विवेक विहार के पॉश बी-ब्लॉक में चार मंजिला इमारत में लगी आग में नौ लोगों की जान चली गई थी। पुलिस के अलावा तमाम एजेंसियां आग की वजहों का पता लगाने में जुटी हैं। मंगलवार को इलेक्ट्रिसिटी इंस्पेक्टर (विद्युत निरीक्षक) व दिल्ली नगर निगम की टीम ने घटनास्थल का मुआयना किया। इलेक्ट्रिसिटी इंस्पेक्टर ने इमारत की बेहद बारीकी से पड़ताल की।
सूत्रों ने कहा कि इस बात का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा कि बिल्डिंग में हादसे के समय कितना इलेक्ट्रिसिटी लोड चल रहा था। इसके अलावा बिल्डिंग में लगे बिजली के मीटर पर कितना लोड मंजूर था। माना जा रहा कि तय लोड से यदि ज्यादा लोड चल रहा था तो आग की संभावना बनी हुई थी।
वहीं मामले की जांच कर रही टीम के एक अधिकारी ने बताया कि अभी तक की जांच में यह पता चला कि आग इमारत के पिछले हिस्से में दूसरी मंजिल की बालकनी से शुरू हुई। आशंका है कि यहीं पर एसी ब्लास्ट हुआ और आग ऊपरी मंजिलों की ओर बढ़ी। बाद में हादसे में कई लोगों की जान चली गई। दूसरी ओर नगर निगम की टीम ने इमारत में हुए अवैध निर्माण की जानकारी जुटाने के लिए पहुंची थीं। टीम ने पूरी इमारत का बारीकी से निरीक्षण किया। जांच के दौरान पता चला कि बिल्डर ने स्टिल्ट पार्किंग के अलावा अवैध रूप से इमारत में बेसमेंट का भी निर्माण किया था। इसके अलावा अवैध रूप से पीछे की बालकनी को लोहे का जाल लगाकर कवर किया गया था।
आज आएगी दिल्ली की फायर सर्विस टीम
पुलिस सूत्रों के मुताबिक मंगलवार को जांच में शामिल होने के लिए दिल्ली फायर सर्विस की टीम को भी बुलाया गया था। किसी कारण टीम मौके पर नहीं पहुंची। सूत्रों का कहना है कि बुधवार को दमकल की टीम अपनी जांच के लिए आएगी। मंगलवार को क्राइम टीम के अधिकारी एक बार फिर जांच के लिए मौके पर पहुंचे। शाहदरा जिला के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने कहा कि आग के सही कारणों का पता करने में अभी कुछ और दिन का समय लगेगा। एफएसएल के अलावा दूसरे विभाग अपनी-अपनी रिपोर्ट बनाकर पुलिस को सौपेंगे। इसके बाद ही आग की वजहों तक पहुंचा जा सकेगा। जांच के बाद ही इमारत को दोबारा से रहने के लिए खोला जाएगा।
हादसे में चली गई थी नौ लोगों की जान : विवेक विहार के पॉश एरिया बी-ब्लॉक में रविवार तड़के एक चार मंजिला मकान में आग लग गई थी। हादसे में एक ही परिवार के पांच लोगों समेत कुल 9 लोगों की जान चली गई। करीब छह लोग जख्मी हो गए। पुलिस व दमकल की टीम ने 15 लोगों को ऊपरी मंजिलों से सुरक्षित निकाला। आग लगने के पीछे एसी ब्लास्ट को बताया जा रहा है। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।
जांच दल को इमारत में यह मिली खामियां
- पूरी इमारत में आने-जाने के लिए एक ही जीने (सीढ़ियों) का इस्तेमाल
- सीढ़ियों की चौड़ाई कम, उसमें ममटी के पास कोई वेंटिलेशन भी नहीं
- इमारत में स्टिल्ट पार्किंग के साथ बेसमेंट और ऊपर चार मंजिलों का अवैध निर्माण
- सीढ़ियों को पार्किंग के बीचों-बीच बनाया गया, पार्किंग में आग लगने ऊपर के लोग फंसे
- पूरी इमारत में आग से बचाव के कोई इंतजाम नहीं, न कोई सिलिंडर न कोई पानी का टैंक
- पूरी इमारत में वुड वर्क और पीवीसी मेटेरियल का हुआ था भरपूर इस्तेमाल
- इमारत की पिछले साइड की बालकनी को पहली मंजिल से ऊपरी मंजिल तक लोहे का जाल लगाकर किया पैक
- ममटी पर लगा मिला ताला, ममटी के दरवाजे पर कभी ताला नहीं लगाया जाता
- इमारत में ज्यादातर दरवाजों पर लगे थे सेंट्रल लॉक, बिजली जाते ही हो गए बंद
- इमारत में बिजली का जरूरत से ज्यादा लोड, 30 से ज्यादा लगे थे एसी
विवेक विहार अग्निकांड के बाद एमसीडी सख्त, अवैध निर्माण के खिलाफ शुरू होगा बड़ा अभियान
विवेक विहार में बहुमंजिला इमारत में भीषण आग लगने से नौ लोगों की मौत के बाद एमसीडी ने बड़ा फैसला लिया है। एमसीडी अब राजधानी भर में अवैध निर्माण के खिलाफ सख्त अभियान शुरू करेगी। दरअसल विवेक विहार में घटना की शुरुआती जांच में सामने आया कि भवन में नियमों की अनदेखी और अवैध निर्माण के चलते ही आग तेजी से फैली, जिससे बड़ा हादसा हुआ।
अधिकारियों के अनुसार, कई इमारतों में बिना स्वीकृति अतिरिक्त निर्माण किया जाता है। ऐसे निर्माण न केवल कानून का उल्लंघन हैं, बल्कि लोगों की जान के लिए भी खतरा बनते हैं। इसी को देखते हुए अब विशेष अभियान चलाकर ऐसे निर्माणों की पहचान और कार्रवाई होगी। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि विवेक विहार की घटना ने सिस्टम की कई खामियों को उजागर किया है।
प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट संकेत मिले कि बिल्डिंग में निर्माण तय मानकों के अनुरूप नहीं था। उन्होंने बताया कि अब सभी जोनों में सर्वे कराया जाएगा, जिसमें खासतौर पर घनी आबादी वाले इलाकों और संकरी गलियों में बने भवनों की जांच होगी। जहां भी अवैध निर्माण या सुरक्षा मानकों की अनदेखी पाई जाएगी, वहां तुरंत सीलिंग और ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारी ने यह भी कहा कि कई मामलों में बिल्डिंग मालिक व्यवसायिक उपयोग के लिए रिहायशी भवनों का गलत इस्तेमाल करते हैं, जिससे जोखिम और बढ़ जाता है। हम ऐसे मामलों पर भी नजर रखी जाएगी। एमसीडी ने स्पष्ट किया कि आने वाले दिनों में यह अभियान शुरू होगा, ताकि राजधानी में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
- व्हाट्स एप के माध्यम से हमारी खबरें प्राप्त करने के लिए यहाँ क्लिक करें।
- टेलीग्राम के माध्यम से हमारी खबरें प्राप्त करने के लिए यहाँ क्लिक करें।
- हमें फ़ेसबुक पर फॉलो करें।
- हमें ट्विटर पर फॉलो करें।
———-
🔸 स्थानीय सूचनाओं के लिए यहाँ क्लिक कर हमारा यह व्हाट्सएप चैनल जॉइन करें।
Disclaimer: This story is auto-aggregated by a computer program and has not been created or edited by Ghaziabad365 || मूल प्रकाशक ||



