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-ट्रिपल आर सेंटर बना स्वच्छता और आत्मनिर्भरता का मॉडल, वेस्ट से तैयार हो रही उपयोगी सामग्री
-RRR स्किल एंड एजुकेशन सेंटर में 50 से अधिक बच्चों को मिलेगी शिक्षा और नई दिशा
-नगर निगम का सामाजिक सरोकार- स्वच्छ शहर के साथ अब शिक्षा और सम्मान की पहल

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। शहर को स्वच्छ और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में गाजियाबाद नगर निगम लगातार नए प्रयोग कर रहा है। इसी क्रम में गुरुवार को नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने वैशाली स्थित ट्रिपल आर (Reduce, Reuse, Recycle) सेंटर का निरीक्षण किया और वहीं स्थापित आरआरआर स्किल एंड एजुकेशन सेंटर का विधिवत शुभारंभ किया। यह केंद्र विशेष रूप से रैग पिकर्स के बच्चों को शिक्षा, कौशल और बेहतर भविष्य देने के उद्देश्य से शुरू किया गया है। निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त ने ट्रिपल आर सेंटर में वेस्ट सामग्री से बनाई जा रही उपयोगी वस्तुओं को देखा और कार्य की सराहना की। यहां दूध की खाली थैलियों, फ्लेक्स बैनर और अन्य अनुपयोगी प्लास्टिक सामग्री से उपयोगी बैग एवं अन्य उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं। सामाजिक संस्थाओं के सहयोग से चल रहे इस प्रयास में साथी फाउंडेशन और एसजीएस आत्मनिर्भर एनजीओ की टीम सक्रिय भूमिका निभा रही है। नगर आयुक्त ने कहा कि इस प्रकार के नवाचार न केवल पर्यावरण संरक्षण में सहायक हैं, बल्कि शहर को पॉलिथीन मुक्त बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम साबित हो रहे हैं।

उन्होंने बताया कि ट्रिपल आर सेंटर लोगों को कचरे को संसाधन में बदलने की सोच विकसित करने के लिए प्रेरित कर रहा है। वैशाली स्थित इस सेंटर पर शहरवासी अपनी अनुपयोगी वस्तुएं दान कर रहे हैं, जिन्हें जरूरतमंदों तक पहुंचाया जा रहा है या पुनर्चक्रण के माध्यम से दोबारा उपयोगी बनाया जा रहा है। इससे जहां कचरे की मात्रा कम हो रही है, वहीं समाज के आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को भी लाभ मिल रहा है। इसी पहल को आगे बढ़ाते हुए नगर निगम ने ट्रिपल आर सेंटर के समीप ही RRR स्किल एंड एजुकेशन सेंटर की स्थापना की है। इस केंद्र में रैग पिकर्स के 50 से अधिक बच्चों को शिक्षा प्रदान करने का कार्य शुरू किया गया है। नगर निगम द्वारा संचालित इस पहल में शक्ति फाउंडेशन के अनुराग कश्यप भी सहयोग कर रहे हैं।

नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने बच्चों से संवाद कर उनका मनोबल बढ़ाया और उन्हें शिक्षा के साथ खेल एवं व्यक्तित्व विकास के प्रति जागरूक किया। उन्होंने कहा कि शहर की स्वच्छता व्यवस्था में अप्रत्यक्ष रूप से योगदान देने वाले रैग पिकर्स समाज का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और उनके बच्चों को शिक्षा से जोड़ना सामाजिक जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों और सहयोगी संस्थाओं की टीम को जनहित में बेहतर कार्य करने के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि नगर निगम केवल सफाई व्यवस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक विकास और समावेशी समाज निर्माण की दिशा में भी लगातार कार्य कर रहा है। गाजियाबाद नगर निगम एक ओर जहां शहरवासियों को स्वच्छता के प्रति जागरूक कर रहा है, वहीं दूसरी ओर स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को भी अभियानों से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

महिलाओं की भागीदारी से स्वच्छता अभियान को सामाजिक आंदोलन का रूप मिल रहा है। इस अवसर पर अपर नगर आयुक्त अवनींद्र कुमार, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथिलेश कुमार तथा स्वच्छ भारत मिशन की टीम सहित विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधि मौजूद रहे। अधिकारियों ने उम्मीद जताई कि ट्रिपल आर सेंटर और स्किल एंड एजुकेशन सेंटर की यह पहल भविष्य में शहर के लिए मिसाल बनेगी। नगर निगम की यह पहल साफ संकेत देती है कि अब स्वच्छता अभियान केवल कूड़ा उठाने तक सीमित नहीं, बल्कि शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक उत्थान को साथ लेकर आगे बढ़ रहा है। रैग पिकर्स के बच्चों को शिक्षा से जोडऩे की यह पहल उनके जीवन में नई उम्मीद और सम्मानजनक भविष्य की राह खोलने वाली साबित हो सकती है।

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