-लापरवाही बर्दाश्त नहीं, जनता को समयबद्ध समाधान देना प्राथमिकता: विक्रमादित्य सिंह मलिक
-शहर के अलग-अलग इलाकों से पहुंचे नागरिक, समस्याएं रखीं सीधे नगर आयुक्त के सामने
-शहरभर से पहुंचे नागरिकों ने रखीं समस्याएं, 10 मामलों पर मौके से शुरू हुई कार्रवाई
-निर्माण, जलकल, टैक्स, अतिक्रमण और संपत्ति से जुड़े मुद्दों पर अधिकारियों की जवाबदेही तय
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। नगर निगम मुख्यालय में आयोजित ‘संभव’ जनसुनवाई कार्यक्रम में मंगलवार को नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने जनसमस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि नागरिकों की शिकायतों का निस्तारण तय समय सीमा में किया जाए। जनसुनवाई के दौरान शहर के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे लोगों ने अपनी समस्याएं सीधे नगर आयुक्त के समक्ष रखीं, जिस पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश जारी किए गए। नगर निगम द्वारा आयोजित इस जनसुनवाई कार्यक्रम का उद्देश्य नागरिकों और प्रशासन के बीच सीधा संवाद स्थापित करना तथा लंबित समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना रहा। कार्यक्रम में शिबनपुरा, भोपुरा, राजनगर एक्सटेंशन, कौशांबी और दौलतपुरा सहित विभिन्न क्षेत्रों के नागरिकों ने भाग लेकर स्थानीय समस्याओं, विकास कार्यों तथा सुविधाओं से संबंधित सुझाव और शिकायतें प्रस्तुत कीं। जनसुनवाई के दौरान कुल 10 संदर्भ प्राप्त हुए, जिनमें निर्माण विभाग से जुड़े दो मामले, टैक्स विभाग के दो प्रकरण, जलकल विभाग से संबंधित तीन शिकायतें, अतिक्रमण का एक मामला, संपत्ति संबंधी एक प्रकरण तथा उद्यान विभाग से जुड़ा एक संदर्भ शामिल रहा। नगर आयुक्त ने सभी मामलों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को मौके पर ही आवश्यक कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए।
नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने स्पष्ट कहा कि जनता की समस्याओं का समाधान नगर निगम की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि शिकायतों को केवल औपचारिकता के रूप में न लिया जाए, बल्कि जमीनी स्तर पर जाकर समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि नागरिकों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने की स्थिति समाप्त करना प्रशासन की जिम्मेदारी है। जनसुनवाई के दौरान जल आपूर्ति, सीवर व्यवस्था, कर निर्धारण, अवैध अतिक्रमण और पार्कों के रखरखाव से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। नगर आयुक्त ने जलकल विभाग को विशेष रूप से निर्देश दिए कि गर्मी के मौसम को देखते हुए जलापूर्ति संबंधी शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाए। वहीं निर्माण विभाग को लंबित विकास कार्यों की समीक्षा कर उन्हें समयबद्ध पूरा करने को कहा गया।
अतिक्रमण संबंधी शिकायत पर नगर आयुक्त ने प्रवर्तन टीम को तत्काल निरीक्षण कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक मार्गों और सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। साथ ही संपत्ति से जुड़े विवादों के मामलों में पारदर्शिता बनाए रखने और नागरिकों को स्पष्ट जानकारी उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया। कार्यक्रम में अपर नगर आयुक्त अवनींद्र कुमार, प्रभारी संपत्ति पल्लवी सिंह, मुख्य कर निर्धारण अधिकारी एस.के. राय तथा उद्यान प्रभारी डॉ. अनुज कुमार सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि प्राप्त शिकायतों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए और प्रगति रिपोर्ट नगर आयुक्त कार्यालय को उपलब्ध कराई जाए।
नगर आयुक्त ने कहा कि ‘संभव’ जनसुनवाई केवल शिकायत सुनने का मंच नहीं, बल्कि समाधान देने की प्रभावी व्यवस्था है। उन्होंने अधिकारियों से अपेक्षा जताई कि वे फील्ड विजिट बढ़ाएं और नागरिकों की समस्याओं को जमीनी स्तर पर समझकर उनका स्थायी समाधान निकालें। जनसुनवाई में पहुंचे नागरिकों ने भी नगर निगम प्रशासन द्वारा सीधे संवाद और त्वरित कार्रवाई की पहल की सराहना की। नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की नियमित जनसुनवाई से प्रशासनिक पारदर्शिता बढ़ेगी और शहर के विकास कार्यों को गति मिलेगी। नगर निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आगामी दिनों में भी ‘संभव’ कार्यक्रम के माध्यम से जनसमस्याओं का निरंतर समाधान किया जाता रहेगा, ताकि गाजियाबाद को स्वच्छ, व्यवस्थित और नागरिक सुविधाओं से परिपूर्ण शहर बनाया जा सके।
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