गुरुदत्त फिल्म ‘प्यासा’ को लेकर कोई रिस्क नहीं लेना चाहते थे, इसलिए सभी गाने मोहम्मद रफी से गवाना चाहते थे. मगर उन्हें पत्नी गीता दत्त और अबरार अलवी की सिफारिश पर एक गाना हेमंत कुमार से गवाना पड़ा. आज उस सदाबहार गाने की गिनती हिंदी सिनेमा के सबसे दर्दभरे गानों में होती है. साहिर लुधियानवी के लिखे शब्दों को हेमंत कुमार की मखमली आवाज ने अमर बना दिया. गाना प्यार में मिलने वाली नाकामी को बड़ी शिद्दत से बयां करता है.
नई दिल्ली: 1957 में आई फिल्म ‘प्यासा’ के लगभग सभी गीत साहिर लुधियानवी ने लिखे थे और इनका संगीत एसडी बर्मन ने दिया था. फिल्म में जितने भी मेल ट्रैक थे, वह गायक मोहम्मद रफी को सोच कर लिखे गए थे. फिल्म के प्रोड्यूसर-डायरेक्टर गुरु दत्त भी उनसे ही गाना गवाने के पक्ष में थे. दरअसल, फिल्म ‘प्यासा’ के सभी गाने गहरे भाव और जज्बातों को समेटे हुए हैं, इसलिए गुरुदत्त कोई रिस्क न उठाते हुए उन्हें सिर्फ मोहम्मद रफी से गवाना चाहते थे. (फोटो साभार: IMDb)
मगर जब ‘प्यासा’ के एक गाने को रिकॉर्ड करने की तैयारी चल रही थी, तब अचानक मोहम्मद रफी से वो गाना छींनकर हेमंत कुमार को दे दिया. मीडिया रिपोर्ट्स की मानें, तो गुरुदत्त जब गानों की मेकिंग पर बैठकें कर रहे थे, तब गीता दत्त और फिल्म के लेखक अबरार अलवी से उनकी बातचीत हुई. (फोटो साभार: AI से जेनरेटेड इमेज)
तीनों सितारे एक दिन कार से कहीं जाते वक्त गीतों पर बात कर रहे थे. जब गाने ‘जाने वो कैसे लोग थे जिनके प्यार को प्यार मिला’ का जिक्र आया, तो अबरार अलवी ने कहा कि क्यों न इस गीत को हेमंत कुमार से गवाया जाए. गुरुदत्त ने इनकार करते हुए कहा कि ‘प्यासा’ के सभी गाने मोहम्मद रफी साहब गा रहे हैं, हेमंत कुमार से क्यों गवाएं?
Add News18 as
Preferred Source on Google
गुरुदत्त के बगल में बैठी उनकी पत्नी गीता दत्त बातचीत को सुन रही थीं. चूंकि वह भी एक मशहूर गायिका थीं और गीतों की समझ रखती थीं, इसलिए उन्होंने अपना पक्ष रखना भी जरूरी समझा. वे बोलीं, ‘यह गाना दूसरी तरह का है. हेमंत कुमार की आवाज भी लॉ रेंज की है, तो इसमें हेमंत कुमार ही परफेक्ट रहेंगे. इसलिए, यह गाना हेमंत कुमार से ही गवाना चाहिए.’
गुरुदत्त को पत्नी गीता दत्त की बातें तर्कसंगत लगीं. वे भी मशहूर गाने को हेमंत कुमार से गवाने को तैयार हो गए. फिल्म ‘प्यासा’ के सभी गाने गहरे भाव और जज्बातों को समेटे हुए हैं. मगर ‘जाने वो कैसे लोग थे’ गाने पर हेमंत कुमार की आवाज खूब जंची. (फोटो साभार: AI से जेनरेटेड इमेज)
कहते हैं कि एसडी बर्मन ने हेमंत कुमार से वादा किया था कि वे हर साल उनसे एक गाना जरूर गवाएंगे. फिल्म का दर्दभरा गाना आज भी लोग गुनगुनाना पसंद करते हैं, जिस पर गुरुदत्त ने कमाल की परफॉर्मेंस दी थी. (फोटो साभार: AI से जेनरेटेड इमेज)
‘प्यासा’ में वहीदा रहमान और माला सिन्हा भी हैं. फिल्म मतलबी समाज में कवि के पहचान के स्ट्रगल को दिखाती है. इस फिल्म का संगीत यादगार है, जिसे फिल्म की तरह क्लासिक का दर्जा मिला है. (फोटो साभार: IMDb)
गुरु दत्त पर फिल्माया गाना ‘जाने वो कैसे लोग थे’ एक ऐसे इंसान का दर्द है, जिसने दुनिया से सिर्फ प्यार मांगा, लेकिन बदले में उसे केवल अकेलापन और तिरस्कार मिला. एसडी बर्मन का संगीत और ‘प्यासा’ की उदास थीम इस गीत को दिल के बेहद करीब ले आती है. आज भी जब कोई अपनी तन्हाई या टूटे हुए सपनों को महसूस करता है, तो यह गाना उसकी रूह की आवाज बनकर सुकून पहुंचाता है.(फोटो साभार: IMDb)
- व्हाट्स एप के माध्यम से हमारी खबरें प्राप्त करने के लिए यहाँ क्लिक करें।
- टेलीग्राम के माध्यम से हमारी खबरें प्राप्त करने के लिए यहाँ क्लिक करें।
- हमें फ़ेसबुक पर फॉलो करें।
- हमें ट्विटर पर फॉलो करें।
———-
🔸 स्थानीय सूचनाओं के लिए यहाँ क्लिक कर हमारा यह व्हाट्सएप चैनल जॉइन करें।
Disclaimer: This story is auto-aggregated by a computer program and has not been created or edited by Ghaziabad365 || मूल प्रकाशक ||



