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साउथ के सुपरस्टार और अब राजनेता विजय ने अपनी फिल्म ‘पुली’ के दौरान मिली फीस में से कुछ पर टैक्स नहीं भरा था. बाद में इनकम टैक्स विभाग ने छापेमारी की और उनपर 1.5 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया. केस साल 2015 का है, जब IT विभाग की छापेमारी में पता चला था कि विजय ने करोड़ों रुपये नकद लिए थे, जिस पर टैक्स नहीं दिया गया था.

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विजय.

तमिलनाडु की राजनीति में आज एक ही नाम की सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है और वह हैं अभिनेता से नेता बने विजय (Vijay). राज्य के विधानसभा चुनावों में उनकी पार्टी Tamizhaga Vettri Kazhagam (टीवीके) ने जिस तरह से डीएमके (DMK) और एआईडीएमके (AIADMK) जैसे बड़े खिलाड़ियों को पीछे छोड़कर बढ़त बनाई है, उसने सबको हैरान कर दिया है. लेकिन जीत की इस खुशी के बीच हम आपको विजय से जुड़ा एक इनकम टैक्स का विवाद बता रहे हैं. यह मामला उनकी फिल्म पुली (Puli) की फीस और उस पर लगने वाले टैक्स से जुड़ा है.

बता दें कि तमिलनाडु चुनावों में विजय की पार्टी टीवीके 107 सीटों पर आगे चल रही है, जबकि DMK 72 और AIADMK केवल 55 सीटों पर आगे चल रही है. विजय की पार्टी अभी तक सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, हालांकि बहुमत का आंकड़ा 118 है. चलिए उनके जुड़े टैक्स विवाद के बारे में पूरी जानकारी देते हैं.

कहानी की शुरुआत करीब 10 साल पहले हुई थी. 30 सितंबर 2015 को जब फिल्म पुली रिलीज होने वाली थी, ठीक उससे पहले इनकम टैक्स विभाग के अधिकारियों ने विजय और फिल्म के प्रोड्यूसर्स के ठिकानों पर छापेमारी की थी. जांच में अधिकारियों को कुछ ऐसे कागजात मिले जिनसे पता चला कि विजय को इस फिल्म के लिए तगड़ी रकम मिली थी. प्रोड्यूसर्स ने उन्हें करीब 16 करोड़ रुपये चेक के जरिए दिए थे और लगभग 4.93 करोड़ रुपये नकद यानी कैश में दिए थे. कुल मिलाकर यह फीस 21 करोड़ रुपये के आसपास थी. उस वक्त विजय ने छापेमारी के दौरान खुद यह बात मानी थी कि उन्होंने यह पैसा लिया है और वह इस पर टैक्स देने के लिए तैयार हैं.

टैक्स की हेराफेरी और भारी-भरकम जुर्माना

गड़बड़ी यह थी कि चेक से मिले पैसों पर तो टैक्स काट लिया गया था, लेकिन करीब 5 करोड़ रुपये, जो नकद मिले थे, उस पर कोई टैक्स नहीं दिया गया था. जब इनकम टैक्स विभाग ने उन पर शिकंजा कसा, तो विजय ने बाद में अपना टैक्स रिटर्न दोबारा भरा और अपनी कुल कमाई 35.42 करोड़ रुपये बताई.

लेकिन इनकम टैक्स विभाग का तर्क था कि विजय ने यह जानकारी अपनी मर्जी से नहीं दी थी, बल्कि छापेमारी में पकड़े जाने के बाद मजबूरी में दी थी. इसी वजह से विभाग ने उन पर छुपाई गई रकम का 10 प्रतिशत यानी 1.5 करोड़ रुपये का जुर्माना लगा दिया. विजय इस जुर्माने के खिलाफ कोर्ट चले गए थे, लेकिन फरवरी 2026 में मद्रास कोर्ट ने साफ कर दिया कि उन्हें यह जुर्माना भरना ही होगा.

विरोधियों के तीखे वार

यह कानूनी झटका विजय के लिए ऐसे समय पर आया है जब वह अपनी नई पार्टी के साथ तमिलनाडु की सत्ता के शिखर की ओर बढ़ रहे हैं. चुनावी रुझानों में उनकी पार्टी ने बड़े-बडे़ दिग्गजों के पसीने छुड़ा दिए हैं और वह काफी आगे चल रहे हैं. विजय की पूरी राजनीति ‘भ्रष्टाचार के खिलाफ’ और ‘ईमानदारी’ के एजेंडे पर टिकी है. लेकिन विरोधियों ने इसी के बहाने विजय पर हेराफेरी के आरोप भी लगाए.

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Malkhan Singh

मलखान सिंह पिछले 17 वर्षों से ख़बरों और कॉन्टेंट की दुनिया में हैं. प्रिंट मीडिया से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई नामी संस्थानों का नाम प्रोफाइल में जुड़ा है. लगभग 4 साल से News18Hindi के साथ काम कर रहे …और पढ़ें

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