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होमखेलक्रिकेटक्रिकेट का सबसे बड़ा अंधविश्वासी! मैच से पहले टॉयलेट सीट ढकता था खिलाड़ी

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साउथ अफ्रीका के पूर्व दिग्गज नील मैकेंजी अपने खेल के साथ-साथ अंधविश्वास के लिए भी मशहूर थे. मैच से पहले मैकेंजी ऐसी-ऐसी हरकते करते, जिससे उनके भी परेशान हो गए थे. यही कारण है कि जब भी नील मैकेंजी के करियर की चर्चा होती है तो उनके क्रिकेट के लिए अंधविश्वास को भी याद किया जाता है. आइए जानते हैं मैकेंजी से जुड़ी ऐसी कुछ कहानियों के बारे में.

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साउथ अफ्रीका के पूर्व क्रिकेटर नील मैकेंजी

नई दिल्ली: साउथ अफ्रीका क्रिकेट में नील मैकेंजी का नाम बड़े अदब से लिया जाता है. मैकेंजी साउथ साउथ अफ्रीका के लिए 58 टेस्ट, 64 वनडे और 2 टी20 इंटरनेशनल मैचों में मैदान पर उतरे. टेस्ट क्रिकेट में मैकेंजी ने 16 फिफ्टी और 5 सेंचुरी के साथ 3253 रन बनाए. वहीं वनडे की बात करें तो उनके नाम 1688 रन दर्ज है, जिसमें 2 शतक और 10 अर्धशतक शामिल है. अपने समय में मैकेंजी साउथ अफ्रीका के सबसे प्रॉमिसिंग खिलाड़ियों में से एक थे. हालांकि, नील मैकेंजी साउथ अफ्रीका के लिए जितना अपने खेल के लिए नहीं जाने गए, उससे कहीं ज्यादा वह अंधविश्वास को लेकर फेमस हुए.

दुनिया में कईं ऐसे क्रिकेटर हुए हैं जो अपने अंधविश्वास के लिए मशहूर हुए. किसी के पैड पहने की कहानी तो किसी के मैदान पर पहले कौन सा पैर रखता था उसकी कहानी. क्रिकेटर के अंधविश्वास की ऐसी ना जाने कितनी ही किस्से और कहानियां हैं, लेकिन नील मैकेंजी उन सब में से काफी अलग थे. नील मैकेंजी क्रिकेट मैदान पर अपने टोटके पर इतना विश्वास करते थे कि एक बार उनसे तंग आकर कप्तान भी उनसे परेशान गए.

नील मैकेंजी के मशहूर टोटके

वैसे तो नील मैकेंजी कई तरह के टोटके में विश्वास करते थे, लेकिन बैट को छत से लटकना और टॉयलैट शीट को ढ़कना खूब मशहूर हुआ. नील मैकेंजी को लेकर कहा जाता है कि जब वह बल्लेबाजी के लिए मैदान पर आते थे तो वह ड्रेसिंग रूम के सभी टॉयलेट शीट को ढ़क देते थे. उनका मानना था कि ऐसा करने से उनका प्रदर्शन अच्छा होता है. मैकेंजी से जुड़ी एक और मजेदार किस्सा ये है कि एक मैच से पहले उनके साथी खिलाड़ियों ने उनके बैट को टेप से छत पर चिपका दिया था. उसके बाद मैकेंजी ने शतक लगाया दिया. फिर क्या था इसके बाद मैकेंजी हर मैच से पहले की रात को अपना बैट छत से चिपकाने लगे.

सिर्फ इतना ही नहीं, नील मैकेंजी पिच पर कभी भी सफेद पट्टी पर अपना पैर नहीं रखते थे. मैकेंजी ने अपने पूरे क्रिकेटिंग करियर में कभी भी सफेद पट्टी पर पैर नहीं रखा. इसके अलावा मैकेंजी का एक अंधविश्वास ये भी फेमस हुआ था कि वह हर गेंद के बाद लेग साइड की तरफ देखते थे, फिर स्टांस लेते थे. यही कारण है कि नील मैकेंजी अपने अजीबो-गरीब कहानियों के लिए मशहूर हुए.

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Jitendra Kumar

जितेंद्र कुमार डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया में बीते 10 सालों से सक्रिय हैं. इस वक्त नेटवर्क 18 समूह में हिंदी स्पोर्ट्स सेक्शन में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. क्रिकेट के साथ बॉक्सिंग, कबड्डी, बैडमिंटन, ह…और पढ़ें

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