-चिकित्सा उपकरण क्षेत्र में अनुसंधान एवं विकास, तकनीकी सहयोग, निवेश को बढ़ावा मिलेगा
उदय भूमि संवाददाता
ग्रेटर नोएडा। यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में विकसित हो रहे मेडिकल डिवाइस पार्क को सशक्त बनाने के लिए यमुना प्राधिकरण ने बुधवार को मेडिकल एक्सीलेंस जापान के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता (MoU) किया। इस साझेदारी का उद्देश्य चिकित्सा उपकरण क्षेत्र में अनुसंधान एवं विकास, तकनीकी सहयोग, निवेश को बढ़ावा देना और स्टार्टअप्स के लिए बेहतर अवसर तैयार करना है।
यमुना सिटी के सेक्टर-28 में बन रहे इस मेडिकल डिवाइस पार्क को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विकसित करने के लिए यह कदम अहम माना जा रहा है। समझौते के दौरान यमुना प्राधिकरण के सीईओ आरके सिंह, एसीईओ शैलेंद्र भाटिया समेत अन्य अधिकारी और एमईजे के प्रतिनिधि मौजूद रहे। दोनों संस्थाएं मिलकर चिकित्सा उपकरण उद्योग में नवाचार, निवेश और तकनीकी आदान-प्रदान को गति देंगी। इस समझौते के तहत यमुना प्राधिकरण बुनियादी ढांचा, भूमि आवंटन, नीतिगत प्रोत्साहन और नियामकीय सहयोग उपलब्ध कराएगा। वहीं एमईजे जापानी कंपनियों की भागीदारी सुनिश्चित करेगा, साथ ही तकनीकी विशेषज्ञता, अनुसंधान सहयोग और ज्ञान साझा करने में योगदान देगा। इसके अलावा, प्रत्यक्ष विदेशी निवेश, संयुक्त फंडिंग और अनुदान जैसी संभावनाओं को भी तलाशा जाएगा। एमओयू के जरिए भारतीय और जापानी कंपनियों के बीच तकनीकी समझौते, संयुक्त शोध परियोजनाएं, प्रयोगशालाओं की स्थापना और गुणवत्ता मानकों का आदान-प्रदान संभव होगा।
इसके साथ ही सेमिनार, कार्यशालाएं और व्यापार मिशन जैसे कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। यमुना प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी आरके सिंह ने कहा कि मेडिकल डिवाइस पार्क को वैश्विक स्तर पर स्थापित करने की दिशा में यह समझौता एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा कि जापान जैसी तकनीकी रूप से उन्नत संस्था के साथ साझेदारी से न केवल आधुनिक चिकित्सा उपकरण निर्माण को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि क्षेत्र में निवेश, रोजगार और तकनीकी नवाचार के नए अवसर भी सृजित होंगे। आरके सिंह ने बताया कि प्राधिकरण निवेशकों को विश्वस्तरीय आधारभूत सुविधाएं, पारदर्शी नीतिगत सहयोग और उद्योग अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है, जिससे यमुना सिटी को मेडिकल टेक्नोलॉजी हब के रूप में विकसित किया जा सके।
स्टार्टअप्स को विशेष रूप से प्रोत्साहित करने के लिए इनक्यूबेशन, फंडिंग, हैकाथॉन और मेंटरशिप कार्यक्रम शुरू किए जाएंगे। इस साझेदारी को लागू करने के लिए एक संयुक्त कार्य समूह का गठन 30 दिनों के भीतर किया जाएगा। यह समूह 60 दिनों में विस्तृत कार्ययोजना तैयार करेगा। सभी निर्णय आपसी सहमति से लिए जाएंगे और गोपनीय सूचनाओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी। एमओयू की शर्तों के अनुसार, समझौता अगले वर्ष 31 मार्च तक प्रभावी रहेगा और आवश्यकतानुसार 30 दिन पूर्व सूचना देकर इसे समाप्त किया जा सकता है।
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