय नहीं होता। त्योहार, जन्मदिन, स्कूल फंक्शन या परिवार के खास पल अक्सर सब कुछ पीछे छोड़कर उन्हें अपने काम के लिए निकलना पड़ता है।
लेकिन इसके बावजूद वे अपने बच्चों के लिए वही प्यार, वही सुरक्षा और वही भरोसा बनाए रखती हैं, जो हर मां की पहचान है। मदर्स डे पर सलाम उन मांओं को, जो सिर्फ अपने बच्चों के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए सुरक्षा, सेवा और समर्पण की मिसाल बनी हुई हैं।
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