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    <strong>adhik maas 2026: </strong>इस ज्येष्ठ मास 2026 में एक अद्भुत अधिक मास का संयोग बन रहा है, जो सभी धर्मप्रेमियों के लिए बेहद खास है। इस मास में कुल 8 बड़े मंगल होंगे, हमारे जीवन, स्वास्थ्य, व्यवसाय और संबंधों पर भी गहरा प्रभाव डालते हैं। अधिक मास या Adhik Maas को हिन्दू पंचांग में विशेष महत्व दिया गया है। इसे धार्मिक अनुष्ठानों, व्रतों और पूजा-पाठ के लिए शुभ माना जाता है। यही कारण है कि इस मास में किए जाने वाले कर्म और दान का फल कई गुना अधिक होता है।<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/religious-article/jyeshtha-month-dos-and-donts-2026-126050200005_1.html" target="_blank">Jyeshtha Month 2026: ज्येष्ठ माह में क्या करें और क्या नहीं?</a></strong>

     
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    1. ज्येष्ठ माह और &#039;बड़े मंगल&#039; का संबंध</h3>

    हिंदू पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ मास के सभी मंगलवार को &#039;बड़ा मंगल&#039; या &#039;बुढ़वा मंगल&#039; कहा जाता है। मान्यता है कि इसी माह में हनुमान जी की मुलाकात प्रभु श्री राम से हुई थी। साथ ही, भीम का गर्व चूर करने के लिए हनुमान जी ने इसी महीने में वृद्ध वानर का रूप धारण किया था, इसलिए इसे &#039;बुढ़वा मंगल&#039; भी कहते हैं।

     
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    2. अधिक मास (पुरुषोत्तम मास) का प्रभाव</h3>

    जब ज्येष्ठ माह में अधिक मास जुड़ जाता है, तो महीनों की अवधि बढ़ जाती है। इसी कारण इस बार मंगलवारों की संख्या सामान्य से बढ़कर 8 हो गई है।

     

    <strong>महत्व और जानें 8 बड़े मंगल का फल: किसे क्या मिलेगा: </strong>अधिक मास के स्वामी भगवान विष्णु हैं और ज्येष्ठ के मंगल के आराध्य हनुमान जी (शिव अवतार) हैं। इस संयोग में पूजा करने से हरि (विष्णु) और हर (महादेव/हनुमान) दोनों की कृपा एक साथ प्राप्त होती है। 

     

    <strong>भक्तों के लिए:<span style="white-space:pre"> </span></strong>हनुमान जी की विशेष साधना से &#039;अष्ट सिद्धि और नौ निधि&#039; की प्राप्ति की राह आसान होती है।

     

    <strong>ग्रह दोष</strong>: कुंडली में मंगल दोष और शनि की ढैया/साढ़ेसाती के प्रभाव को कम करने के लिए यह सर्वोत्तम समय है।

     

    <strong>संकट मुक्ति: </strong>8 मंगल का अर्थ है- निरंतर 8 सप्ताह तक संकटमोचन की आराधना, जो पुराने रोगों और ऋण (कर्ज) से मुक्ति दिलाती है।

     
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    इस अद्भुत संयोग में क्या करें?</h3>

    <strong>सुंदरकांड का पाठ: </strong>इन आठों मंगलवार को सुंदरकांड या हनुमान चालीसा का पाठ करना विशेष फलदायी है।

     

    <strong>चोला अर्पण: </strong>हनुमान जी को सिंदूर और चमेली के तेल का चोला चढ़ाएं।

     

    <strong>भंडारा और दान:</strong> बड़े मंगल पर गुड़, चना और ठंडे पानी का दान करना सबसे पुण्यकारी माना जाता है।

     

    <strong>पीपल पूजन: </strong>अधिक मास होने के कारण पीपल के पेड़ के नीचे दीप दान करें, जिससे पितृ दोष और मानसिक अशांति दूर होती है।

     

    <strong>विशेष नोट: </strong>यह समय &#039;संकल्प&#039; लेने के लिए सर्वश्रेष्ठ है। यदि आप किसी विशेष कार्य की सिद्धि चाहते हैं, तो इन 8 मंगलवारों का व्रत या विशेष अनुष्ठान आपके जीवन के बड़े अवरोधों को हटा सकता है।

     

    अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/jay-hanuman/bada-mangal-2026-dates-126050100016_1.html" target="_blank">Bada Mangal Dates: ज्येष्ठ माह में कब-कब रहेगा बड़ा मंगल, जानें संपूर्ण तिथियां</a></strong>

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