Special Friendship Of Bollywood: हिंदी सिनेमा में कई जोड़ियां पर्दे पर सुपरहिट रहीं, लेकिन कुछ रिश्ते ऐसे भी थे जो पर्दे के पीछे उतने ही जटिल और दिलचस्प थे. दिग्गज सदाबहार एक्ट्रेस आशा पारेख के साथ इस एक्टर का रिश्ता भी कुछ ऐसा ही था. दोनों ने साथ में कई फिल्मों में काम किया, लेकिन उनके बीच दोस्ती, नाराजगी, सम्मान और अपनापन… सबकुछ देखने को मिला. आशा पारेख ने इस हीरो को सुपरस्टार बनाया. जानते हैं ये कौन सुपरस्टार हैं और क्यों आखिर दोनों के बीच झगड़ा हुआ.
नई दिल्ली. बॉलीवुड में कई रिश्ते आए और वक्त के साथ खत्म हो गए, लेकिन एक दोस्ती ऐसी भी रही जिसने नाराजगी, अहंकार और लंबे सन्नाटे के बावजूद अपना रंग नहीं खोया. उस दौर की सुपरस्टार एक्ट्रेस ने एक संघर्ष कर रहे हीरो का हाथ थामा, उसे फिल्मों में मौका दिलाया और हमेशा उसके टैलेंट पर भरोसा किया. वक्त बदला, दोनों बड़े सितारे बने, लेकिन एक शूटिंग के दौरान हुई छोटी-सी बात ने रिश्ते में ऐसी दूरी ला दी कि बातचीत तक बंद हो गई. फिर भी दिलों के दरवाजे कभी पूरी तरह बंद नहीं हुए. साल गुजरते गए, फिल्में बदलीं, जिंदगी आगे बढ़ी, लेकिन दोनों के बीच का अपनापन कहीं न कहीं जिंदा रहा. यही वजह है कि करीब 60 साल बाद भी इस दोस्ती के किस्से बॉलीवुड के सबसे खास रिश्तों में गिने जाते हैं.
बॉलीवुड में कई ऐसी जोड़ियां हुई हैं, जिनके बीच कामकाजी रिश्ता भले ही उतार-चढ़ाव भरा रहा हो, लेकिन निजी दोस्ती सालों तक बरकरार रही. ऐसी ही अद्भुत जोड़ी रही दिग्गज एक्ट्रेस आशा पारेख और ‘भारत कुमार’ के नाम से मशहूर मनोज कुमार की. मनोज कुमार और आशा पारेख का रिश्ता काफी शुरुआती दौर का है. दोनों ने करियर के शुरुआती दौर में यानी 1950 के दशक के अंत में फिल्मों में काम करना शुरू कर दिया था. लेकिन उस समय तक आशा पारेख पहले से ही एक बड़ा स्टार बन चुकी थीं. मनोज कुमार उस वक्त काफी हद तक अनजान थे, लेकिन आशा को उनकी प्रतिभा पर भरोसा था. फोटो साभार-@IMDb
आशा पारेख ने अपने प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए साल 1962 में आई फिल्म ‘अपना बनाके देखो’ में मनोज कुमार को हीरो के तौर पर साइन किया. इस फिल्म के दौरान उन्होंने मनोज कुमार के लेखन और निर्देशन में रुचि रखने पर उन्हें प्रोत्साहित भी किया. हालांकि, यह फिल्म कुछ खास नहीं चल पाई, लेकिन आशा पारेख ने मनोज कुमार पर अपना भरोसा बनाए रखा और उनके साथ दोबारा काम करने को हामी भर दी. फोटो साभार-@IMDb
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साल 1966 में ‘दो बदन’ आई, जो सुपरहिट रही. इस फिल्म की सफलता के बाद दोनों की जोड़ी को दर्शकों ने काफी पसंद किया. ‘दो बदन’ की सफलता के बाद मनोज कुमार आशा पारेख की अदाकारी से काफी प्रभावित हुए. इसी फिल्म के बाद मनोज कुमार इंडस्ट्री में मजबूत पहचान बनाने लगे.
