-दिव्यांग, गरीब और जरूरतमंद को मिले योजनाओं का पूरा हक : रविन्द्र कुमार माँदड़
-राजस्व, बिजली, स्वास्थ्य और निर्माण विभाग की शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई के निर्देश
-दिव्यांगजनों के चिन्हिकरण व योजनाओं का लाभ पहुंचाने के आदेश, रोजगार से जोडऩे पर जोर
-सैकड़ों दिव्यांगों को मिली सहायता, जिलाधिकारी के प्रति जताया आभार
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। कलेक्ट्रेट परिसर में गुरुवार को आयोजित जनता दर्शन कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार माँदड़ ने आम नागरिकों की समस्याएं सुनते हुए अधिकारियों को गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए। जनसुनवाई में बड़ी संख्या में पहुंचे लोगों ने राजस्व, विद्युत, स्वास्थ्य, निर्माण और सामाजिक कल्याण से जुड़ी शिकायतें जिलाधिकारी के समक्ष रखीं, जिन पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए। जनता दर्शन कार्यक्रम में जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप जनता की समस्याओं का समाधान केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित न रहे, बल्कि जमीनी स्तर पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। विशेष रूप से जमीन से संबंधित विवादों को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम को मौके पर जाकर जांच करने और समयसीमा के भीतर समाधान कराने के निर्देश दिए। कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी ने अधिकारियों से कहा कि जनता दर्शन केवल शिकायत सुनने का मंच नहीं बल्कि समाधान का माध्यम है। इसलिए प्रत्येक विभाग यह सुनिश्चित करे कि प्राप्त प्रार्थना पत्रों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण हो और फरियादी को बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। जनता दर्शन में दिव्यांगजनों से जुड़ी समस्याएं भी प्रमुखता से सामने आईं। इस पर जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार माँदड़ ने जिला दिव्यांगजन कल्याण अधिकारी को निर्देशित करते हुए कहा कि जनपद में दिव्यांगजनों का व्यापक चिन्हिकरण अभियान चलाया जाए।
उन्होंने निर्देश दिया कि पात्र दिव्यांगों को पेंशन, राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड, अंत्योदय कार्ड, ई-व्हीकल योजना सहित सभी सरकारी योजनाओं का लाभ प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि दिव्यांगजन केवल सहायता के पात्र नहीं बल्कि समाज की मुख्यधारा का हिस्सा हैं, इसलिए उन्हें रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया जाए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि यदि किसी विभाग द्वारा योजनाओं के क्रियान्वयन में सहयोग नहीं किया जाता है तो इसकी जानकारी सीधे उन्हें दी जाए, ताकि संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की जा सके। जनसुनवाई के दौरान सैकड़ों दिव्यांगजनों को विभिन्न योजनाओं के तहत सहायता उपलब्ध कराई गई। कई लाभार्थियों को दिव्यांगता प्रमाणपत्र, पेंशन स्वीकृति, आयुष्मान कार्ड, अंत्योदय कार्ड तथा आर्थिक सहायता से जुड़ी सुविधाएं प्रदान की गईं। प्रशासनिक पहल से लाभान्वित दिव्यांगजन भावुक नजर आए और उन्होंने सामूहिक रूप से जिलाधिकारी का आभार व्यक्त किया।
दिव्यांगजनों ने कहा कि प्रशासन की संवेदनशील पहल ने उनके जीवन में आत्मविश्वास जगाया है और अब उन्हें सम्मानपूर्वक जीवन जीने की प्रेरणा मिली है। उन्होंने कहा कि पहले सरकारी योजनाओं तक पहुंचना कठिन था, लेकिन अब जिला प्रशासन के सहयोग से उन्हें अधिकार और सुविधाएं मिल रही हैं। जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार माँदड़ ने दिव्यांगजनों को आश्वस्त करते हुए कहा कि जिला प्रशासन हर जरूरतमंद व्यक्ति के साथ खड़ा है। उन्होंने कहा कि किसी भी समस्या के लिए नागरिक सीधे प्रशासन से संपर्क करें, उनकी शिकायतों का समाधान प्राथमिकता से किया जाएगा। जनता दर्शन कार्यक्रम में सिटी मजिस्ट्रेट डॉ. संतोष कुमार उपाध्याय तथा एडीएम जे श्रीमती अंजुम बी. सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
अधिकारियों ने मौके पर ही कई शिकायतों का निस्तारण किया तथा शेष मामलों के लिए समयसीमा तय कर कार्रवाई शुरू कर दी गई। जिला प्रशासन का कहना है कि जनता दर्शन कार्यक्रम शासन और जनता के बीच संवाद का प्रभावी माध्यम बन रहा है। इसके माध्यम से न केवल लोगों की समस्याएं सीधे प्रशासन तक पहुंच रही हैं, बल्कि समाधान की प्रक्रिया भी पारदर्शी और तेज हो रही है। प्रशासन का लक्ष्य है कि हर नागरिक को समय पर न्याय और सरकारी योजनाओं का लाभ मिले, जिससे सुशासन की अवधारणा को मजबूत किया जा सके।
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