Bhagalpur Public Opinion: भागलपुर की लाइफलाइन विक्रमशिला सेतु का स्लैब क्षतिग्रस्त होने से कोसी-सीमांचल का संपर्क टूट गया है. पुल ठप होने से भागलपुर में 1975 जैसा मंजर लौट आया है. जहां लोग जान जोखिम में डाल ओवरलोडेड नावों के सहारे गंगा पार करने को मजबूर हैं. 10 रुपये के सफर के लिए अब 100 रुपये वसूले जा रहे हैं. व्यापारिक ट्रकों को 100 किमी का अतिरिक्त चक्कर काटना पड़ रहा है. देखिए, बदहाली और प्रशासनिक अनदेखी पर क्या है जनता की राय.
भागलपुर: बिहार के कोसी और सीमांचल क्षेत्र की लाइफलाइन कहा जाने वाला विक्रमशिला सेतु आज खुद वेंटिलेटर पर है. पुल का एक स्लैब पूरी तरह क्षतिग्रस्त होने के कारण आवागमन ठप हो गया है. जिससे लाखों की आबादी प्रभावित हुई है. जो दूरी तय करने में पहले चंद मिनट लगते थे. अब वहां 5 किलोमीटर का सफर पूरा करने में 3 से 4 घंटे की मशक्कत करनी पड़ रही है. जानिए इसपर लोगों ने क्या कहा.
नाव के सहारे हो रहा है आवागमन
दरअसल, आपको बता दें कि इस पुल से लोग रोजाना लाखों की संख्या में सफर करते थे. लेकिन अब नाव से सफर कर रहे हैं. प्राइवेट नाव के सहारे लोग जान जोखिम में डाल कर सफर कर रहे हैं. जब इसको लेकर आवागमन करने वाले लोगों से बातचित की गई तो उन्होंने बताया कि देखिए हमलोगों की थोड़ी नहीं बहुत परेशानी बढ़ गयी है. सबसे पहले उस पर टोटो तो व गंगा में नाव वाले मनमाना तरीके से पैसा वसूल रहे हैं. इतनी दूर आने के लिए 100 रुपया दे रहे हैं. जबकि नवगछिया से भागलपुर जीरोमाइल बस से 10 रुपया देकर आ जाते थे.
नाव से यात्रा सेफ्टी नहीं, प्रशासन दे ध्यान
हमलोग रोज भागलपुर आकर कमाने खाने वाले लोग है. लेकिन जितनी दिन भर की कमाई होगी. उतना तो भारा ही लग जायेगा. वहीं कुछ लोगों ने बताया कि नाव में सेफ्टी नहीं है. अभी बीच गंगा में नाव का पम्प खराब हो गया. ऐसे में नाव ओवरलोड बिना सेफ्टी चल रही है. प्रशासन को इसपर ध्यान देना चाहिए. वहीं कुछ लोगों ने बताया की आज 1975 का दौर याद आ गया है. जब यहां बड़ी नाव चला करती थी. उसी से यहां आते जाते थे लेकिन जब से पुल बन गया था, तब से ये स्थिति नहीं देखी थी लेकिन अब पुनः वो स्थिति आ गई है. लेकिन अभी सेफ्टी पर ध्यान देने की आवश्यकता है.
व्यवसाय के दृष्टिकोण से काफी अहम
आपको बता दें कि ये पुल व्यवसाय के दृष्टिकोण से काफी अहम है. सबसे पहले रोजना नवगछिया से कई टन केला भागलपुर व सुल्तानगंज आता था. कई खुदरा व्यपारी यहां आते थे. दियारा क्षेत्र होने के कारण सब्जी की खेती होती है और बड़े पैमाने पर भागलपुर सब्जी आती थी. इतना ही नहीं रोजाना यहां से हजारों ट्रक कंस्ट्रक्शन मेटीरियल( स्टोन चिप्स, बालू, ईंट, सरिया, सीमेंट) लेकर आवागमन होता था. जिसको अब करीब 100 किलोमीटर घुमकर नवगछिया, पूर्णिया या अन्य कोसी क्षेत्र में जाना होगा. भागलपुर से मुंगेर 55 किलोमीटर व वहां से नवगछिया आने के लिए करीब 45 किलोमीटर आना होगा. ऐसे में इतनी अधिक दूरी तय करनी होगी.
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