आशा पारेख की अभिनय क्षमता से मनोज कुमार इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने अपनी महत्वाकांक्षी फिल्म ‘उपकार’ (1967) में उन्हें कास्ट किया. इस फिल्म में मनोज कुमार सिर्फ अभिनेता ही नहीं थे, बल्कि लेखक और निर्देशक की जिम्मेदारी भी संभाल रहे थे. लेकिन यहीं से दोनों के रिश्ते में खटास आ गई. आईएमडीबी ट्रिविया मुताबिक, फिल्म की शूटिंग के दौरान एक सुबह बहुत जल्दी सीन फिल्माया जा रहा था और कई टेक्स लिए जा रहे थे. आशा पारेख ने जब ज्यादा टेक्स को लेकर शिकायत की तो मनोज कुमार ने उन्हें चुप रहने के लिए कह दिया. यह बात आशा को बहुत बुरी लगी और आशा पारेख और मनोज कुमार के बीच कोल्ड वार छिड़ गई थी. फोटो साभार-@IMDb
आशा नाराज इतना नाराज हो गईं और सेट पर उनसे बात करना बंद कर दिया. इसके बावजूद मनोज कुमार ने फिल्म में आशा को बेहद खूबसूरत दिखाया. फिल्म रिलीज हुई तो ‘उपकार’ सुपरहिट रही. राष्ट्रवादी फिल्म के रूप में इसे याद किया जाता है. आशा पारेख फिल्म के प्रीमियर पर भी नहीं आईं, लेकिन फिल्म की सफलता से वह काफी खुश थीं. मनोज कुमार से भले आशा न कर रही हों, लेकिन बीच के दिनों में भी आशा ने मनोज और उनकी पत्नी शशि के साथ अपनी प्राइवेट दोस्ती को जिंदा रखा. फोटो साभार-@IMDb
आखिरकार दोनों की आखिरी फिल्म ‘साजन’ (1969) के दौरान उनके बीच बातचीत फिर से शुरू हुई. साल 2009 में आशा पारेख ने मनोज कुमार को ‘बहुत ही इंटेलिजेंट इंसान’ बताया था. साल 2012 में वह तस्वीर आई, जिसने सबको हैरान कर दिया. अक्टूबर 2012 में आशा पारेख के 70वें बर्थडे बैश में दिग्गज अभिनेता मनोज कुमार भी शामिल हुए. खबरों के मुताबिक, उन्होंने आशा पारेख का हाथ थामकर उन्हें बर्थडे विश किया. यह इतना बड़ा मुद्दा बन गया क्योंकि मनोज कुमार अपनी पत्नी शशि के प्रति सम्मान दिखाने के मद्देनजर हमेशा अपनी हीरोइनों से दूरी बनाकर रखने के लिए जाने जाते थे. ऐसे में सार्वजनिक रूप से हाथ पकड़ना बहुत बड़ी बात समझी गई.
साल 2017 में मनोज कुमार ने बेहद खुलकर इस रिश्ते के बारे में बताया था. उन्होंने कहा था, ‘आशा वह एकमात्र शख्स थीं, जिन्होंने दिल्ली में मेरी शादी की रात फोन करके मुझे शुभकामनाएं दीं और शशि (उनकी पत्नी) और मुझे मुंबई में लंच के लिए आमंत्रित किया.’ फोटो साभार-@IMDb
उन्होंने खुलासा किया था कि दशकों बाद भी उनकी पत्नी और आशा आपस में दोस्त बनी हुई थीं और वह परिवार की तरह हैं. मनोज कुमार ने आगे कहा था कि आशा फ्रेम में न सिर्फ खूबसूरत लगती थी, बल्कि वह दिल से भी उतनी ही खूबसूरत थीं. यही वजह है कि आशा पारेख और मनोज कुमार का रिश्ता बॉलीवुड के सबसे अनोखे रिश्तों में गिना जाता है. जहां सेट पर बहसें हुईं, बातचीत बंद हुई, लेकिन सम्मान और दोस्ती कभी खत्म नहीं हुई. फोटो साभार-@IMDb
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